37 वां भारत अंतरराष्ट्रीय व्यापार मेला में राजस्थान पवेलियन का उद्घाटन

जयपुर, 14 नवम्बर (कासं.)। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद द्वारा उद्धाटित चौदह दिवसीय 37 वें भारत अंतरराष्ट्रीय व्यापार मेले में मंगलवार को अपरान्ह राजस्थान पवेलियन का केन्द्रीय वाणिज्य एवं उद्योग ,खाद्य व उपभोक्ता तथा नागरिक आपूर्ति्त राज्य मंत्री सी आर चौधरी ने फीता काट और दीप प्रज्वलित कर उद्धघाटन किया। इस मोके पर राजस्थान लघु उद्योग निगम के अध्यक्ष मेघराज लोहिया ने उनका राजस्थानी परम्परानुसार साफा पहना कर स्वागत किया। लोहिया ने राजस्थानी शैली में सजाये गये मण्डप का अवलोकन करवाते हुए बताया कि मंडप के मुख्य गेट को जयपुर के आमेर महल के गणेश पोल और थींम एरिया को जयपुर सिटी पैलेस संग्रहालय के चंद्रमहल झरोखे की प्रतिकृति के रूप में बनाया गया है। चौधरी ने राजस्थान मंडप में लगे 50 प्रदर्शनी स्टाल्स का अवलोकन किया व प्रत्येक स्टाल पर उद्यमियों से वार्ता की। उन्होंने राजकीय विभागों ,उपक्रमों एवं अन्य प्रदर्शनी स्टॉल्स, पर्यटन, महिला एवं बाल विकास, रूडा, हैंडलूम, खादी ग्रामोद्योग भी देखे व विशिष्ठ दर्शक पंजिका पर हस्ताक्षर किए । इस मौके पर राजस्थान मंडप के निदेशक रवि अग्रवाल ने बताया कि भारत व्यापार संवर्धन संगठन (आईटीपीओ) द्वारा इस वर्ष राजस्थान सहित अन्य राज्यों के मंडपो के साथ हैंगर नंबर- 15(झील के पास,हंस ध्वनि थिएटर के पीछे ) लगाया गया है । मंडप निदेशक ने बताया कि नई दिल्ली के प्रगति मैदान में 14 से 27 नवंबर तक आयोजित हो रहे अंतरराष्ट्रीय व्यापार मेले की इस वर्ष की थीम स्टार्ट अप इंडिया- स्टैंड अप इंडिया है। मंडप को इस थींम के अनुरूप विकसित किया गया है। केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री सुरेश प्रभु ने किया अवलोकन अपरान्ह बाद केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री सुरेश प्रभु ने भी राजस्थान मंडप का अवलोकन किया।
उन्होंने मंडप की दीर्घाओं को देख उनकी सराहना की।

राजस्थान संगीत की डिजिटल पेन ड्राइव का लोकार्पण : केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग राज्य मंत्री सी आर चौधरी और राजस्थान लघु उद्योग निगम के अध्यक्ष मेघराज लोहिया ने अंतरराष्ट्रीय व्यापार मेला में आज मंगलवार को राजस्थान मंडप में राजस्थान संगीत की डिजिटल पेन ड्राइव का लोकार्पण भी किया। इस अवसर पर वीणा संगीत के प्रबंध निदेशक हेमजीत मालू ने बताया कि एक पेन ड्राइव में करीब 150 लोकगीत है। चौधरी ने बताया कि राजस्थान का संगीत बेजो? है और इसे और समृद्ध बनाने में वीणा संगीत का योगदान अतुलनीय है।

 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *