हिमालया ने किया वल्र्ड पाईल्स डे के अवसर जागरुकता का प्रसार

नई दिल्ली। हिमालया ड्रग कंपनी ने वल्र्ड पाईल्स डे के अवसर पर पाईल्स के बारे में जागरुकता बढ़ाने के लिए जांच शिविर आयोजित किए। ये जांच शिविर भारत के 68 शहरों में आयोजित किए गए, जिनमें बैंगलोर, चेन्नई, मुंबई और दिल्ली शामिल हैं।हिमालया ड्रग कंपनी के मेडिकल सलाहकार, डॉ. डी.पलनीयम्मा ने कहा, ”आज के तनावपूर्ण जीवन ने पाईल्स की संभावना बढ़ा दी है। लम्बे समय तक काम करने से तनाव और कब्ज की समस्याओं में वृद्धि हुई है। पाईल्स की रोकथाम के लिए पहला उपाय है कि फाईबर से भरपूर आहार, जैसे सब्जियां, फल, फलियां और खड़े अनाज या चोकर से भरपूर आहार लिया जाए। शरीर में पानी की मात्रा पर्याप्त रखना बहुत आवश्यक है, ताकि बार-बार कब्ज की शिकायत न हो, जो पाईल्स का एक प्रमुख कारण है। औसतन शरीर को हर रोज 3 लीटर पानी की जरूरत होती है। पर्याप्त मात्रा में पानी लेकर तथा कैफीन, मिर्च-मसालेदार भोजन और प्रोसेस्ड फूड से दूर रहकर मल को नियमित किया जा सकता है। प्रतिदिन एक घंटे व्यायाम करके आंतों को मजबूत बनाया जा सकता है और आगे चलकर पाईल्स से बचाव किया जा सकता है। हिमालया ने मेडिकल कॉलेज में निशुल्क जांच शिविर आयोजित किए, ताकि लोगों को इस बीमारी के लक्षण पहचान कर समय पर जांच व इलाज के बारे में जागरुक बनाया जा सके।50 वर्ष से अधिक आयु के लगभग 50 प्रतिशत महिला व पुरुषों में हेमरॉयड के लक्षण विकसित हो जाते हैं। इसके कुछ आम लक्षणों में दर्द, खुजली, असहजता एवं रक्तस्राव हैं। कभी-कभी पाईल्स कोई लक्षण प्रदर्शित नहीं करती। अच्छी बात यह है कि हेमरॉयड्स के इलाज के लिए कई प्रभावशाली समाधान मौजूद हैं। पाइल्स से पीडि़त व्यक्ति के लक्षणों को दूर करने के लिए इलाज के कई विकल्प उपलब्ध हैं। डॉ. डी.पलनियम्मा ने बताया, ”सबसे अच्छा उपाय है कि हर्बल दवाईयां ली जाएं, जिनका कोई साईड इफेक्ट नहीं होता। लज्जलु, जेर्गुल, अरगवध और भृंगराज युक्त उत्पाद चुनें। इनमें ही मोस्टेटिक, घाव का उपचार करने, मल को नर्म बनाने, एंटी-इन्फ्लेमेटरी और एनाल्जेसिक गुण होते हैं, जो रक्तस्राव करने वाले पाईल्स के इलाज में काफी फायदेमंद हैं।

 

 

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