सम्बंध बिगड़े तो ब्लैकमेलिंग पर उतर आया

स्कूल संचालिका ब्लैकमेलिंग कांड में तीन गिरफ्तार

श्रीगंगानगर, 21 नवम्बर (का.सं.)। श्रीगंगानगर के बहुचर्चित स्कूल संचालिका ब्लैकमेलिंग कांड का खुलासा हो गया है। स्कूल संचालिका को ब्लैकमेल करने का षडय़ंत्र उसके अत्यंत करीबी रहे एक इवेंट मैनेजमेंट ने ही रचा था। इस मास्टरमाइंड सहित तीन जनों को जवाहरनगर थाना पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। थानाप्रभारी प्रशांत कौशिक ने बताया कि गिरफ्तार किये गये व्यक्तियों में इस स्कूल संचालिका का बेहद करीबी रहा- महावीर बिहाणी (40) पुत्र सीताराम बिहाणी निवासी 1 डी 14 जवाहरनगर तथा उसके दो साथी- प्रिंस मेघवाल (20) पुत्र गोपीराम मेघवाल तथा किशोर कुमार (25) पुत्र रतनलाल जांगिड़ निवासी रवि चौक, पुरानी आबादी श्रीगंगानगर हैं। संचालिका द्वारा दर्ज करवाये गये मुकदमे में इनके खिलाफ आईटी एक्ट की धाराएं भी जोड़ दी गई हैं। थानाप्रभारी ने बताया कि महावीर बिहाणी शिक्षण संस्थाओं में स्पोर्ट्स एण्ड कल्चर इवेंट मैनेजमेंट का काम करता है। पीडि़त स्कूल संचालिका के स्कूल में उसने इसी तरह के इवेंट आयोजित किये थे। इस दौरान इनमें नजदीकियां हो गईं। नजदीकियों के किसी क्षण में महावीर बिहाणी ने स्कूल संचालिका की आपत्तिजनक तस्वीरें खींच लीं। जब तक इनमें मधुर सम्बंध बने रहे, दोनों में से किसी को भी एतराज नहीं था। कुछ अरसा पहले इनके सम्बंध बिगड़ गये। थानाप्रभारी कौशिक ने बताया कि महावीर बिहाणी चाहता था कि स्कूल संचालिका से उसके मधुर सम्बंध बने रहें, जबकि वह ऐसा नहीं चाहती थी। सम्बंध बिगड़ते-बिगड़ते इस नौबत पर आ गई कि महावीर बिहाणी उससे बदला लेने की सोचने लगा। उसके मोबाइल में पुरानी तस्वीरें कैद थी। इसी के जरिये ही उसने इस संचालिका को परेशान करने और उससे धन ऐंठने की योजना बनाई। सेतिया कॉलोनी में दुकान करने वाले किशोर जांगिड़ को उसने अपने साथ मिलाया। किशोर को संचालिका-अपने खुद की आपत्तिजनक तस्वीरें देते हुए उसे ब्लैकमेल करने के लिए उकसाया। किशोर जांगिड़ यह काम अकेले खुद नहीं कर पाया तो उसने रायसिंहनगर के नजदीक चक 23 पीएस निवासी अपने दोस्त प्रिंस मेघवाल को साथ मिला लिया। पुलिस के मुताबिक अब इनको एक ऐसे सिम कार्ड की जरूरत थी, जिससे वे अपना यह काम कर सकें। किशोर जांगिड़ का मामा सूरतगढ़ उपखण्ड क्षेत्र के गांव बीरमाना में रहता है।कुछ दिन पहले वह बीरमाना गया तो वहां एक बुजुर्ग के मोबाइल फोन का सिम कार्ड उसने उड़ा लिया। उसने कॉल करने के लिए फोन मांगा और फिर उसका सिम कार्ड बदल दिया। इसी बुजुर्ग के सिम कार्ड से किशोर और प्रिंस ने स्कूल संचालिका को विगत 16 नवम्बर को आपत्तिजनक तस्वीरें भेजीं और इन तस्वीरों को वाट्सअप, फेसबुक, इंस्टाग्राम आदि सोशल साइट्स पर वायरल कर देने की धमकी देकर 40 लाख की मांग करने लगे। फोटो पोस्ट करने के बाद यह दोनों रायसिंहनगर में अलग-अलग लोगों से फोन लेकर वाट्सअप कॉलिंग करके संचालिका को परेशान करते हुए 40 लाख की डिमांड करते रहे। विगत रविवार को संचालिका द्वारा जवाहरनगर थाना में मुकदमा दर्ज करवाने पर पुलिस ने जांच करते हुए जब इन नम्बरों को ट्रेस किया, तो लगभग सभी नम्बर रायसिंहनगर के निकले। जिनके नम्बर थे, उनसे पूछताछ की तो पहला नाम प्रिंस मेघवाल का सामने आया। प्रिंस को दबोचा तो किशोर और फिर महावीर बिहाणी तक इस पूरे ब्लैकमेलिंग कांड की कडिय़ां आ जुड़ीं। थानाधिकारी प्रशांत कौशिक ने बताया कि संचालिका-महावीर बिहाणी की जो भी तस्वीरें हैं, वह ओरिजनल हैं। उनके साथ कम्प्यूटर द्वारा कोई छेड़छाड़ नहीं की हुई। इन दोनों में सम्बंध थे। जब सम्बंध बिगड़ गये, तब भी महावीर संचालिका के पीछे पड़ा था कि वह उसके साथ सम्बंध बनाये रखे। स्कूल संचालिका जब नहीं मानी तो उसने इन्हीं तस्वीरों के जरिये उसे ब्लैकमेल करने की कोशिश की। उन्होंने बताया कि तीनों को कोर्ट में पेश किया जायेगा। उधर, स्कूल संचालिका के बारे मेें पुलिस का कहना है कि मुकदमा दर्ज करवाने के बाद वह कहीं बाहर चली गई है। जब वह वापिस आयेगी, तब उससे भी काफी पूछताछ की जायेगी।

 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *