चेहरे पर पैरालिसिस के बावजूद करती रही शूटिंग ऐश्वर्या सखूजा

सीरियल सास बिना ससुराल की टोस्टी के रूप में घर-घर में मशहूर हुईं ऐक्ट्रेस ऐश्वर्या सखूजा ऐक्टिंग के मामले में अपना सौ फीसदी देने की आदी हैं। मैं न भूलूंगी, त्रिदेवियां जैसे शोज कर चुकीं ऐश्वर्या काम में इस कदर डूब जाती हैं कि उन्हें बाकी कुछ ध्यान ही नहीं रहता। वह कहती हैं कि उनकी लाइफ में बैलेंस बनाने का ज्यादा श्रेय उनके परिवारवालों खासकर पति रोहित नाग को जाता है।

बैलेंस की उम्मीद ही नहीं रखती : ऐश्वर्या के मुताबिक, टीवी की डिमांडिंग जॉब के साथ पर्सनल लाइफ में बैलेंस नामुमकिन है। उनका कहना है, अगर आप टीवी में काम करते हैं तो बैलेंस जैसा कुछ रह नहीं जाता। यहां शूटिंग, टेलिकास्ट, टीआरपी सबसे ऊपर हो जाती है तो हम टेलिविजन ऐक्टर्स के लिए अपनी पर्सनल लाइफ के साथ बैलेंस बनाना नामुमकिन हो जाता है। अगर आप टीवी ऐक्टर होते हुए लाइफ में बैलेंस की उम्मीद रखते हैं तो समझिए आप कुछ ज्यादा ही उम्मीद पाल रहे हैं। ये मुमकिन ही नहीं है। इसलिए मैं बैलेंस की उम्मीद ही नहीं रखती। बकौल ऐश्वर्या, मेरे हिसाब से हम ऐक्टर्स के लिए सबसे जरूरी है परिवार के साथ अच्छा तालमेल। अगर फैमिली आपको नहीं समझती, आपकी इंडस्ट्री के डिमांड को नहीं समझती तो आप इस पेशे में काम ही नहीं कर सकते। आपको बहुत-बहुत ज्यादा सर्पोटिव फैमिली चाहिए। मेरे डैड समझते हैं, जब मैं उनसे छह से आठ महीने नहीं मिलती हूं। मेरी सास समझती हैं जब मैं उनके हाथ का खाना नहीं खाती, क्योंकि उसमें थोड़ा तेल होता है। मेरे पति समझते हैं, जब मैं काम से लौटकर उनके साथ टीवी देखना या बात करना नहीं चाहती, क्योंकि मैं थकी हुई होती हूं। अगर मेरे परिवारवाले, पति, पति का परिवार ये न समझे तो मैं काम नहीं कर सकती।

काम के लिए कई बार दी कुर्बानी : ऐश्वर्या बताती हैं, टीवी ऐक्टर्स होने के नाते पर्सनल लाइफ में कई बार कुर्बानी देनी पड़ती है। मेरी नानी जब डेथ बेड पर थीं तो मैं उनके पास नहीं थी, जबकि वह मेरे सबसे करीब थीं। जब मेरे भाई का बेटा हुआ, मैं वहां नहीं थी, क्योंकि मैं काम कर रही थी। फैमिली वकेशंस पर सब साथ होते हैं, बस मैं नहीं होती। ये चीजें दुखी करती हैं, लेकिन इसके बदले फैन्स से जो प्यार, जो दुआएं मिलती हैं, उसके आगे ये कुर्बानियां छोटी लगने लगती हैं। फिर मैं तो काम में इतना डूब जाती हूं कि खाना-पीना तक भूल जाती हूं। जब मैं नई-नई आई थी तो अपने पहले शो के टाइम मुझे पता नहीं था कि किस तरह के डिमांड होते हैं। मैं दिन-रात काम करके इतनी बीमार पड़ गई, तो मुझे अपना शो छोडऩा पड़ा था। फिर शो मैं ना भूलूंगी के टाइम मुझे फेशल पैरालिसिस का अटैक हुआ था। मेरा आधा चेहरा काम नहीं कर रहा था, फिर भी बीस-पच्चीस दिन तक मैंने वैसे ही काम किया। मुझे एक सिंगल छुट्टी नहीं मिली। मेरे क्रिएटिव का कहना था कि हमारे पास चॉइस नहीं है, क्योंकि कास्ट नहीं है। उस पर वेडिंग सीक्वेंस था, मैं दुल्हन थी तो मुझे खूबसूरत भी दिखना था, लेकिन मेरा आधा चेहरा फिक्स था। लोग सोचते थे कि ये ऐसे क्यों बोल रही है? इसका चेहरा टेढ़ा क्यों हैं? लेकिन ये कुर्बानी भी दी मैं कि उस तरह से नैशनल टीवी पर दिखने की हिम्मत की।

नेगेटिव रोल नहीं करूंगी : पर्सनल लाइफ के लिए प्रफेशन लाइफ में कड़े फैसले लेने की बात कहूं तो मैं न भूलूंगी के बाद मैंने नेगेटिव रोल नहीं करने का फैसला किया है। उस शो में मैंने नेगेटिव रोल किया, जो मुझ पर बहुत हावी हो गया। उसी दौरान मुझे फेशल पैरालिसिस भी हो गया तो उसके बाद से मैंने फैसला किया कि वैसे रोल मैं अभी नहीं करूंगी, क्योंकि मैं उसके लिए अभी तैयार नहीं हूं।

र्सनल वर्सेज प्रफेशनल : ऐश्वर्या काम को लेकर इतनी पैशनेट हैं कि अपनी शादी के दिन उन्होंने शूटिंग की। वह कहती हैं, मैं वर्कोहॉलिक हूं। मैं काम न करूं तो क्रेजी हो जाती हूं। मेरे ऐड वाले ब्राइड सीक्वंस शूट करना चाहते थे तो मैंने कहा दो दिन बाद मेरी शादी है, वहीं कर लो, तो मैंने अपने शादी के जोड़े में वह ऐड शूट किया। मैं जब काम कर रही होती हूं तो सबसे ज्यादा खुश रहती हूं। घर पर बैठना मुझे बोर करता है। मेरे हज्बंड रोहित, मेरे घरवाले, उनके घरवाले भी ये बात समझते हैं तो वे भी मुझे बढ़ावा देते हैं।

बैलेंस मंत्र : वैसे तो मुझसे पर्सनल और प्रफेशनल लाइफ के बीच बैलेंस नहीं बनाया जाता, लेकिन इतने साल काम करने के बाद मुझे इंडस्ट्री की थोड़ी समझ आ गई है। अब मैं अपनी हेल्थ का थोड़ा ध्यान रखती हूं। बहुत से लोगों को लगता है कि हम दिखावे के लिए स्पॉटबॉयज रखते हैं लेकिन असल में ये दिखावा नहीं, हमारी जरूरत है। वे मुझे याद दिलाते हैं कि बेटा, खाना खा लो, क्योंकि काम में इतना खो जाती हूं कि पानी पीना तक याद नहीं रहता। ऐश्वर्या के मुताबिक, टीवी की डिमांडिंग जॉब के साथ पर्सनल लाइफ में बैलेंस नामुमकिन है। उनका कहना है, अगर आप टीवी में काम करते हैं तो बैलेंस जैसा कुछ रह नहीं जाता। यहां शूटिंग, टेलिकास्ट, टीआरपी सबसे ऊपर हो जाती है तो हम टेलिविजन ऐक्टर्स के लिए अपनी पर्सनल लाइफ के साथ बैलेंस बनाना नामुमकिन हो जाता है। अगर आप टीवी ऐक्टर होते हुए लाइफ में बैलेंस की उम्मीद रखते हैं तो समझिए आप कुछ ज्यादा ही उम्मीद पाल रहे हैं। ये मुमकिन ही नहीं है। इसलिए मैं बैलेंस की उम्मीद ही नहीं रखती। बकौल ऐश्वर्या, मेरे हिसाब से हम ऐक्टर्स के लिए सबसे जरूरी है परिवार के साथ अच्छा तालमेल। अगर फैमिली आपको नहीं समझती, आपकी इंडस्ट्री के डिमांड को नहीं समझती तो आप इस पेशे में काम ही नहीं कर सकते। आपको बहुत-बहुत ज्यादा सर्पोटिव फैमिली चाहिए। मेरे डैड समझते हैं, जब मैं उनसे छह से आठ महीने नहीं मिलती हूं।

 

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