मुझे दोबारा दुल्हन नहीं बनना कृति खरबंदा

अपनी पिछली फिल्म शादी में जरूर आना का न्यौता देने वाली ऐक्ट्रेस कृति खरबंदा अब वीरे की वेडिंग में फुल धमाल मचाने वाली हैं। असल जिंदगी में शादी को जरूरी नहीं मानने वाली कृति अपनी इन फिल्मों में इतनी बार दुल्हन बन चुकी हैं कि अब दोबारा दुल्हन नहीं बनना चाहतीं। इतना ही नहीं, उन्होंने तो अपनी मां से भी कह दिया है कि अगर कभी शादी की भी, तो पजामों में भागकर शादी करेंगी। पेश है उनसे हुई मजेदार बातचीत के ये अंश।
हाल ही में जैसे सब्यसाची ने औरतों को साड़ी पहनना न आने पर शर्मिंदा होने की बात कही या गोवा के सीएम ने लड़कियों के बियर पीने पर डरने की बात कही। एक लड़की होने के नाते आपकी इन बातों पर क्या प्रतिक्रिया होती है?
उनको डर क्यों लग रहा है? लड़कियों के माथे पर लिखा है कि वे बियर नहीं पी सकतीं। वैसे, उनको सिर्फ बियर से प्रॉब्लम है या वोडका, विस्की सबसे प्रॉब्लम है? मैं ऐसे लोगों पर ध्यान नहीं देती। मैं अपने कान बंद कर लेती हूं। अगर उसको लगता है कि लड़कियां भी बियर पी रही हैं, तो क्या कर लेंगे? मैंने सब्या सर का स्टेटमेंट पढ़ा नहीं है, लेकिन आप किसी औरत को जज नहीं कर सकते। आप यह नहीं कह सकते कि उसे क्या करना चाहिए, क्या नहीं। हमें भी उतना ही हक है जीने को या सबकुछ करने का जो एक आदमी को, तो कोई कैसे यह तय कर सकता है कि ये औरत क्या कर सकती है, क्या पहन सकती है, क्या खा सकती है, क्या पी सकती है… यह कोई तय नहीं कर सकता। दिक्कत क्या है कि लोगों की परवरिश में बहुत फर्क होता है। उससे सोच में बहुत फर्क पड़ता। मेरे घर में मुझे सिखाया गया कि लड़का और लड़की बराबर हैं। मेरी सोच अलग है, किसी और की सोच अलग है। कल को कोई बोलेगा कि अरे, औरतें क्लीवेज दिखा रही हैं, जो सही नहीं है। आप सबके दिमाग को कंट्रोल नहीं कर सकते। बेहतर है उस पर ध्यान ही मत दो।
वीरे की वेडिंग में बड़ा हंगामा दिख रहा है। क्या धमाल मचा रहे हैं आप लोग?
बहुत हंगामा हुआ है फिल्म में। यह ऐसी फिल्म है, जिसमें आपको दिमाग लगाने की जरूरत नहीं है। फुल एंटरटेनमेंट है। मेरे किरदार का नाम गीत है। गीत का किरदार बहुत फेमस है जब वी मेट से। करीना कपूर मेरी फेवरिट में से एक हैं और जब वी मेट मुझे बहुत पसंद है। जब वह फिल्म आई थी, तब मेरे फ्रेंड्स कहते थे कि तू पूरी गीत है। इसलिए जब मुझे पता चला कि इस पिक्चर में मेरा नाम गीत है तो मैं बहुत एक्साइटेड हो गई थी। मुझे तो लग रहा है कि मैंने उसी चक्कर में फिल्म साइन कर ली। हालांकि यह गीत उससे बहुत अलग है, लेकिन पागलपन इसमें भी है।
असल जिंदगी में ‘जब वी मेट वाली गीत से किस तरह समान हैं?
वह गीत बहुत पॉजिटिव थी। उसे जो सही लगता था, वह करती थी। असल जिदंगी में मैं भी उतनी ही पॉजिटिव हूं। मेरा मानना है कि जरूरी नहीं कि आप सब सही कर रहे हैं, इसलिए आपके साथ भी सब सही होगा। आपको नहीं पता, ऊपरवाले ने आपके लिए क्या तय करके रखा है। इसलिए वह करो जो आप करना चाहते हैं। मैं लोगों से सलाह नहीं लेती। मैंने कभी मां को फोन करके यह नहीं पूछा कि मैं यह फिल्म करूं या नहीं करूं, क्योंकि अगर मेरा दिल नहीं कर रहा और मैं किसी और की सलाह सुनकर कर लूं, तो मुझे दुख होगा। मैं अपने फैसले खुद लेती हूं, चाहे किसी को अच्छा लगे या न लगे। इसलिए मैं कभी किसी चीज का अफसोस भी नहीं करती।
इधर आप एक के बाद एक शादी वाली फिल्में खूब कर रही हैं।
(बीच में ही) मैं दुल्हन ऑफ द इयर बन चुकी हूं। अब मैं भागकर शादी करने वाली हूं। मुझे दोबारा दुल्हन नहीं बनना है। मैं आठ बार दुल्हन बन चुकी हूं। जबकि अपनी साउथ फिल्मों को गिन भी नहीं रही हूं। मैं शादी में जरूर आना में तीन बार दुल्हन बनी थी। इस फिल्म में दो बार दुल्हन बनी हूं। ‘गेस्ट इन लंदन’ में एक बार दुल्हन बनी थी। इस मूवी की फोटोशूट में दो बार दुल्हन बनी हूं। मुझे ऐसा लगता है कि मैं लहंगे का वजन उठाकर ही घूम रही हूं। मुझे उसकी इतनी आदत पड़ चुकी है कि लगता ही नहीं, मेरा कॉस्ट्यूम चेंज हो गया है। मैंने मम्मा को भी बोल दिया है कि मैं पजामों में शादी करने वाली हूं। कुछ अलग तो हो जाएगा। आपको पता है इतनी दिक्कत हो रही है कि अब क्या नया लुक ट्राई करूं। हाल ही में मेरे पास एक और फिल्म आई, जिसमें मुझे फिर दुल्हन बनना था। मेरी स्टाइलिश परेशान हो गई कि अब कितने लुक कहां से लाएंगे सर, आठ बार दुल्हन बन चुकी है। बस एक ही फायदा हुआ है कि मेरी मम्मा भी थक गई हैं, मुझे दुल्हन के रूप में देख-देखकर तो वह अब शादी करने को नहीं कहतीं।
व्यक्तिगत तौर पर शादी के बारे में क्या खयाल है?
मैं शादी में यकीन नहीं करती। मैं कंपैनियनशिप (साथ) में यकीन करती हूं। मैं मानती हूं कि एक पार्टनर होना बहुत जरूरी है। उसके साथ ईमानदार होना बहुत जरूरी है, लेकिन एक इंस्टिट्यूशन के तौर पर मुझे नहीं लगता कि शादी बहुत जरूरी है। मुझे लगता है कि शादी ऐसी चीज है, जो बेवजह बहुत प्रेशर डाल देती है लोगों पर और मुझे उसमें नहीं पडऩा। मैं बहुत खुश हूं कि मुझे लाइफ ऐसे ही जीनी है आगे जाकर भी, तो देखते हैं क्या होता है!
फिल्म इंडस्ट्री में होने वाले लिंगभेद पर क्या राय है?
यार, गैरबराबरी एक बहुत व्यापक टर्म है। इंडस्ट्री में गैर बराबरी की बात आप किस लिहाज से करते हैं, मुझे यह बात समझ में नहीं आती। आप कलाकारों के फीस में अंतर की बात करते हैं, तो जब आप शेयर मार्केट में निवेश करते हैं, तब सारे शेयर आपको एक ही दाम पर नहीं मिलते। हर कलाकार की दर्शकों के बीच एक पहुंच है। हर कलाकार एक लेवल का बिजऩस लाता है और आप जितना बिजऩस लाते हैं, उतना मेहनताना मांग सकते हैं।
आपको लगता है कि कान बंद कर लेना समस्या का समाधान है?
मैं कान तब बंद करती हूं, जब मुझे लगता है कि मेरे कहने या न कहने से कोई फर्क नहीं पड़ेगा। गुस्सा सभी को आता है। खून सभी का खौलता है, लेकिन आप किसको बोल रहे हैं, यह भी देखना है। मैं आपसे बोल रही हूं, क्योंकि ये लोग पढ़ेंगे। वह इंसान जो मेरे से बदतमीजी कर रहा है, मैं उस पर प्रतिक्रिया नहीं देती। मैं एक पीछे हट जाती हूं, क्योंकि मुझे लगता है कि मेरे बोलने या न बोलने से उसकी सोच नहीं बदलेगी।

 

 

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