मोर सुपरमार्केट चेन को 2,500 करोड़ रुपये में खरीद सकती है पीई फर्म

मुंबई/नई दिल्ली। आदित्य बिड़ला रिटेल (एबीआरएल) की सुपरमार्केट चेन ‘मोर को 2,500 करोड़ रुपये में खरीदने के लिए समारा कैपिटल आखिरी दौर की बातचीत कर रही है। सूत्रों ने बताया कि प्राइवेट इक्विटी कंपनी ने मोर का ड्यू डिलिजेंस करीब-करीब पूरा कर लिया है। फ्यूचर ग्रुप, रिलायंस रिटेल और डीमार्ट के बाद मोर देश की चौथी सबसे बड़ी सुपरमार्केट चेन है। पिछले वित्त वर्ष तक एबीआरएल के पास 493 मोर ब्रांड के सुपरमार्केट्स और 20 हाइपरमार्केट्स थे। इस तरह से कंपनी के पास कुल 20 लाख वर्ग फुट का रिटेल स्पेस था। डील की बातचीत से वाकिफ सूत्रों ने बताया, ‘समारा कैपिटल का मोर पर कंट्रोल हो जाएगा और आदित्य बिड़ला इसे ऑपरेट नहीं करेगी।Ó मोर सुपरमार्केट्स को ऑपरेट करने वाली एबीआरएल की आमदनी वित्त वर्ष 2017 में 20 पर्सेंट की बढ़ोतरी के साथ 4,194 करोड़ रुपये थी और उसे 644 करोड़ रुपये का घाटा हुआ था। हालांकि, कंपनी पर 6,573 करोड़ रुपये का कर्ज था, जिसके लिए उसे 471 करोड़ रुपये का ब्याज चुकाना पड़ा था। इतने बड़े कर्ज की वजह 10 साल पहले त्रिनेत्र और फैबमॉल और दो साल पहले जुबिलेंट की टोटल सुपर स्टोर का अधिग्रहण है। करीब एक महीना पहले आदित्य बिड़ला ग्रुप के चेयरमैन कुमार मंगलम बिड़ला और उनके परिवार ने ग्रुप के फूड और ग्रॉसरी बिजनेस के 2,800 करोड़ रुपये के बॉन्ड को शेयर में बदल लिया था। इससे कंपनी के कर्ज में कमी आई थी, जिसकी वजह से कई वर्षों से रिटेल चेन की प्रॉफिटेबिलिटी पर दबाव बना हुआ था। मार्केट एनालिस्टों का भी कहना है कि कर्ज कम करके कंपनी कैश फ्लो को बेहतर करने की कोशिश कर रही है, ताकि निवेशक इसमें हिस्सेदारी खरीदने में दिलचस्पी दिखाएं। पिछले कुछ साल में एबीआरएल का ध्यान प्रॉफिटेबल मार्केट्स पर रहा है और इस दौरान उसने कई घाटे वाले स्टोर बंद किए हैं। ब्रोकरेज फर्म इडलवाइज सिक्योरिटीज में इंस्टीट्यूशनल इक्विटीज के सीनियर वाइस प्रेसिडेंट अबनीश रॉय ने बताया, ‘रिटेल सेक्टर में कंसॉलिडेशन चल रहा है। आदित्य बिड़ला के लिए यह सौदा अच्छा है क्योंकि ग्रॉसरी मुश्किल बिजनेस है और इसमें मार्जिन भी काफी कम है। इसके बजाय बिड़ला ग्रुप को टेलीकॉम जैसे बिजनेस पर ध्यान देना चाहिए।Ó उन्होंने कहा कि यह देखना दिलचस्प होगा कि समारा कैपिटल कैसे मोर चेन को मुनाफे में लाती है। कंज्यूमर सेगमेंट में समारा का मॉन्टे कार्लो और सफायर फूड्स में निवेश है। सफायर के पास देश में यम! ब्रांड्स इंक की केएफसी और पिज्जा हट के फ्रेंचाइजी राइट्स हैं।

 

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