कैशलेस भारत बनाने में मददगार हो सकते हैं कॉन्टैक्टलेस पेमेंट काड्र्स

 

नई दिल्ली। भारत में, कॉन्टैक्टलेस काड्र्स को बड़ी संख्या में अपनाने के लिए रास्ता बनाने के लिए वीसा जैसे पेमेंट कार्ड प्रदाता भी अपने इंफ्रास्ट्रक्चर को तेजी से अपग्रेड कर रहे हैं और परिणामस्वरूप ऐसे टच पॉइंट्स की संख्या में वृद्धि कर रहे हैं जो इस तरह की तकनीक को स्वीकार करते हैं।टी.आर रामचंद्रन, ग्रुप कंट्री मैनेजर, इंडिया और साऊथ एशिया, वीसा ने बताया कि लोगों के पास डिजिटल पेमेंट प्रक्रियाओं में से चुनने के लिए ढेर सारे विकल्प हैं, इनमें से अधिकांश सिस्टम्स लोगों को झंझट से मुक्त भुगतान अनुभव देने में नाकाम रहने से लोग वापस नकद भुगतान की ओर रुख कर लेते हैं। ऐसे में भुगतान को महज एक टैप (कार्ड को मशीन पर छुआना) जितना आसान करके, जो कि न केवल झंझट से मुक्त है बल्कि बहुत तेज और सुरक्षित होने के साथ ही कैश के इस्तेमाल जितना ही सहज भी है, कॉन्टैक्टलेस काड्र्स ग्राहकों के बीच स्थाई रूप से जगह बना सकते हैं।इस प्रक्रिया को सक्षम बनाने के लिए वित्त मंत्रालय हाल ही में एक निर्देश लेकर आया है, जिसमें बैंकों को नियर-फील्ड कम्युनिकेशन (एनएफसी) सक्षम कॉन्टैक्टलेस क्रेडिट और डेबिट काड्र्स जारी करने की सलाह दी गई है। जैसा कि इसके नाम से स्पष्ट है, कॉन्टैक्टलेस पेमेंट काड्र्स यूजर को पीओएस (पॉइंट ऑफ़ सेल) टर्मिनल पर मात्र टैप करने भर से भुगतान करने की सुविधा देता है। इससे भुगतान करने की प्रक्रिया पहले से कहीं ज्यादा तेज हो जाती है।

 

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