7 से 9 जनवरी तक मचेगी अरथुना-माही फेस्टिवल की धूम

जिला दर्शन व अरथुना से होगा महोत्सव का आगाज

बांसवाड़ा 30 दिसम्बर (एजेन्सी)। कला-संस्कृति और ऐतिहासिक-सांस्कृतिक विरासत के साथ नैसर्गिक सौंदर्यश्री को अपने आंचल में समाहित करने वाले बांसवाड़ा जिले को विश्व पर्यटन मानचित्र पर स्थापित करने की पहल के रूप में पहली बार वृहद पैमाने पर अरथुना-माही महोत्सव का आयोजन 7 से 9 जनवरी, 2018 तक होगा। जिला कलक्टर भगवतीप्रसाद के मिशन पर्यटन की श्रृंखला में फेस्टिवल के तहत अब तक के परंपरागत आयोजनों से हटकर कुछ नवीन व पर्यटन को स्थायी रूप से बढ़ावा देने वाले यादगार आयोजनों को करने के संकल्प के साथ शुक्रवार देर रात्रि आयोजित एक बैठक में कार्यक्रमों का अंतिम निर्धारण किया गया। बैठक में पर्यावरण व संस्कृति प्रेमी जगमालसिंह, अभिनव संगीत महाविद्यालय की निदेशक मालिनी काले, केन्द्रीय सहकारी बैंक के प्रबंध निदेशक अनिमेश पुरोहित, सहायक निदेशक कमलेश शर्मा, स्काउट सीओ दीपेश शर्मा, पर्यटन अधिकारी अनिल तलवाडिय़ा, मुजफ्फर अली सहित पर्यटन उन्नयन समिति के सदस्य मौजूद थे।

जिला दर्शन व अरथुना से होगा महोत्सव का आगाज : कलक्टर भगवतीप्रसाद ने बताया कि महोत्सव का आगाज दसवीं शताब्दी के पुरातात्विक महत्ता वाले जिले के सबसे महत्त्वपूर्ण और प्राचीन स्थल अरथूना से किया जाएगा। इसके तहत 7 जनवरी को सुबह जिला दर्शन कार्यक्रम में जिला मुख्यालय से पर्यटकों व भ्रमण के ईच्छुक लोगों से भरी बसें रवाना होगी जो जिले के प्रमुख पर्यटन स्थलों का अवलोकन करते हुए शाम को अरथुना पहुंचेगी। सुश्री मालिनी काले के संयोजन में अरथुना में रात्रि में कोणार्क फेस्टिवल की तर्ज पर प्राचीन मंदिरों के आगे आकर्षक शास्त्रीय नृत्यों की प्रस्तुतियां दी जाएगी। इस मौके पर पहली बार मंदिरों पर आकर्षक रंगीन रोशनी भी की जाएगी।

8 जनवरी को होगा बर्ड फेस्टिवल : सहायक निदेशक (जनसंपर्क) कमलेश शर्मा ने बताया कि जिले में पहली बार जिला प्रशासन के तत्वावधान में 8 जनवरी को शहर के समीप कूपड़ा तालाब पर एक दिवसीय बर्डफेस्टिवल का आयोजन किया जाएगा। इस आयोजन में देश-प्रदेश के बर्डवॉचर्स, बर्ड एक्सपर्ट्स के साथ शहर के समस्त निजी व सरकारी स्कूलों के लगभग 1 हजार विद्यार्थियों को बर्डवॉचिंग कराई जाएगी। इस मौके पर क्विज एवं पेंटिंग प्रतियोगिता, फेस (टेटू) पेंटिंग, बर्ड्स की फोटो एवं स्टाम्प प्रदर्शनी के साथ तितलियों के जीवनचक्र की लाईव प्रदर्शनी का भी आयोजन किया जाएगा।

माही के आईलेण्ड पर होगा डिनर : जिला प्रशासन की पहल पर पहली बार माही के बैकवाटर में स्थित टापूओं को पर्यटन की दृष्टि से विकसित करने के उद्देश्य से एक विशाल टापू पर रात को रंगीन रोशनी की जाएगी और यहां पर एक ईच्छुक प्रबु़द्धजनों का डिनर आयोजित होगा। इस दौरान यहां पर रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम भी प्रस्तुत किए जाएंगे।

तीसरा दिन समर्पित होगा एडवेंचर व मनोरंजन को : कलक्टर ने बताया कि फेस्टिवल के तहत 9 जनवरी को सुबह स्काउट सीओ दीपेश शर्मा के संयोजन में समाई माता पर विभिन्न एडवेंचर एक्टिविटी आयोजित की जाएंगी। इसके बाद दिन में गेमन पुल पर नौकायन प्रतियोगिता तथा रात्रि में कुशलबाग मैदान में भव्य सांस्कृतिक निशा का आयोजन किया जाएगा। जिलेवासियों के लिए तीनों दिन वाटर स्पोर्ट्स की व्यवस्था करने के लिए भी प्रशासन द्वारा प्रयास किए जा रहे हैं।

आईलेण्ड, एडवेंचर और इको ट्यूरिज़्म को मिलेगा बढ़ावा : कलक्टर भगवतीप्रसाद ने कहा कि जिले में पानी की प्रचुरता के साथ नैसर्गिक संपदा से लोगों का जुुड़ाव पैदा करने तथा देश-प्रदेश के पर्यटकों को बांसवाड़ा की ओर उन्मुख करने के उद्देश्य से आयोजित होने वाले अरथुना-माही फेस्टिवल से आईलेण्ड, एडवेंचर और इको ट्यूरिज्म को बढ़ावा मिले, इस दृष्टि से प्रयास किए जा रहे हैं।

 

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