इंदिरा नहर में कूदे पोस्टमैन का शव छठे दिन मिला

नहर पर धरना, पहले गिरफ्तारी व नौकरी की मांग

श्रीगंगानगर, 22 दिसम्बर (का.सं.)। हनुमानगढ़ जिले में विगत 10 दिसंबर को अनाज मंडी की एक दुकान पर पोस्टल बैलट पेपर पाए जाने के विवाद के चलते डाक विभाग के एक पोस्टमैन ओमप्रकाश द्वारा इंदिरा गांधी नहर में छलांग लगा दिए जाने के मामले में छठे दिन शनिवार सुबह शव मिल जाने पर परिजनों व ग्रामीणों ने धरना लगा दिया। प्राप्त जानकारी के अनुसार पिछले रविवार को टिब्बी थाना क्षेत्र में इंदिरा गांधी नहर में पोस्टमैन ओमप्रकाश मेघवाल ने छलांग लगा दी थी। तब से उसकी इंदिरा गांधी नहर में तलाश की जा रही थी। आज शनिवार सुबह लगभग 9 बजे इंदिरा गांधी नहर में बेहरवाला-मसीतावली हेड के बीच ओमप्रकाश का शव पानी में तैरते हुए दिखाई दिया। परिजनों व ग्रामीणों ने इसकी सूचना तत्काल पुलिस व प्रशासन के अधिकारियों को दी। इस प्रकरण की जांच कर रहे संगरिया के डीएसपी देव आनंद और टिब्बी थाना प्रभारी शकील अहमद व तलवाड़ा थाना प्रभारी चंद्रभान दल बल सहित मौके पर पहुंच गए। इस बीच मृतक ओमप्रकाश के परिवार वाले, रिश्तेदार व उसके गांव झांबर के अनेक लोग भी मौके पर आ गए। नहर पर कुछ दलित संगठनों के नेता और पदाधिकारी भी आ पहुंचे हैं। पुलिस ने बताया कि शव को अभी नहर से बाहर नहीं निकाला गया है। रस्सी से बांधकर नहर के किनारे बांधा हुआ है। ओमप्रकाश के परिवार वाले ग्रामीण और दलित संगठनों के पदाधिकारी धरने पर बैठ गये। मांग की गई कि ओमप्रकाश को मरने के लिए मजबूर कर देने के आरोपी सहायक डाक अधीक्षक राकेश धींगडा, पोस्टमास्टर रायसिंह और हनुमानगढ़ नगर परिषद में लेखा अधिकारी के पद से निलंबित किए गए राकेश मेहंदीरत्ता को गिरफ्तार किया जाए। साथ ही मृतक पोस्टमैन ओमप्रकाश के पुत्र को डाक विभाग में नौकरी दी जाए। मौके पर मौजूद पुलिस व प्रशासन के अधिकारी समझाइश की। श्रीगंगानगर से डाक विभाग के अधीक्षक देवीलाल सहारण व अन्य अधिकारियों को मौके पर बुलाया गया। डाक अधिकारियों ने मृतक के परिवार वालों को आश्वस्त किया है कि जल्दी ी ओमप्रकाश के पुत्र को विभाग में नौकरी दिये जाने का प्रस्ताव तैयार कर उच्चाधिकारियों को भेज दिया जायेगा। पुलिस अधिकारियों ने अेमप्रकाश को मरने के लिए मजबूर कर देने के दर्ज मुकदमे की तफ्तीश तेजी से करने का आश्वासन दिया। इस पर परिवार वाले पोस्टमार्टम करवाने को सहमत हो गये। अपराह्न टिब्बी के सरकारी अस्पताल में पोस्टमार्टम करवाये जाने के बाद शव को परिजन अन्तिम संस्कार के लिए ले गये। बता दें कि 7 दिसंबर को विधानसभा चुनाव के लिए मतदान होने के 3 दिन बाद हनुमानगढ़ टाउन में अनाज मंडी में स्थिति राकेश मेहंदीरत्ता के पुत्र राजन राय की दुकान पर 18-20 पोस्टल बैलट पेपर पाए गए थे। इस संबंध में निर्वाचन अधिकारी ने राकेश मेहंदीरत्ता के खिलाफ हनुमानगढ़ टाउन थाना में लोक जन प्रतिनिधित्व अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज करवाया हुआ है। इस मुकदमे में अब तक पुलिस डेढ़ दर्जन व्यक्तियों के बयान दर्ज कर चुकी है। इस बीच कॉल डिटेल भी पुलिस ने हासिल की है। इस कॉल डिटेल से पता चला है कि 10 दिसंबर को राकेश मेहंदीरत्ता और नगर परिषद के एक सफाई कर्मचारी सुरेंद्र के बीच मोबाइल फोन पर बातचीत हुई थी। इस मामले में ओम प्रकाश को कथित रूप से प्रताड़ित किया जा रहा था, जिस पर उसने पिछले रविवार सुबह लगभग 4 बजे अपने वकील से मिलने जाने का कहकर वह इंदिरा गांधी नहर में कूद गया। उसके पुत्र ने पोस्टल बैलट पेपर मामले की जांच कर रहे सहायक डाक अधीक्षक राकेश धींगडा, पोस्टमास्टर रायसिंह और लेखा अधिकारी राकेश मेहंदीरत्ता पर उसके पिता को मजबूर कर देने का आरोप लगाते हुए टिब्बी थाना में मुकदमा दर्ज करवा दिया था।

 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *