महिला आयोग ने पुलिस को किया तलब – बालिग युवती को नाबालिग बनाने का चर्चित मामला

श्रीगंगानगर, 16 जून (का.सं.)। बालिग युवती द्वारा घर से भागकर प्रेमी के साथ विवाह कर लेने और जानमाल की सुरक्षा की गुहार लगाते पुलिस अधीक्षक के समक्ष पेश हुई युवती को नाबालिग मानकर परिवारजनों के सुपुर्द कर दिये जाने के एक चर्चित मामले को लेकर संदेह के घेरे में आई स्थानीय महिला थाना पुलिस को रा’य महिला आयोग ने तलब किया है। इसी युवती ने विगत दिवस जयपुर में महिला आयेाग की अध्यक्ष सुमन शर्मा के समक्ष अपने पति सहित पेश होकर लिखित में प्रार्थना पत्र देते हुए पूरे मामले से अवगत करवाया कि किस प्रकार महिला थाना पुलिस ही नहीं, बल्कि बाल कल्याण समिति ने भी उसके साथ अन्याय किया है। यह युवती और उसका पति जयपुर में राजस्थान बाल संरक्षण आयोग की अध्यक्ष मनन चतुर्वेदी के समक्ष भी पेश हुए। चतुर्वेदी ने भी इस मामले पर गम्भीर संज्ञान लिया है। महिला आयोग ने त्वरित निर्णय लेते हुए इस पूरे मामले के तथ्यों के साथ महिला थाना पुलिस को आगामी 22 जून को तलब किया गया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार पुरानी आबादी निवासी युवती कमला (नाम तब्दील) व उसके पति दीपक सामाजिक कार्यकर्ता बनवारीलाल मीणा को साथ लेकर विगत गुरुवार को जयपुर में महिला आयेाग अध्यक्ष सुमन शर्मा व बाल संरक्षण आयेाग अध्यक्ष मनन चतुर्वेदी से मिले। दोनों अध्यक्षों को दिये गये प्रार्थना पत्रों में सविस्तार पूरे मामले से अवगत करवाया। इस पीडि़त दम्पत्ति ने बताया है कि महिला थाना के स्टाफ ने उनके बालिग होने के सभी प्रमाणित दस्तावेजों को दरकिनार कर दिया। कमला को बालिग मानकर महिला थाना पुलिस ने बाल कल्याण समिति के समक्ष पेश कर दिया। समिति के पदाधिकारियों ने भी इन दस्तावेजों की अनदेखी कर दी। कमला को समिति ने नाबालिग मानकर एक आश्रम में भेज दिया और फिर उसके एक रिश्तेदार के साथ भेज दिया। बाद में जब पुलिस उसे सीआरपीसी की धारा 164 के बयान दर्ज करवाने कोर्ट में लेकर गई, तब महिला थाना के हवलदार कमल गोदारा ने पहले ही उसे डरा-धमका दिया कि अगर उसने दीपक के खिलाफ बयान नहीं दिये, तो दीपक और उसके परिवार वालों के साथ बहुत बुरा होगा। इस धमकी से डकर उसने तब तो दीपक के विरुद्ध बयान दे दिये, लेकिन कुछ ही देर बाद उसे पुलिस ने एसडीएम के समक्ष पेश किया, तब उसने सारी सगााई बता दी। एसडीएम ने उसे बालिग मानकर अपनी इ’छानुसार रहने के लिए स्वतंत्र कर दिया। तब से वह अपने पति के साथ रह रही है, लेकिन जिन्होंने भी उसके साथ यह अन्याय किया, वह उन सबके खिलाफ कार्यवाही चाहती है। इस मामले में जहां महिला आयोग ने महिला थाना में इस मामले की जांच-पड़ताल से जुड़े एएसआई भैराराम, हवलदार कमल गोदारा सहित अन्य पुलिसकर्मियों को 22 जून को तलब किया है। उस दिन कमला और उसके पति को भी आयेाग के समक्ष उपस्थित रहने के निर्देश दिये हैं। बाल संरक्षण आयोग की अध्यक्ष मनन चतुर्वेदी ने इस प्रकरण में श्रीगंगानगर के पुलिस अधीक्षक हरेन्द्र महावर से तथ्यात्मक रिपोर्ट मंगवाने की बात कही है। पीडि़त पक्ष को चतुर्वेदी ने कहा कि वे कमला की आयु सम्बंधी वे तमाम दस्तावेज अपने पास मंगवा रहे हैं, जो श्रीगंगानगर की बाल कल्याण समिति के समक्ष पेश किये गये थे।

 

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