नकाबपोशों द्वारा ऑफिसर कॉलोनी की कोठी में घुसकर हमला, आधा दर्जन से अधिक घायल

गोली पिस्तौल में फंस जाने से जान बच गई

श्रीगंगानगर, 26 जून (का.सं.)। बीकानेर रियासत काल में मंत्री और स्वतंत्रता सेनानी रहे मस्तानसिंह सेखों के पुत्र बलविंदरसिंह की श्रीगंगानगर में कोठी पर कल रात 8-10 नकाबपोश अज्ञात व्यक्तियों ने घर में घुसकर हमला कर दिया,जिसमें बलविंदरसिंह,उनके दो नौकर व उनके परिवारजन घायल हो गए। हमले के दौरान एक युवक ने बलविंदरसिंह पर पिस्तौल से गोली चला दी,लेकिन गोली पिस्तौल में ही फंस गई। इस कारण बलविंदरसिंह की जान बच गई। त्रिपुली के समीप ऑफिसर कॉलोनी में रहने वाले बलविंदरसिंह सेखों (72) द्वारा सूचना दिए जाने पर पुलिस ने मौके पर आकर जांच पड़ताल की, लेकिन तब तक हमलावर फरार हो चुके थे। बलविंदरसिंह द्वारा दी गई रिपोर्ट के आधार पर अज्ञात जनों के खिलाफ पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। जवाहरनगर थाना पुलिस के अनुसार बलविंदरसिंह ने बताया है कि कल रात 8.30 बजे 8-10 हथियारबंद व्यक्ति जिनके पास लोहे की रॉड और बंदूक भी थींं, घर में जबरन घुस आए।घर में आते ही नौकरों से उनके बारे में पूछने और झगडऩे लगे। वह शोर शराबा सुनकर बाहर लॉन में आया तो हमलावरों में से एक दो जनों ने चिगाकर कहा कि यही है बलविंदर सिंह। इस को जान से मार दो। इतने में सभी ने उसे नीचे गिरा लिया और लात घूसों व लोहे की छड़ों से मारपीट करने लगे। बलविंदरसिंह के अनुसार तभी उनका नौकर गोविंदसिंह उसकी पत्नी नीतू, एक और नौकर शेरा और उसके ब’चे भाग कर आ गए। यह सभी बचाने के लिए उस पर गिर गए। हमलावरों ने इन सब को लोहे की छड़ों, लात घूसों से बुरी तरह से पीटा। इस दौरान गोविंदसिंह की पुत्री आंचल को हमलावरों ने जबरन उठा ले जाने की कोशिश की। आंचल को शेरा, गोविंद,नीतू व सूरज आदि ने बड़ी मुश्किल से बचाया। बलविंदरसिंह के अनुसार गोविंद सिंह के एक हाथ की कोहनी पर लोहे की रॉड का वार लगने से वह लहूलुहान हो गया। खुद उनके, नीतू और सूरज के भी चोटें लगी हैं। हमले के दौरान एक युवक ने पिस्तौल निकाल कर उनकी तरफ गोली दाग दी, परंतु गोली चली नहीं। पिस्टल में ही फंस गई। दर्ज करवाए मुकदमे में बलविंदरसिंह ने यह भी बताया कि उनके द्वारा शोर मचाने पर हमलावर जाते हुए गालियां निकालते रहे। उसे धमकाया की अगर हरबंससिंह व गुरतेजसिंह लाडी पर उसने मुकदमा करवा रखे हैं, अगर वापस नहीं लिए तो उसे 7 दिन में मार देंगे। हम अगर उसके एक नौकर का मोबाइल फोन छीन ले गए। बलविंदरसिंह के अनुसार हमलावरों में से एक व्यक्ति कह रहा था कि मंगल ने सही खबर नहीं दी है। वह तो कह रहा था कि बलविंदरसिंह अकेला रहता है, लेकिन यहां तो काफी लोग रह रहे हैं।पुलिस ने बताया कि धारा 458, 323, 143, 382,354 और आर्म्स एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। बलविंदर सिंह के पिता मस्तानसिंह देश के जाने-माने स्वतंत्रता सेनानी रहे हैं आजादी से पहले बीकानेर रियासत के महाराजा सरदूल सिंह के शासनकाल में मस्तानसिंह पीडब्ल्यूडी मिनिस्टर रहे थे।बलविंदरसिंह की मांं सतवंतकौर श्रीगंगानगर जिले में श्रीकरणपुर विधानसभा क्षेत्र से दो बार विधायक रहीं थीं। उनके मामा गुरदयालसिंह संधू भी इसी विधानसभा क्षेत्र से दो बार विधायक चुने गए थे। उनकी भाभी इकबालकौर भी श्रीकरनपुर से विधायक चुनी गई थींं। बलविंदरसिंह का परिवार इलाके में काफी प्रतिष्ठित है।हमले के पीछे मुकदमों की रंजिश बलविंदरसिंह के घर में घुसकर अज्ञात लोगों द्वारा किए गए हमले के पीछे प्रथम दृष्टया मुकदमों की रंजिश सामने आ रही है। बलविंदरसिंह सेखों ने विगत 21 मई को श्रीकरणपुर तहसील क्षेत्र के चक 6-ओ निवासी हरबंससिंह के खिलाफ हो श्रीगंगानगर कोतवाली और गत 19 जून को हरियाणा के करनाल सिविल थाना में धोखाधड़ी और फर्जीवाड़े के मुकदमे दर्ज करवाएं हैं। श्रीगंगानगर कोतवाली में दर्ज करवाए मुकदमे में हरबंससिंह की पुत्री जसपालकौर पर अपने भाई दौलतसिंह की पत्नी बन कर विदेश जाने का आरोप लगाए गए हैं। इस प्रकरण के अनुसार जसपालकौर की शादी 1997 में चक 15 -ओ निवासी सुरेंद्रसिंह के पुत्र ओंकारसिंह के साथ हुई थी। आरोप के अनुसार 16 अगस्त 2000 को जसपालकौर को अपने ससुर सुरेंद्रसिंह जटसिख की पुत्री राजवीरकौर बनाकर उसके सगे भाई दौलतसिंह (पुत्र हरबंस सिंह)के साथ शादी करवा दी।इस दिन जसपाल कौर को और दौलतसिंह की शादी का श्रीगंगानगर जिला कलेक्ट्रेट में रजिस्ट्रेशन करवाया गया। आरोप के मुताबिक जसपाल कौर, राजवीर कौर के पति ओंकारसिंह को उसकी मौसी अपने आश्रित के रूप में पहले ही अमेरिका ले गई थी। जसपालकौर- दौलतसिंह बहन भाई होते हुए दंपति के रूप में बाद में अमेरिका चले गए। इस मुकदमे की जांच कोतवाली में सब इंस्पेक्टर जयसिंह द्वारा की जा रही है। बलविंदरसिंह ने एक सप्ताह पहले 19 जून को करनाल के सिविल थाना में दर्ज करवाए मुकदमे में हरबंससिंह पर करनाल के फर्जी पते पर अपना पासपोर्ट बनवा कर कई बार अमेरिका जाने का आरोप लगाया है। बलविंदरसिंह का आरोप है कि श्रीगंगानगर जिले में श्रीकरणपुर तहसील क्षेत्र के निवासी हरबंससिंह पर दो-तीन अपराधिक मुकदमे दर्ज थे। इस कारण उसका पासपोर्ट नहीं बन सकता था। हरबंससिंह का एक भाई राजेंद्र सिंह हरियाणा पुलिस में था जो कि करनाल में रहता है। राजेंद्रसिंह के पते पर हरबंससिंह का पासपोर्ट वर्ष 2014 में बना।इसके बाद हरबंसिह कई बार अमेरिका गया। अगस्त 2018 में हरबंससिंह इंडिया आया और जनवरी 2019 में अमेरिका जाने लगा तो उसे दिगी एयरपोर्ट पर रोक लिया गया। अमेरिकी दूतावास को उसका पासपोर्ट फर्जी पते पर बने होने की जानकारी हो गई थी। एयरपोर्ट पर हरबंस का पासपोर्ट ज़ब्त कर उसे वापस भेज दिया गया। इन सब मुकदमों की रंजिश में बलविंदरसिंह पर कल रात हमला करवाई जाने का अंदेशा व्यक्त किया गया है। इधर,पुलिस का कहना है कि पूरे मामले की जांच होने पर सही बात का पता चल पाएगा।बलविंदरसिंह ने बताया कि कल दिन में तीन चार संदिग्ध व्यक्ति उसके बारे में रेकी कर रहे थे। इन संदिग्ध व्यक्तियों को कल सुबह, दोपहर और शाम को उनकी कोठी के पास देखा गया था। हरबंससिंह पर गत 21 जून को केसरीसिंहपुर थाना में सरपंच पति जगदीशराम नायक के भाई हरजीराम के साथ मारपीट करने का मुकदमा भी दर्ज हुआ है।इस मामले में आरोप है कि हरजीराम प्यास लगने पर उनके खेत के खाले से पानी पीने लगा तो हरबंस और उसके भाई गुलजारसिंह ने जातिसूचक गालियां निकालते हुए हरजीराम के साथ मारपीट की।

 

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