कोविड-19 के खिलाफ भारत की लड़ाई में अदाणी परिवार तन, मन और धन के साथ शामिल

जयपुर, 5 अप्रैल (एजेन्सी)। हम देख रहे हैं कि आने वाला दौर मानव इतिहास को दो युगों में विभाजित कर देगा -कोविड-19 के प्रसार से पहले की दुनिया और प्रसार के बाद की बची हुई दुनिया। राष्ट्रों द्वारा आयोजित अनुशासित लॉकडाउन यानी तालाबंदी के रूप में निर्णायक वैश्विक कार्रवाइयों के सामने आने के बावजूद, यह वैश्विक महामारी मानव स्वास्थ्य के लिए चुनौती बनी हुई है। हालांकि हम हो चुके नुकसान को तो बदल नहीं सकते हैं, लेकिन हमारे द्वारा किये जा रहे तात्कालिक प्रयास इस मानवीय संकट की दिशा को निर्धारित करेंगे। कई दशकों या सदियों बाद जब हमारे बच्चे पीछे मुड़कर देखें, तो उन्हें हमारी दरियादिलीपर गर्व होना चाहिए कि विश्व के सबसे बडे लोकतंत्र के नागरिकों ने हार नहीं मानी थी। उन्हें पता होना चाहिए कि सभी भारतीय पूरे दमखम से लड़े और भारत की लड़ाई में सरकार के साथ एकजुट बने रहे। प्रयासों को बढ़ाना ही वक्त की जरूरत है क्योंकि भारत कोरोनावायरस प्रकोप के खिलाफ अपनी लड़ाई के निर्णायक चरण में पहुँच गया है। पिछले सप्ताह, अदाणी फाउंडेशन ने प्रधानमंत्री नागरिक सहायता और आपातकालीन स्थिति निधि (पीएम केयर्स फंड) में 100 करोड रुपये का योगदान दिया है। इस विकट परिस्थिति में केंद्र और राज्य सरकारें दृढनेतृत्व कर रही है और मुझे विश्वास है कि इससे जमीनी स्तर पर तत्काल मदद उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी। हमारे योगदान की घोषणा के एक दिन बाद, हमारे ग्रुप के कई मुख्य अधिकारी यह कहते हुए मेरे पास पहुँचे कि उनके पास कोविड-19 राहत प्रयासों की दिशा में योगदान करने के लिए कर्मचारियों के लगातार ईमेल आ रहे हैं। यहदिल को छू लेने वाला इशारा था। मैं भारत में अपने कार्यबल, अदाणी परिवार, का आभारी हूँ, जिसने कोविड 2019के खिलाफ लड़ाई में लगभग 4 करोड़ रुपये दिये हैं। हमारे 17,000 से अधिक कर्मठ साथियों के द्वारा प्रदर्शित एकजुटता के कारण ही यह संभव हुआ कि अदाणी फाउंडेशन ने और 4 करोड़ रुपये जोड़ा और भारत में कोविड-19 राहत परियोजनाओं के लिए सामूहिक रूप से 8 करोड़ रुपये का योगदान दिया। अदाणी परिवार के लोगो की दरियादिली और उनकी उम्दासोच राष्ट्र-निर्माण में हमारे विश्वास को बहाल करती है, जो ‘गुडनेस के साथ ग्रोथÓ की हमारी मूल सोच से संचालित होता है।

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