अनूपगढ़ में भाजपा का नया चेहरा संतोष बावरी

श्रीगंगानगर, 6 नवम्बर (का.सं.)। भाजपा की प्रदेश चुनाव संचालन समिति द्वारा 80 नामों के बनाये गए एकल पैनल को राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह द्वारा लौटा दिये जाने के बाद दोबारा करवाई गई रायशुमारी में अनेक सीटों पर उथल-पुथल हो रही है। श्रीगंगानगर जिले के सभी छह विधानसभा क्षेत्रों में भी दोबारा रायशुमारी हुई है। अभी तक इन क्षेत्रों में भाजपा के जो नेता टिकट के लिए दावा कर रहे थे, वह दोबारा रायशुमारी के लिए अपनाये गये फॉर्मूले से प्रभावित हो रहे हैं। इसका सबसे बड़ा उदाहरण जिले का अनूपगढ़ सुरक्षित विधानसभा क्षेत्र बना है। इस क्षेत्र से भाजपा की दो नेत्रियां-मौजूदा विधायक शिमला बावरी और भाजयुमो की प्रदेश उपाध्यक्ष प्रियंक बैलाण को ही प्रबल दावेदार माना जा रहा था। दोबारा हुई रायशुमारी के बाद अब इस क्षेत्र से एक नया नाम उभरकर आया है। अनूपगढ़ में एक निजी स्कूल की संचालक-प्राचार्य संतोष बावरी को तीन नामों के पैनल में शामिल किया गया है। संतोष बावरी के पति प्रभूदयाल, जो राजस्थान विधानसभा कार्यालय में एलडीसी की नौकरी छोड़कर अनूपगढ़ में अपना टेंट हाऊस तथा खेती का व्यवसाय कर रहे हैं, वे पिछले चुनाव से इसी क्षेत्र से टिकट मांग रहे थे। इस बार भी उन्होंने टिकट पर दावा जताया, लेकिन भाजपा हाईकमान ने अनूपगढ़ सीट को महिला कोटे में रखा हुआ है। महिला कोटे में भी भाजपा की प्राथमिकता बावरी समाज को है, क्योंकि इस क्षेत्र में ‘यादा वोट इसी समाज के हैं। शिमला बावरी-प्रियंका बैलाण में 36 के आंकड़े को देखते हुए संतोष बावरी का नाम पैनल में आया है। प्रभूदयाल व उनकी पत्नी संतोष ने काफी पहले भाजपा में टिकट के लिए आवेदन कर दिया था, लेकिन अब संतोष बावरी के नाम पर प्रदेश हाईकमान में मंथन हो रहा है। बता दें कि संतोष बावरी, बीकानेर में पुलिस अधीक्षक कार्यालय में पदस्थापित सीआई लूणाराम बावरी की पुत्री हैंं। संतोष बावरी डबल एमए-बीएड शिक्षित हैं। कोई बड़ी हैरानी नहीं होगी कि इस बार अनूपगढ़ में भाजपा इस नये चेहरे को मैदान में उतारे, क्योंकि शिमला बावरी सत्ताविरोधी लहर के कारण इस बार काफी कमजोर स्थिति में हैं। प्रियंका बैलाण उतना सक्रिय नहीं रहीं, जितनी कि उनसे अपेक्षा की जा रही थी।

 

 

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