बीएमएल मुंजाल यूनिवर्सिटी के नए अंडर ग्रेजुएट पाठ्यक्रम लॉन्च

जयपुर, 29 मार्च(एजेन्सी)। हीरो ग्रुप की नॉट-फॉर-प्रॉफिट यूनिवर्सिटी बीएमएल मुंजाल यूनिवर्सिटी (बीएमयू) ने चार नए अंडरग्रेजुएट पाठ्यक्रमों-बीएससी (ऑनर्स) इकोनॉमिक्स, बिजनेस एनालिटिक्स में स्पेशलाइजेशन के साथ बीबीए, बीबीए-एलएलबी और बीए-एलएलबी की शुरुआत का एलान किया है। स्पेशलाइज्ड स्किल की बढ़ती मांग और बाजार व अर्थव्यवस्था की बदलती तस्वीर को देखते हुए इन नए पाठ्यक्रमों को तैयार किया गया है। बीएमएल मुंजाल यूनिवर्सिटी का मानना है कि शिक्षा ऐसी होनी चाहिए जो छात्रों को सक्षम बनाए और उन्हें समाज में अर्थपूर्ण सहयोग करने व भविष्य के बदलते बाजार में खुद को ढालने में मददगार हो। नए पाठ्यक्रमों और स्पेशलाइजेशन को नवोन्मेषी शैक्षणिक प्रक्रियाओं के आधार पर तैयार किया गया है, जो केवल ज्ञान देने के बजाय प्रत्यक्ष अनुभव पर ज्यादा आधारित हैं। बीएमएल मुंजाल यूनिवर्सिटी में स्कूल ऑफ मैनेजमेंट के डीन डॉ. विशाल तलवार ने कहा कि हमारे नए पाठ्यक्रमों को डायनामिक वर्कप्लेस की चुनौतियों के अनुरूप छात्रों के लिए जरूरी कौशल की जरूरत को ध्यान में रखते हुए और संबंधित क्षेत्रों में उनके लिए करियर के अवसरों को बेहतर बनाने के लक्ष्य के साथ तैयार किया गया है। बीएमयू के प्रयोग आधारित शैक्षणिक फॉर्मेट में छात्रों को सैद्धांतिक व प्रायोगिक ज्ञान के अतिरिक्त विभिन्न प्रोजेक्ट पर काम करने का मौका भी मिलता है। हमारे पास यूनिवर्सिटी को लेकर महत्वाकांक्षी योजनाएं हैं और हम आगे भी अपने यहां से सर्वश्रेष्ठ छात्र निकालते रहने की उम्मीद करते हैं।बीएमयू में बीबीए पाठ्यक्रम का लक्ष्य कोर मैनेजमेंट कोर्स के साथ बिजनेस एनालिटिक्स प्रोग्राम में मुख्य पाठ्यक्रम के रूप में डाटा इंजीनियरिंग, डिस्क्रिप्टिव बिजनेस एनालिटिक्स, प्रेडिक्टिव बिजनेस एनालिटिक्स, आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस के फंडामेंटल और मशीन लर्निंग जैसे पाठ्यक्रमों के जरिये अंडरग्रेजुएट बिजनेस छात्रों में एनालिटिक्ल स्किल विकसित करना है। बीएमएल मुंजाल यूनिवर्सिटी गुडग़ांव, हरियाणा में है और यहां देशभर के छात्र आते हैं। यूनिवर्सिटी में एक अनुभव आधारित लर्निंग मॉडल है, जिसका लक्ष्य छात्रों को फ्यूचर लीडर बनाना है। इस मॉडल के तहत कुछ प्रमुख कंपनियों से जुड़े उद्योग जगत के अगुआ लोगों फैकल्टी के रूप में जोड़ा गया है और छात्रों को बिजनेस मैनेजमेंट की बारीकियां समझाने के लिए रियल लाइफ केस स्टडी का प्रयोग किया जाता है। छात्रों को काम से जुड़ी व्यावहारिक समस्याओं पर काम करने का मौका मिलता है, उनके ज्ञान और अनुभव का आधार बढ़ता है और साथ ही उन्हें उद्योग जगत में काम करने के लिए तैयार किया जाता है।

 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *