किसान नेताओं ने बीमा क्लेम न देने की धांधली पकड़ी

बैंक और इंश्योरेंस कम्पनी की साजिश का भंडाफोड़

श्रीगंगानगर, 11 फरवरी (का.सं.)। ओलावृष्टि से तबाह हुई फसल का किसान को बीमा क्लेम न देना पड़े, बैंक और बीमा कम्पनी द्वारा रची गई ऐसी साजिश का सोमवार को किसान नेताओं ने भंडाफोड़ किया। बैंक और बीमा कम्पनी की धांधली को बेनकाब करते हुए किसान नेताओं ने बैक मैनेजरों को जमकर लताड़ लगाई, जिसके बाद उन्होंने ओलावृष्टि से प्रभावित हुए किसानों से क्लेम के फार्म लेने शुरू कर दिये। श्रीगंगानगर जिले में विगत 7 फरवरी को रायसिंहनगर, श्रीबिजयनगर, अनूपगढ़, घड़साना, रावला, सादुलशहर आदि इलाकों में जमकर ओलावृष्टि हुई थी। भारी ओलावृष्टि से सरसों, चना, गेहूं और जौ की फसलों को जबरदस्त नुकसान हुआ है। सबसे ‘यादा अनूपगढ़ और घड़साना का इलाका प्रभावित हुआ है। जिला प्रशासन ने अगले ही दिन प्रभावित हुई फसलों का सर्वे करवा लिया। इस सर्वे के आधार पर सरकार अपनी ओर से प्रभावित किसानों को सहायता राशि देगी, लेकिन किसान क्रेडिट योजना के तहत फसलों के किये गये बीमे का क्लेम बीमा कम्पनी ने किसान को अदा करनाा है। इस बार श्रीगंगानगर जिले में यह बीमा एसबीआई इंश्योरेंस कम्पनी ने किया है। किसानों ने जिन-जिन बैंकों से केसीसी लिमिट बनवाई है, उन बैंकों ने उनकी फसल का बीमा करते हुए प्रीमियम राशि वसूल की है। यह राशि आगे बीमा कम्पनी को पहुंचाई गई है। अब जब ओळावृष्टि से फसलें तबाह हुई हैं तो बीमा कम्पनी के नियम के मुताबिक प्रभावित किसान को सात दिन के अंदर क्लेम फार्म भरकर उस बैंक में जमा करवाना है, जहां उसकी केसीसी लिमिट बनी है। विगत 7 फरवरी को ओळावृष्टि से फसलें खराब होने के अगले दिन ही किसान क्लेम फार्म लेकर बैंकों में गये तो बैंककर्मियों ने फार्म फर्जी होना या कोई और बहाना बनाकर लेने से मना कर दिया, जबकि यह फार्म बैंक को ही सात दिन के अंदर बीमा कम्पनी को पहुंचाना है, ताकि कम्पनी भी अपना सर्वे कर क्लेम रिपोर्ट बना सके। अनूपगढ़-घड़साना, रावला और श्रीबिजयनगर इलाके के किसानों के क्लेम फार्म न लिये जाने का पता चलने पर गंगानगर किसान समिति (जीकेएस) का एक शिष्टमण्डल सोमवार को अनूपगढ़ पहुंचा। शिष्टमण्डल में शामिल सहसंयोजक विक्रमजीतसिंह शेरगिल, राजा हेयर, राजू सैनी, रवीन्द्र सिंह ढिगो, ब्रह्मदीपसिंह खख, परमपाल सिंह संधू, गुरविन्द्र संधू, वीरदीप सिंह आदि ने प्रभावित किसानों से बातचीत की। उनसे सारे मसले का ब्यौरा लिया। रणजीतसिंह राजू की अगुवाई में किसानों ने एसडीएम को उनके कार्यालय में जाकर ज्ञापन दिया और ओळावृष्टि से प्रभावित किसानों को बीमा कम्पनी के माध्यम से प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत क्लेम दिलाने के लिए कहा। रणजीतसिंह राजू ने बताया कि इसके बाद उन्होंने कुछ किसानों को उन बैंकों में क्लेम फार्म देकर भेजा, जिन बैंकों से उनकी केसीसी लिमिट बनी हुई थी। इन किसानों को बैंक वालों ने कोई ना कोई बहाना बनाकर वापिस भेज दिया। तत्पश्चात् वे इन्हीं किसानों को साथ लेकर दोबारा इन्हीं बैंकों में गये तब भी क्लेम फार्म लेने से आनाकानी की गई, लेकिन जब उनसे पूछा गया कि वे यह फार्म क्यों नहीं ले रहे, बैंक मैनेजरों के पास कोई जवाब नहीं था। थोड़ी सी हील-हुगात के बाद उन्होंने क्लेम फार्म लेने शुरू कर दिये। अनूपगढ़ में एसबीआई, पीएनबी, आईसीआईसीआई आदि बैंकों में आज लगभग 150 किसानों के क्लेम फार्म जमा करवाये गये। किसानों ने बैंकों को चेतावनी दी है कि वे क्लेम फार्म लेकर आने वाले किसी भी किसान को लौटायेंगे नहीं। श्री राजू के अनुसार बैंक और इंश्योरेंस कम्पनी वाले यह धांधली इसलिए कर रहे हैं, ताकि उन्हें बहाना मिल सके कि सात दिन के अंदर क्लेम फार्म न मिलने की वजह से किसान क्लेम पाने में अपात्र हो जायेगा। कम्पनी को बीमा नहीं देना पड़ेगा। किसान नेताओं ने चेताया कि यह धांधली नहीं चलने दी जायेगी। दूसरी तरफ ओळावृष्टि प्रभावित किसानों से इन नेताओं ने अपील की है कि वे अभी दो दिन बाकी हैं। वे अपने फार्म जल्द से जल्द अपने सम्बन्धित बैंक में जमा करवा दें।

 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *