आंध्र प्रदेश के विजाग में गैस रिसाव से 11 की मौत, 5 गांव प्रभावित

11 killed, 5 villages affected by gas leak in Vizag, Andhra Pradesh
11 killed, 5 villages affected by gas leak in Vizag, Andhra Pradesh

विशाखापट्टनम , 7 मई (एजेन्सी)। आंध्र प्रदेश के विजाग में गुरुवार तड़के एक केमिकल यूनिट में गैस रिसाव के बाद एक नाबालिग सहित 11 लोगों की मौत हो गई और 70 से अधिक लोग बेहोश हो गए। गोपालपट्टनम के पास आरआर वेंकटपुरम में स्थित एलजी पॉलिमर यूनिट में गुरुवार तड़के करीब 2.30 बजे गैस रिसाव के कारण एक 8 साल की बच्ची की मौत हो गई, जबकि एक व्यक्ति की कुएं में कूदने के चलते जान चली गई। एक अन्य व्यक्ति अपने घर की बालकनी से गिर गया। वहीं आस-पास के पांच गांव गैस रिसाव के चलते प्रभावित हुए हैं। इस दुर्घटना ने साल 1984 की भोपाल गैस त्रासदी की याद दिला दी है।विशाखापट्टनम की गलियों और अस्पतालों में लोग दहशत में नजर आए। सांस लेने में तकलीफ और आंखों में जलन की शिकायत के बाद लोगों को विभिन्न अस्पतालों में इलाज के लिए भर्ती कराया गया है। ग्रेटर विशाखापट्टनम नगर निगम के अधिकारियों ने कहा, गकोरोनावायरस महामारी की रोकथाम के मद्देनजर लागू लॉकडाउन के कारण बंद हुई रासायनिक इकाई को गुरुवार सुबह फिर से शुरू किया गया। कुछ समय बाद टैंकों में संग्रहीत गैस लीक होने लगी और 3 किलोमीटर के दायरे में फैल गई। अधिकारियों के अनुसार, स्टाइरीन और पेंटाइन गैसें संभवत: दुर्घटना का कारण बनीं। सुबह कई स्थानों पर जहां एक ओर लोग बेहोश पड़े दिखे, तो वहीं सड़क किनारे मृत मवेशी भी नजर आए। बच्चों को कंधे पर रखकर घबराए लोग अस्पतालों की ओर भागे। एंबुलेंस ने इलाके से बेसुध हुए 70 लोगों को किंग जॉर्ज अस्पताल पहुंचाया। भर्ती हुए मरीजों में बड़ी संख्या में बच्चे शामिल हैं।प्रत्यक्षदर्शियों ने कहा, गघटना सुबह करीब 2.30 बजे हुई। आसपास के क्षेत्रों में लोग अपने घरों में सो रहे थे। तभी अचानक उन्हें सांस लेने में तकलीफ, भयानक खुजली और आंखों में जलन महसूस होनी शुरू हुई। दहशत में आकर लोग अपने घरों से बाहर भागे, लेकिन गैस रिसाव के कारण हवा जहरीली हो गई, जिससे वह बेसुध हो गए। इस दौरान कई मवेशी और पशु भी जहरीली गैस की चपेट में आ गए। एक अधिकारी ने कहा, गसंयंत्र के लोगों ने तुरंत अधिकारियों को सतर्क करते हुए इस बाबत जानकारी दी, जिसके तुरंत बाद जिला प्रशासन कार्रवाई में जुट गया और त्रासदी का प्रभाव कुछ हद तक कम किया जा सका।
केमिकल यूनिट के आसपास के 3 किलोमीटर के दायरे में इलाके के लोगों को वहां से हटाया गया है। 7 हजार 500 के करीब जिन लोगों को अपना घर खाली करना पड़ा है, उनके लिए भोजन सहित अन्य सभी व्यवस्था की गई है।प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह इस बारे में सभी जानकारियां ले रहे हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने हालात को भांपने के लिए राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एनडीएमए) की एक आपातकालीन बैठक बुलाई है। राज्य के मुख्यमंत्री वाई.एस जगन मोहन रेड्डी स्थिति पर बारीकी से नजर बनाए हुए हैं। जिला प्रशासन को तत्काल कदम उठाने और सहायता प्रदान करने के निर्देश दिए गए हैं। मुख्यमंत्री विजाग में स्थिति का जायजा लेने जाएंगे। यहां वह अस्पताल का दौरा कर प्रभावितों का हालचाल पूछेंगे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्वीट कर कहा कि उन्होंने गृह मंत्रालय के अधिकारियों से बात की है। वहीं, केंद्रीय गृह राल्य मंत्री जी. किशन रेड्डी भी स्थिति की निगरानी कर रहे हैं। अधिकारियों ने कहा, गरिसाव को बंद कर दिया गया है। यह गैस तेजी से फैलती है और इसलिए अब मरने वालों की संख्या में उगेखनीय वृद्धि की संभावना नहीं है। एलजी पॉलिमर भारत की पॉलीस्टाइन और एक्सपेंडेबल पॉलीस्टाइनिन की लीडिंग मैन्युफैक्च रर में से एक है। दक्षिण कोरियाई समूह एलजी केमिकल के हिस्से वाली मुंबई स्थित एलजी पॉलिमर इंडिया विशाखापट्टनम में स्थित संयंत्र का स्वामित्व करती है।

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