एडीबी से ज्यादा कर्ज लेना चाहता है भारत

मनीला। भारत एशियन डवलपमेंट बैंक (एडीबी) से ज्यादा कर्ज चाहता है ताकि बुनियादी विकास के लिए फंड की कमी को पूरा करने में मदद मिले। आर्थिक मामलों के सचिव सुभाष चंद्र गर्ग एडीबी के प्रेसिडेंट ताकेहीको नकाओ से शुक्रवार को मुलाकात करेंगे और भारत को ज्यादा कर्ज के लिए मुद्दा उठाएंगे।गर्ग के साथ बैठक में एडीबी की स्ट्रैटजी 2030 के अनुसार उसकी प्राथमिकताओं में बदलाव पर भी चर्चा होगी।भारत एडीबी की उस योजना का समर्थन करेगा, जिसमें वह गरीबी उन्मूलन और जलवायु परिवर्तन से निपटने वाली परियोजनाओं के लिए ज्यादा संसाधन देगा। एडीबी एक साल में भारत में तीन अरब डॉलर का निवेश करेगा। एडीबी के बोर्ड ऑफ गवर्नर्स की बैठक में हिस्सा लेने आए गर्ग ने कहा कि हम एडीबी से कर्ज की राशि बढ़ाना चाहते हैं। एडीबी भी भारत का समर्थन करता रहा है। अभी उसने भारत में तीन अरब डॉलर निवेश की प्रतिबद्धता जताई है।एडीबी के प्रेसिडेंट ताकेहीको नकाओ ने कहा है कि रोबोटिक्स और आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस जैसी नवीनतम तकनीकों के विकास से नौकरियों में कटौती से असर से कर्मचारियों को बढ़ाने के लिए सरकारी नीतियों में बदलाव किया जाना चाहिए। प्रगतिशील कर व्यवस्था से यह कम किया जा सकता है।

 

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