लोगों की रोक-टोक से परेशान हो गई थी आथिया शेट्टी

 

सुनील शेट्टी की बेटी आथिया शेट्टी कहती हैं कि जब उन्होंने फिल्म इंडस्ट्री में कदम रखा था तो लोग उन्हें सलाह-सुझाव और रोक-टोक कर वह बनने के लिए कहते, जो वह थीं ही नहीं, आखिरकार तंग आकर उन्होंने फैसला लिया कि अब वही करेंगी-कहेंगी जो उनका मन होगा। साल 2015 में फिल्म हीरो से फिल्म इंडस्ट्री में डेब्यू करने वाली अभिनेत्री आथिया शेट्टी पिछली बार मल्टीस्टारर फिल्म मुबारका में नजर आई थीं। 2 साल बाद अब उनकी अगली फिल्म मोतीचूर चकनाचूर रिलीज़ के लिए तैयार है। फिल्म के प्रमोशनल इंटरव्यू के दौरान आथिया ने एक फिल्म से दूसरी फिल्म के लंबे अंतराल पर बात करते हुए कहा कि वह इस दौरान खुद के ऐक्टिंग क्राफ्ट पर काम कर अपना आत्मविश्वास बढ़ा रही थीं और अपने डर को भी खत्म कर रही थीं।
मैं वह इंसान बनने की कोशिश करती जो मैं थी ही नहीं
आथिया कहती हैं, ‘पहली फिल्म के दौरान बहुत से लोग मुझे कई तरह की अलग-अलग सलाह देते और रोक-टोक भी करते। कोई कुछ कहता तो कोई कुछ कहता, कोई कहता तुम इसकी तरह दिखती हो तो ऐसा करो, ऐसे बैठो, वह मत कहना, वैसा मत बोलना, ऐसे मत बैठो, ऐसे चलो, उन दिनों ऐसा हो गया था कि मैं वह इंसान बनने की कोशिश करती जो मैं थी ही नहीं। लोगों की इस सलाह-सुझाव और रोक-टोक से परेशान हो गई थी मैं। मुझे लगता था कि शायद लोगों द्वारा इस तरह जज किया जाना मेरे लिए किसी तरह मददगार साबित हो सकता है। आखिरकार मुझे समझ में आ गया कि मुझे किसी तरह के बनावटीपन से दूर होना है और जो हूं, वही रहना है। मेरे ख्याल से यही बात लोगों को पसंद भी आती है। बाद में मैंने तय कर लिया कि मैं वही करूंगी-कहूंगी जो मुझे अच्छा लगेगा, सबसे पहले मेरा खुद का सहज होना जरूरी था।
ब्रेक लिया क्योंकि ऐक्टिंग क्राफ्ट को निखारना चाहती थी
एक फिल्म के बाद 2 साल का गैप और अब तीसरी फिल्म में फिर से 2 साल के अंतराल के बाद लौटीं आथिया कहती हैं, लोग मुझे हमेशा कहते थे एक बार फील्ड से गायब हो जाओगी तो लोगो के जहन से भी निकल जाओगी, इसलिए लगातार फिल्मों में काम करती रहो। मेरा मानना है कि यदि आप अपने काम में अच्छे है और निर्देशक आपके साथ काम करना चाहते हैं तो आप काम करते रहेंगे। मैंने ब्रेक इसलिए लिया क्योंकि फिल्म हीरो और मुबारका के बाद, मैं खुद के ऐक्टिंग क्राफ्ट को और भी निखारना चाहती थी, अपना आत्मविश्वास और भी बेहतर करना चाहती थी और ऐसे किरदार-कहानियों से जुडऩा चाहती थी, जो मुझे कुछ नया करने का मौका दें। ऐक्टिंग के प्रफेशन में सबसे जरूरी चीज अपना धैर्य बना कर रखा जाए। ऐक्टर हमेशा इस डर में होता है कि अब आगे क्या होगा, कौन सी फिल्म, कौन सा काम, इस डर से भी निकलना था मुझे।
खुद को बॉक्स ऑफिस पर साबित करूंगी तभी तो निर्माता मेरी फिल्म में पैसे लगाएगा
आथिया कहती हैं, महिलाओं की मजबूत भूमिका वाली फिल्म जैसे वीरे दी वेडिंग बनाकर सोनम कपूर और अनुष्का शर्मा ने अपने प्रॉडक्शन में परी जैसी फिल्म बना कर प्रूव किया है। यह दुर्भाग्य और दु:ख की बात है कि हम महिलाओं को बार-बार साबित करना पड़ता है। यह बात सिर्फ हमारी फिल्म इंडस्ट्री में लागू नहीं होती है, बल्कि पूरी दुनिया की सभी तरह की इंडस्ट्री पुरुष प्रधान हैं। यह चीजें बदल रही हैं और लोग महिलाओं से संबधित सभी चीजों को गंभीरता से ले रहे हैं। खुद के लिए भी यह बात मैं अच्छी तरह समझती हूं, मुझे भी खुद को एक ऐक्टर के तौर पर और बिजनस के मामले में बॉक्स ऑफिस पर साबित करना पड़ेगा, तभी तो कोई भी निर्माता मेरी फिल्म में पैसे लगाएगा। अपने काम से खुश नहीं होती हूं -अपनी कमियों को समझकर उसे खत्म करने में विश्वास रखने वाली आथिया कहती हैं, ‘मैं खुद की समीक्षा भी करती हूं। मैं कभी भी अपने काम से खुश नहीं होती हूं क्योंकि अच्छी तरह जानती हूं कि मैं किसी भी काम को और भी बेहतर कर सकती हूं।’ आथिया और नवाजुद्दीन सिद्दीकी की फिल्म ‘मोतीचूर चकनाचूर’ 15 नवंबर को रिलीज़ हो रही है। इस फिल्म का निर्देशन देबामित्रा बिस्वाल ने किया है। सुनील शेट्टी की बेटी आथिया शेट्टी कहती हैं कि जब उन्होंने फिल्म इंडस्ट्री में कदम रखा था तो लोग उन्हें सलाह-सुझाव और रोक-टोक कर वह बनने के लिए कहते, जो वह थीं ही नहीं, आखिरकार तंग आकर उन्होंने फैसला लिया कि अब वही करेंगी-कहेंगी जो उनका मन होगा।

 

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