नकली नोटों को पकडऩे वाला एप लॉन्च, रुकेगी धोखाधड़ी

 

नई दिल्ली। चेकफेक ब्रैंड प्रोटेक्शन सिस्टम प्राइवेट लिमिटेड ने एक अनोखा ग्लोबल प्लेटफॉर्म चेकफेक एप लांच किया है, जिससे विश्व की किसी भी मुद्रा के करंसी नोट की जांच यूजर्स कर सकते हैं। चेकफेक का मकसद जालसाजों से मुक्त एक ऐसी दुनिया बनाना है, जिससे उपभोक्ताओं, व्यवसायियों और सरकार समेत सभी भागीदारों को लाभ हो।चेकफेक ऐप की लॉन्चिंग पर चेकफेक के निदेशक और सहसंस्थापक तन्मय जयसवाल ने कहा, ‘चेकफेक एक ऑनलाइन प्लेटफॉर्म है, जहां कोई भी विश्व के किसी भाग में प्रचलित मुद्रा की जांच कर सकता है।’उन्होंने कहा, ‘समूची दुनिया में फैले जाली नोटों की कुल कीमत 1.7 ट्रिलियन डॉलर आंकी गई है, जो जाली नोटों के संसार को विश्व की 10वीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनाते हैं। सभी प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं के करंसी नोट आज जालसाजों के निशाने पर है। चेकफेक जाली करंसी की पहचान के लिए सिंगल पॉइंट डेस्टिनेशन है, स्मार्टफोन की सहायता से इसे किसी भी जगह से एक्सेस किया जा सकता है या इसका इस्तेमाल किया सकता है। जाली करंसी नोट दुनिया में हर जगह सकुर्लेट हो रहे है। इनकी काफी शुद्ध और सटीक ढंग से छपाई की जाती है, जिससे किसी भी उपभोक्ता को इनसे धोखा हो सकता है। हालांकि सभी प्रमुख करंसी नोट में हाई सिक्युरिटी फीचर्स रहते हैं, जिन्हें कॉपी करना काफी मुश्किल होता है। उपभोक्ताओं के लिए यह जानना बहुत जरूरी है कि वह फीचर्स कौन से है, जिससे वह नकली नोटों की पहचान कर सके और खुद सुरक्षित रह सके।अगर नकली नोटों की पहचान नहीं की जाती तो वह प्रभावित अर्थव्यवस्था पर गंभीर प्रभाव डाल सकते हैं। सामान्य तौर पर विश्व की जिन मुद्राओं के नकली नोट छापे जाते हैं, उनमें ब्रिटिश पाउंड, यूएस डॉलर, यूरो, भारतीय रुपये और चीन की युआन मुद्रा शामिल है। जयसवाल ने कहा, हमने कई ऐसी डरावनी कहानियां सुनी हैं, जिसमें विदेशियों को नकली करंसी नोट थमा दिए जाते हैं, जिससे वह अनजान देश में परेशानियों और समस्याओं से घिर जाते हैं। चेकफेक एप विदेशी यात्रियों को नकली करेंसी नोटों की पहचान करने में मदद कर सकता है, जिससे उनका इस तरह की धोखाधड़ी से बचाव हो सके।

 

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