सर्दियों में बढ़ जाती है दमे की समस्या

कुछ लोग सर्दियों को लेकर रोमांचित रहते हैं, वहीं कुछ ऐसे भी हैं जिन्हें ठंड के मौसम में अस्थमा के दौरे से बचने के लिए ज्यादा ध्यान रखने की जरूरत होती है। द अस्थमा एंड एलर्जी फाउंडेशन ऑफ अमेरिका ने पाया है कि ठंडी हवा, शुष्क हवा और मौसम में अचानक बदलाव से किसी व्यक्ति में अस्थमा का दौरा पड़ सकता है। ऐसा इसलिए है क्योंकि शुष्क और ठंडी हवा मांसपेशियों की ऐंठन पैदा कर सकती है। इसका एक और कारण है – फ्लू और सर्दी का प्रसार। ठंड लगने से अस्थमा के लक्षण बढ़ सकते हैं। अस्थमा के मरीजों को सर्दियों में सांस लेने में परेशानी होती है और उनका दम फूलने लगता है। साथ ही बलगमयुक्त खांसी भी आती है। मरीज को रात में ज्यादा दिक्कत होती है। ऐसे समय में मरीज को खांसी का दौरा भी पड़ सकता है और यह घंटों तक रह सकता है। शरीर में सांस नली का व्यास 2 से 3 सेमी होता है और यह 2 हिस्सों में बंटी होती हैं और दोनों फेफड़ों में जाकर फिर बंट जाती हैं। इसमें मांसपेशियां होती हैं, जो सिकुड़ती फैलती रहती हैं। अगर मांसपेशियां सिकुड़ जाती हैं, तो सांस लेने में परेशानी होने लगती है। सर्दी-जुकाम और गले में सूजन पैदा करने वाले बैक्टीरिया व वायरल इन्फेक्शन भी इस बीमारी को बढ़ाते हैं। ऐम्स, दिल्ली के डॉ. नबी वली के अनुसार, दमा या अस्थमा दो प्रकार का होता है- बाहरी और आंतरिक। बाहरी अस्थमा बाहरी एलर्जी के कारण होता है जैसे धूल के कण, पालतू जानवरों के बाल, घर में जमी फफूंद आदि। वहीं आंतरिक अस्थमा में हम घातक केमिकल तत्वों को सांस से शरीर में ले जाते हैं, जैसे प्रदूषण की हवा, स्मोकिंग का धुआं या किसी चीज के जलने का धुआं। अस्थमा की स्थिति तनाव के कारण भी गंभीर हो सकती है।
सर्दियों में अस्थमा को नियंत्रण में रखने के लिए ये उपाय अपनाएं-
बार-बार हाथ धोएं
साबुन और पानी से अपने हाथ अच्छे से और बार-बार धोएं। यह सबसे आसान तरीका है जिससे वायरस फैलने से और सर्दी होने से बचा जा सकता है। हैंड सेनिटाइजर भी यूज कर सकते हैं। साथ ही परिवार को हाथ धोने की महत्ता को समझाने की जरूरत है ताकि घर में कीटाणु न फैलें।
आग वाली जगह पर बैठने से बचें- भले ही आग में हाथ तापना गर्माहट देता हो लेकिन यह उन लोगों के लिए सही नहीं है जिन्हें अस्थमा की समस्या हो। अध्ययनों में जलते हुए तंबाकू और लकड़ी को एक जैसा माना गया है। धुएं के कारण फेफड़ों मे परेशानी हो सकती है और अस्थमा के मामले में यह खतरनाक हो सकता है।
मुंह बंद रखें- मुंह बंद रखना फेफड़ों के लिए अच्छा होता है। आपकी नाक में क्षमता होती है कि सांस लेने वाली वायु को फेफड़ों के लिए गर्माहट दे सकें। इसलिए मुंह बंद रखना चाहिए। स्कार्फ भी यूज कर सकते हैं।
बाहर नहीं, घर में एक्सरसाइज करें- जब तापमान बहुत कम हो और खूब ठंडी हवा चल रही हो तो बेहतर है जिम या पार्क में व्यायाम करने की बजाए घर में करें। ऐसा इसलिए क्योंकि जिम में होने वाली नमी परेशानी न पैदा करे। जब ताजी हवा के साथ व्यायाम करना चाहते हैं तो तब बाहर जाएं, जब गर्माहट हो।
एक्सरसाइज के पहले वॉर्म अप- एक अध्ययन में पाया गया है कि जो व्यायाम के पहले वॉर्मअप करते हैं, वे जल्दी ठीक होते हैं और उनके फेफड़े बेहतर काम करते हैं, विशेष रूप से सर्दियों में। बाहर जाने से पहले ट्रेडमिल पर 20 मिनट का वर्कआउट कर लें।

 

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