जल प्रबंधन पर ‘सहभागितापूर्ण संवाद का आयोजन

जयपुर, 15 दिसम्बर (एजेन्सी)। अंबुजा सीमेंट्स लिमिटेड की सीएसआर शाखा, अंबुजा सीमेंट फाउंडेशन (एसीएफ) ने राजस्थान में जल संसाधन प्रबंधन के क्षेत्र में अपने प्रयासों के जरिए वर्ष 2020 तक 16 मिलियन क्यूबिक मीटर जल संग्रहण की योजना पर काम करने की घोषणा की। संचालन के अपने 25 वें वर्ष के उपलक्ष्य में, एसीएफ आज जयपुर में ‘जल के प्रति आशावादी समुदायों के सह-निर्माण पर सहभागितापूर्ण संवाद की मेजबानी कर रहा है। इस गतिविधि का उद्देश्य विभिन्न हितधारकों -जिसमें सरकार, एनजीओ, अकादमिक संस्थान, विशेषज्ञ एवं अन्य संगठन शामिल हैं -को राजस्थान में पानी से संबंधित मौजूदा चुनौतियों एवं अवसरों पर चर्चा करने तथा अपने अनुभवों को साझा करने के लिए एकजुट करना है।
स मंच पर अपने विचार साझा करते हुए, एसीएफ की प्रमुख पर्ल तिवारी ने कहा, ”समुदायों को समृद्ध होने में सक्षम बनाना हमारा लक्ष्य है और इस दिशा में पानी की उपलब्धता की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है। जल प्रबंधन को परिभाषित करने में नेतृत्वकर्ता के तौर पर, समकालीन साधनों के जरिए सुनियोजित एवं समन्वयित तरीके से इस तात्कालिक आवश्यकता की पूर्ति हेतु एसीएफ ने लंबा सफर तय किया है। समुदाय, समान विचारधारा वाले संगठनों और गुजरात सरकार के निरंतर सहयोग के बगैर हमारी पेशेवर टीमों के नेतृत्व में संचालित जल संरक्षण आंदोलन की सफलता संभव नहीं हो सकती है। अभी भी हमें राजस्थान के साथ-साथ पूरे देश में जल आत्मनिर्भर समुदायों के निर्माण की दिशा में काफी कुछ करना है और इस कार्य के लिए एसीएफ अन्य संगठनों के सहयोग का स्वागत करता है। राजस्थान में, एसीएफ पहले से ही एक सशक्त जल प्रबंधन अभियान चला रहा है, जिसके अंतर्गत राजस्थान के राबडिय़ावास (पाली), मारवाड मुंडवा (नागौर) और चिरावा (झुंझुनू) इलाकों के 150 गांव शामिल हैं। एसीएफ ने आधुनिक प्रौद्योगिकी के साथ पारंपरिक ज्ञान का उपयोग करते हुए अपने प्रबुद्ध प्रयासों के जरिए शुष्क एवं बंजर क्षेत्रों में पानी की कमी से जुड़ी समस्याओं को संबोधित करने पर ध्यान दिया है। चर्चा को जारी रखते हुए तिवारी ने कहा, ”इसका लाभ लाखों ग्रामीणों, खासकर किसानों को मिला है जिसके चलते इस क्षेत्र में समावेशी विकास को प्रोत्साहन मिला है जो हमें भविष्य में समुदायों के लिए दीर्घकालिक जल प्रबंधन की दिशा में अपने प्रयासों को जारी रखने की प्रेरणा देता है। आज भी हमें राजस्थान के अलावा पूरे देश में पानी के क्षेत्र में आत्मनिर्भर समुदायों के निर्माण हेतु काफी प्रयास करना हैए इसलिए एसीएफ अन्य संगठनों के सहयोग का स्वागत करता है। कई गणमान्य व्यक्तियों के अलावा सुप्रसिद्ध जल संरक्षणवादी, श्री राजेंद्र सिंह, अध्यक्ष -तरुण भारत संघ, अलवर, भी मंच पर उपस्थित थे। ‘वॉटरमैन ऑफ इंडिया के नाम से मशहूर, श्री सिंह ने कहा, ”जल मानव जीवन का अविभाग्य अंग है और इसलिए यह आवश्यक है कि हम सामूहिक रूप से इस दिशा में आगे बढ़ कर सहयोग करें तथा वर्तमान पीढ़ी के साथ-साथ भावी पीढिय़ों के लिए भी पानी की पर्याप्त और समान आपूर्ति सुनिश्चित करें। हम जल प्रबंधन के क्षेत्र में मार्गदर्शी विधियों की शुरुआत के लिए एसीएफ के सहयोगपूर्ण प्रयासों की सराहना करते हैं। स्थानीय समुदायों, सामाजिक संगठनों और सरकारों के सहयोग से संचालित उनकी सफल परियोजनाएं केवल इस बात को सुदृढ़ करती हैं कि ‘सभी के लिए पानी के लक्ष्य को केवल सामूहिक प्रयासों के जरिए हासिल किया जा सकता है। पारंपरिक ज्ञान और सर्वांगीण दृष्टिकोण का उपयोग करते हुए एसीएफ पानी से जुड़े प्रमुख मुद्दों, जैसे कि राजस्थान और गुजरात के इलाकों में लवणता का प्रवेश, गंभीर शुष्कता और पेयजल की उपलब्धता को संबोधित करने में प्रभावी रहा है। एसीएफ सहयोग की ताकत में विश्वास करता है और अधिकतम सकारात्मक परिणाम सुनिश्चित करने के लिए स्थानीय समुदायों एवं संगठनों के साथ मिलकर काम करता है।इस अवसर पर श्री सुरेंद्र गोयल -कैबिनेट मंत्री, राजस्थान सरकार भी उपस्थित थे जिन्होंने एसीएफ के इस पहल की सराहना की। श्री गोयल ने कहा, ”आज पूरी दुनिया को गंभीर जल संकट का सामना करना पड़ रहा है और जल संरक्षण आंदोलन के समर्थन के लिए सामूहिक अभियान आवश्यक है। भारत जैसे देश में, समग्र और समावेशी सामाजिक विकास सुनिश्चित करने के लिए जल संसाधनों का प्रभावी और स्थायी प्रबंधन अत्यंत महत्वपूर्ण है।वास्तव में अंबुजा सीमेंट फाउंडेशन और समान विचारधारा वाले संगठनों को भविष्य में जल आत्मनिर्भरता के इस आंदोलन में एक साथ काम करते हुए और इस दिशा में आगे बढऩे के लिए प्रयास करते हुए देखना प्रेरणादायक है। ”मैंने एसीएफ द्वारा चलाई जा रही जल परियोजनाओं और पश्चिमी राजस्थान में इसके जरिए लाए गए बदलावों को प्रत्यक्ष तौर पर देखा है, उन्होंने चर्चा को सारगर्भित करते हुए कहा। सहभागितापूर्ण संवाद में उपस्थित सभी लोगों ने भाग लिया तथा विभिन्न हितधारकों के लिए जल संरक्षण एवं विकास के अभिनव समाधानों पर चर्चा और विचार करने के लिए एक प्रभावी मंच के रूप में कार्य किया।

 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *