एयरटेल ने भी एजीआर चुकाने से किया इनकार,मंत्रालय ने दिए राहत के संकेत

नई दिल्ली। टेलीकॉम क्षेत्र की मुश्किलें सुप्रीम कोर्ट के दखल के बाद भी अभी कम होती नहीं दिख रही हैं। दूरसंचार कंपनी एयरटेल ने भी समायोजित सकल आय (एजीआर) दूरसंचार मंत्रालय को चुकाने से इनकार कर दिया।सुप्रीम कोर्ट ने बकाया चुकाने के लिए 23 जनवरी अंतिम तारीख तय किया था। इससे पहले वोडा-आइडिया ने बकाया चुकाने से मना कर दिया था। एयरटेल ने कहा है कि वह सुप्रीम कोर्ट के अगले फैसले का इंतजार करेगी। वोडा-आइडिया ने सुप्रीम कोर्ट में एजीआर के फैसले को संशोधित करने पर विचार के लिए सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की है। वोडा-आइडिया का कहना है कि वह कोई भी कदम सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद भी उठाएगी। एजीआर के तहत टेलीकॉम कंपनियों पर करीब 1.47 लाख करोड़ रुपये बकाया है जिसे दूरसंचार विभाग काफी समय से मांग रहा है। टेलीकॉम कंपनियों ने दूरसंचार विभाग की इस मांग के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था जहां शीर्ष अदालत ने किसी भी तरह का राहत देने ने इनकार कर दिया। इसके साथ ही पिछले 14 साल से दूरसंचार विभाग और टेलीकॉम कंपनियों के बीच चल रहा विवाद थमता नजर आया था। भारती एयरटेल और वोडाफोन आइडिया ने दूरसंचार विभाग को पत्र भेजकर कहा है कि वे 88,624 करोड़ रुपये के बकाये का भुगतान निर्धारित समयसीमा में नहीं करेंगी। कंपनियां इस भुगतान के संबंध में समयसीमा बढ़ाने को लेकर उच्चतम न्यायालय में दायर याचिका पर होने वाली सुनवाई का इंतजार करेंगी। न्यायालय मामले पर अगले सप्ताह सुनवाई करेगा।एजीआर के रूप में सबसे अधिक बकाया एटरटेल और वोडा-आइडिया पर है। जबकि जियो पर सबसे कम बकाया है। वोडा-आइडिया पर करीब 50 हजार करोड़ रुपये बकाया है। जबकि एयरटेल पर करीब 35,586 करोड़ रुपये बकाया है।
गेल भी सुप्रीम कोर्ट जाने की तैयारी में-सरकारी क्षेत्र की गैर-दूरसंचार कंपनी गेल इंडिया ने गुरुवार को कहा कि वह दूरसंचार मंत्रालय द्वारा एजीआर की मांग पर सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाएगी। गेल पर एजीआर के रूप में 48 हजार करोड़ रुपये बकाया है। वहीं ऑयल इंडिया पर करीब 18 हजार करोड़ बकाया है। गैर-दूरसंचार कंपनियों पर करीब 1.72 लाख करोड़ रुपये बकाया है।
टेलिकॉम मिनिस्ट्री की नजर सुप्रीम कोर्ट पर-टेलीकॉम कंपनियों को दूरसंचार मंत्रालय से फिलहाल थोड़ी राहत मिल गई है। आधिकारिक सूत्रों ने कहा कि दूरसंचार विभाग न्यायालय के अगले आदेश तक एजीआर का भुगतान नहीं करने वाली कंपनियों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं करेगा। इसके पहले विभाग ने कहा था कि वह किसी भी तरह की नरमी नहीं बरतेगा।
जियो ने चुकाया बकाया
रिलायंस जियो ने 31 जनवरी 2020 तक एजीआर से जुड़े सभी बकाया भुगतान के लिए दूरसंचार विभाग को 195 करोड़ रुपये दिया। आधिकारिक सूत्रों ने यह जानकारी दी। वर्ष 2016 में जियो अपनी सेवाएं शुरू की थीं और मुफ्त कॉल की सुविधा देकर दूरसंचार क्षेत्र में तहलका मचा दिया था। कंपनी तीन साल में 30 करोड़ उपभोक्ताओं को अपने साथ जोड़ चुकी है।

 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *