कांग्रेस में तीन-तीन नाम का पैनल हुआ तैयार

दिल्ली में तय हो सकते हैं टिकट के लिए मापदंड

श्रीगंगानगर, 12 जुलाई (का.सं.)। राजस्थान में विधानसभा चुनाव के लिए कांग्रेस ने अपनी तैयारियों को और ज्यादा गति देनी शुरू कर दी है। प्रदेश में नवम्बर-दिसम्बर में चुनाव प्रस्तावित हैं, जबकि अटकलें यह भी हैं कि लोकसभा चुनाव के साथ विधानसभा के चुनाव करवाये जा सकते हैं। अगर एक साथ चुनाव हुए, तो यह चुनाव आगामी मई-जून में होंगे। हालांकि इसकी सम्भावनाएं काफी कम हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए कांग्रेस ने नवम्बर-दिसम्बर में ही चुनाव होना मानकर अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। इसी क्रम में कल शुक्रवार को नई दिगी में कांग्रेस मुख्यालय में एक बैठक रखी गई है, जिसमें राजस्थान के शीर्ष नेताओं को बुलाया गया है। बैठक में पूर्व मुख्यमंत्री एवं राष्ट्रीय महासचिव अशोक गहलोत के शामिल न होने की सम्भावना है, क्योंकि वे बिहार के दौरे पर हैं। कल की बैठक में कांग्रेस हाईकमान द्वारा टिकटों के लिए मापदंड तय करने पर चर्चा होने की पूरी सम्भावना है। मापदंड तय कर लिये जायेंगे, ऐसा अभी नहीं लग रहा, लेकिन क्या-क्या मापदंड होने चाहिए, इस पर विचार विमर्श किया जायेगा। कांग्रेस की केन्द्रीय हाईकमान ने राजस्थान में प्रभारी अविनाश राय पांंडे के साथ चार सहप्रभारी- हाजी निजामुद्दीन, तरूण कुमार, विवेक बंसल और देवेन्द्र नियुक्त किये हुए हैं। इन सहप्रभारियों को 50-50 विधानसभा क्षेत्रों पर नियुक्त किया हुआ है। कांग्रेस के उगा पदस्थ सूत्रों के अनुसार इन सहप्रभारियों ने प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र से तीन-तीन नाम के पैनल बना लिये हैं। सहप्रभारियों द्वारा इन पैनलों की सूची जल्दी ही प्रदेश प्रभारी पांडे को सौंप देने की चर्चा है। इसके बाद यह पैनल स्क्रीनिंग कमेटी के पास जायेंगे। बता दें कि हाल ही स्क्रिनिंग कमेटी का प्रभारी पूर्व मंत्री कु. शैलजा को नियुक्त किया गया है। स्क्रिनिंग कमेटी इन नामों पर विचार कर एक-एक नाम तय कर आगे केन्द्रीय हाईकमान को प्रेषित करेगी। केन्द्रीय हाईकमान विभिन्न एजेंसियों और पार्टी के एक्सपर्ट नेताओं से करवाये गये सर्वे तथा जुटाये गये फीडबैक के साथ इन नामों का मिलान करेगी। इसके बाद उम्मीदवारों की सूचियां तय होंगी। कांग्रेस के इन्हीं सूत्रों के अनुसार अब उम्मीदवारों के चयन की प्रक्रिया आरम्भ होने जा रही है। इसके साथ ही कांग्रेस टिकट के दावेदारों की रेस भी तेज हो गई है। कु. शैलजा को जब से स्क्रिनिंग कमेटी का प्रभारी नियुक्त किया गया है, टिकट के दावेदार उनसे मेल-मुलाकातें करने में लगे हैं। कल की बैठक के लिए प्रदेशाध्यक्ष सचिन पायलट, प्रदेश प्रभारी अविनाश राय पांडे, चारों सहप्रभारी, नेता प्रतिपक्ष सहित कईं नेताओं को दिगी बुलाया गया है। बताया जा रहा है कि बैठक में राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी खुद भी मौजूद रहेंगे।
श्रीगंगानगर में चौका देने वाला होगा चेहरा विधानसभा चुनाव को लेकर जहां तक श्रीगंगानगर सीट के लिए कांग्रेस प्रत्याशी कौन होगा, इसकी खूब अटकलें व चर्चाएं जोरों पर हैं। कांग्रेस की तरफ से टिकट के दावेदार चेहरे चिर-परिचित हैं, जिनमें मुख्यत: जयदीप बिहाणी, राजकुमार गौड़, जगदीश जांदू, अंकुर मिगलानी व राजेन्द्र सोनी हैं। इसके अलावा इस रेस में कमला बिश्रोई, मनिन्द्र कौर नंदा, नमिता सेठी महिला नेत्रियों के नामों की भी खूब चर्चा हो रही है। दूसरी तरफ कांग्रेस के उगा पदस्थ सूत्रों का कहना है कि इस बार श्रीगंगानगर का जो फीडैक केन्द्रीय हाईकमान तक पहुंचा है, उसमें इसी बात पर जोर दिया गया है कि यह सीट कांग्रेस जीत सकती है, लेकिन नया प्रत्याशी मैदान में उतारना होगा। लिहाजा इन दिनों कांग्रेस की केन्द्रीय हाईकमान राजस्थान मेें एक निजी एजेंसी से जो सर्वे करवा रही है, उसमें विशेषकर श्रीगंगानगर सीट के लिए कोई नया चेहरा ढूंढने पर जोर दिया गया है। इस एजेंसी की टीम अभी भी श्रीगंगानगर में ही विभिन्न वर्गांे के लोगों से मेल-मुलाकातें कर फीडबैक जुटाने में लगी है। इस टीम में एक खुफिया एजेंसी का रिटायर्ड अधिकारी भी शामिल है। गुरुवार को भी यह टीम श्रीगंगानगर में सक्रिय रही, जबकि बीते दो दिनों में इस टीम ने हनुमानगढ़ जिले के विभिन्न विधानसभा क्षेत्रों का दौरा किया। कांग्रेस के विश्वसनीय सूत्रों के मुताबिक इस टीम द्वारा किये जा रहे सर्वे से करीब एक-डेढ़ महीने पहले एक और टीम सर्वे करके जा चुकी है। इसी टीम ने सर्वे मेें बताया है कि श्रीगंगानगर सीट नये चेहरे को मैदान में उतारकर ही जीती जा सकती है। इस सीट पर इस बार कांग्रेस के जीतने की प्रबल सम्भावना है। इसी कारण जो अब सर्वे हो रहा है उसमें नये-नये चेहरों के बारे में लोगों से राय ली जा रही है। इन्हीं सूत्रों ने बताया कि अब तक जो नये नाम-चेहरे सामने आये हैं, उनमेें एक शिक्षाविद्, एक डॉक्टर और एक सरपंच भी शामिल है। शिक्षाविद् मूलत: राजस्थान के नही हैं, लेकिन पिछले करीब 40 वर्षांे से श्रीगंगानगर में ही है। सूत्र बताते हैं कि ये शिक्षाविद् खुद राजनीति में आने के इ’छुक नहीं है, जबकि वे कांग्रेस से ही जुड़े हुए हैं और पार्टी के एक प्रकोष्ठ के जिलाध्यक्ष भी हैं। ऑर्थाे सर्जन डॉक्टर का नाम इस सर्वे में चौका देने के रूप में सामने आया है, जबकि सरपंच का नाम भी चर्चा में है, लेकिन उनकी सम्भावनाएं बहुत कम हैं। इन सबके बीच कांग्रेस की ही एक नेत्री का नाम भी काफी ऊपर पहुंचा है। सोशल मीडिया एक्सपर्ट सक्रिय विधानसभा चुनाव नजदीक आते ही सोशल मीडिया एक्पर्ट भी सक्रिय हो गये हैं। ऐसे एक्सपर्ट्स की दो-तीन टीमें पिछले कुछ दिनों से श्रीगंगानगर और हनुमानगढ़ जिलों में दोनों मुख्य पार्टियों-भाजपा-कांग्रेस के उन नेताओं से सम्पर्क साध रही है, जो टिकट पर प्रबल दावा कर रहे हैं। यह एक्सपर्ट इन नेताओं की शानदार इमेज के प्रोफाइल बनाकर दोनों पार्टियों के बड़े नेताओं के सोशल मीडिया में बने हुए अधिकृत प्रोफाइल में अपलोड कर देते हैं, जिससे वे इन नेताओं की सीधे नजर में आ जाते हैं। जयपुर, दिगी से आये हुए इन एक्सपर्ट्स ने दोनों पार्टियों में उगा स्तर पर गहरी पैठ बनाई हुई है।जिसके चलते वे बड़े नेताओं के प्रोफाइल पर चुनाव लडऩे वाले नेताओं के पेज बनाकर अपलोड कर रहे हैं। इसकी ऐवज में यह एक्सपर्ट्स लाखों रुपये लेते हैं। जानकारी के मुताबिक इन एक्सपर्ट्स के साथ दिगी व जयपुर में भाजपा-कांग्रेस के कतिपय नेताओं की सांठ-गांठ से इंकार नहीं किया जा रहा। इसी सांंठ-गांठ के चलते इन एक्सपर्ट्स ने दोनों पार्टियों के नेताओं के सोशल मीडिया अकाउंट्स में घुसपैठ की हुई है। यह घुसपैठ अन्य लोगों के लिए इतनी आसानी से सम्भव नहीं है। ऐसे एक्सपर्ट्स सोशल मीडिया पर पिछले दिनों भाजपा व कांग्रेस की जारी हुई सूचियां लेकर इनमें जिन नेताओं के नाम दर्ज हैं, उनके पास जा रहे हैं। इन सूचियों को पार्टी की अधिकृत सूची बताकर उनसे मोटा धन ऐंठने का गोरखधंधा भी कर रहे हैं। सूत्र बताते हैं कि यह सूचियां बिल्कुल भी अधिकृत नहीं है। यह सूचियां सट्टेबाजों ने अपने-अपने आंकलनों में से बनाकर सोशल मीडिया पर जारी कर दी, जिसे अब जयपुर-दिगी के सोशल मीडिया एक्सपर्ट भुनाने में लगे हैं।

 

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