एफसीटीसी कॉप-8 में तंबाकू किसानों शामिल करने की अपील

नई दिल्ली, 13 अगस्त(एजेन्सी)। भारत की अध्यक्षता में जेनेवा में 1 से 6 अक्टूबर तक डब्ल्यूएचओ फ्रेमवर्क कन्वेंशन ऑन टबैको कंट्रोल (एफसीटीसी) कॉन्फ्रेंस ऑफ पार्टीज (कॉप 8) मीटिंग का आयोजन होगा। यह मीटिंग कन्वेंशन के अनुच्छेदों के संबंध में कदम उठाने और उन पर विमर्श के लिए आयोजित होगी। तम्बाकू किसानों और वैध सिगरेट उद्योग की प्रतिनिधि संस्था होने के नाते टबैको इंस्टीटय़ूट ऑफ इंडिया (टीआइआइ) ने भारत सरकार से बैठक के पूर्व किसानों और उद्योग से जुड़े अन्य संबंधित पक्षों से विमर्श करने और एफसीटीसी कॉप 8 में आधिकारिक भारतीय प्रतिनिधिमंडल में बतौर प्रतिनिधि इन्हें शामिल करने का अनुरोध किया है। टीआईआई के डायरेक्टर सैयद महमूद अहमद ने कहा कि तम्बाकू किसान, जिनकी आजीविका पर सबसे ज्यादा प्रभाव पड़ सकता है, उनको शामिल किए बिना कॉन्फ्रेंस में तम्बाकू नियंत्रण की नीतियां तय करना गलत और असैंद्धांतिक है, जिससे उनकी जायज चिंताएं दरकिनार किए जाने और उनसे गंभीर समझौता कर लिए जाने का खतरा है। पश्चिम के विशाल संगठित खुदरा कारोबार से उत्तर भारत में बड़ा और अनोखा स्वरोजगार आधारित खुदरा कारोबार का आधार है, जो शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में फैला है, जिससे लाखों लघु एवं सूक्ष्म खुदरा कारोबारी जुड़े हैं। ये तम्बाकू उत्पादों की बिक्री से अपनी आजीविका चलाते हैं। इस वर्ग की जायज चिंताओं और शंकाओं को ध्यान में रखे बिना नीति बनाने से उनकी आजीविका पर गंभीर खतरा पैदा हो सकता है, जिससे बड़े पैमाने पर बेरोजगारी और गरीबी का मुद्दा खड़ा हो जाएगा।संयुक्त राष्ट्र के मुताबिक अंतरराष्ट्रीय या राष्ट्रीय किसी भी स्तर पर नीति निर्माण में लोकतांत्रिक प्रक्रिया अपनाना आवश्यक है।

 

 

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