नाबालिगा के अपहरण व दुष्कर्म के आरोप में दस वर्ष कठोर कारावास

 

श्रीगंगानगर, 13 जून (का.सं.)। हनुमानगढ़ में पोक्सो एक्ट के मामलों की विशेष अदालत ने एक नाबालिग लड़की का अपहरण कर कई दिन तक उसके साथ दुष्कर्म करने के आरोप में एक युवक को आज कठोर कारावास की सजा सुनाई। प्रकरण में आरोपित एक महिला को आरोपमुक्त कर दिया। युवक को 22 हजार का अर्थदंड लगाया गया है। विशिष्ट लोक अभियोजक मदनलाल पारीक ने बताया कि जिले के गोगामेड़ी थाना में 24 अगस्त 2014 को पीडि़त किशोरी और उसकी मां ने थाने में आकर रिपोर्अ दी। भादरा तहसील क्षेत्र के गांव नेठराना निवासी मां-बेटी ने रिपोर्ट मेें दलीप उर्फ दीपू पुत्र रणजीत निवासी नेठराना पर अपहरण व दुष्कर्म करने का आरोप लगाया। इसमें नेठराना निवासी संतोष पर दीपू उर्फ दलीप का सहयोग करने का भी आरोप लगाया। पीडिता ने बताया कि संतोष के सहयोग से दलीप उर्फ दीपू उसे बहला-फुसलाकर शादी करने का झांसा देकर भगा ले गया। अपने साथ कई जगहों पर ले जाकर उसके साथ दुष्कर्म करता रहा। पुलिस ने अनुसंधान के पश्चात् दलीप के विरुद्ध धारा 363, 366, 376 (2) और पोक्सो एक्ट की धारा 4 के तहत न्यायालय में चालान प्रस्तुत किया। पोक्सो एक्ट मामलों की विशेष अदालत के न्यायाधीश मसरूर आलीम खां ने आज दोनों पक्षों के साक्ष्य लेकर तथा बहस सुनने के पश्चात् आज दलीप उर्फ दीपू को धारा 363 में पांच वर्ष, 366 में सात वर्ष तथा धारा 376 व पोक्सो एक्ट की धारा 4 के तहत 10 वर्ष कठोर कारावास की सजा सुनाई। साथ ही 22 हजार का जुर्माना लगाया। न्यायालय ने पीडि़ता को आहत प्रतिकर योजना के तहत प्रतिकर दिलाने के लिए जिला विधिक सेवा प्राधिकरण को अनुशंसा भी की है। लोक अभियोजक मदनलाल पारीक ने बताया कि संतोष को आरोपमुक्त कर दिया गया।

 

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