पंचायतों के क्लस्टर बनाकर लगाएं ट्रीटमेन्ट प्लांट-राजे

जयपुर, 14 नवम्बर (कासं.)। मुख्यमंत्री वसुन्धरा राजे ने प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों में शौच आदि के काम आने वाले जल को साफ (ट्रीटमेन्ट) कर इसे पुन: उपयोग में लाने के लिए एक अनूठी पहल की है। राजे की इस पहल से राज्य के ग्रामीण इलाकों में जल की बडी बचत हो सकेगी तथा इस जल को खेती आदि के काम में लाया जा सकेगा। अलवर जिले के राजगढ में मंगलवार को सर्वसमाज के लोगों के साथ जनसंवाद के दौरान राजे ने कहा कि प्रदेशभर में घरों में शौचालय बनाने के बाद अब ग्रामीण इलाकों में पंचायतों के कलस्टर बनाकर सीवेज ट्रीटमेन्ट प्लांट (एसटीपी) स्थापित किए जाएं। इससे शौचालयों में प्रयोग होने वाले पानी का दोबारा इस्तेमाल होने के साथ-साथ खाद और बिजली का उत्पादन हो सकेगा। उन्होंने अलवर जिला कलक्टर को पेयजल की कमी वाले क्षेत्रों में पांच-पांच पंचायतों के समूह बनाकर पंचायतों से पैसा लेकर छोटे-छोटे ट्रीटमेन्ट प्लांट बनाने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि इससे शोधित जल का कृषि सहित अन्य कार्यों में उपयोग किया जा सकेगा तथा भूमिगत जल को भी प्रदूषित होने से बचाया जा सकेगा।

बडी संख्या में पहुंचे मीणा समाज के लोग, कहा- हम सब आपके साथ : जनसंवाद कार्यक्रम में मीणा समाज के लोग बडी संख्या में पहुंचे। मुख्यमंत्री से उन्होंने कहा कि विकास कार्यों को लेकर क्षेत्र की जनता हमेशा आपके साथ है। उन्होंने उच्च शिक्षा, चिकित्सा, पेयजल सहित अपनी विभिन्न समस्या मुख्यमंत्री को बताईं। जिस पर मुख्यमंत्री ने आवश्यक दिशा निर्देश दिए। ब्राह्मण समाज सहित सर्वसमाज के लोगों ने चुनरी ओढाकर तथा माला पहनाकर मुख्यमंत्री का स्वागत किया।
बहू-बेटियों के नाम पर लगाएं पेड मुख्यमंत्री ने टहला मार्बल खदान क्षेत्र में खदानों के बडे-बडे गड्डों में जमा पानी को मोटर से निकाल कर उसके पेयजल एवं कृषि सहित अन्य कार्यों में उपयोग की संभावना तलाशने के भी निर्देश दिए। उन्होंने आम लोगों को सालगिरह, जन्मदिन जैसे विशेष पारिवारिक अवसरों और बहू-बेटी के नाम पर अधिकाधिक पेड लगाने और पेडों की कटाई नहीं करने की अपील की। उन्होंने उद्यानिकी और वन विभाग के अधिकारियों से कहा कि वे भी इसके लिए लोगों को प्रोत्साहित करें तथा उन्हें छायादार एवं फलदार पेड उपलब्ध कराएं।

Chief Minister Vasundhara Raje

पुराने भवनों, बाग-बावडियों को संवारें राजे ने जिला कलक्टर से कहा कि राजगढ क्षेत्र में पुराने भवनों, हवेलियों आदि को चिन्हित कर उनकी मरम्मत कर सहेजने और संरक्षित करने का कार्य किया जाए। उन्होंने इन भवनों के आस-पास बाग-बावडियों का भी शेखावाटी और दौसा की तर्ज पर संरक्षण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि ऐसा करके ना केवल पर्यटन को प्रोत्साहन मिलेगा, बल्कि हम अपने इतिहास को सहेजेगें और आने वाली पीढियां हमें याद करेंगी। उन्होंने नारायणी गांव में पर्यटन विकास के लिए राशि जारी करने को कहा।31 दिसम्बर तक पूरा करें फीडर सुधार का काम जनसंवाद के दौरान ग्रामीणों ने बिजली आपूर्ति तथा कृषि कनेक्शनों में देरी की शिकायत की। जब मुख्यमंत्री ने बिजली विभाग के अधिकारियों से इस पर सवाल पूछा तो उन्होंने बताया कि कई जगह पर फीडर सुधार के कारण बिजली आपूर्ति में बाधा आती है। इस पर उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे 31 दिसम्बर तक फीडर सुधार के काम पूरे करें। मुख्यमंत्री ने डिमांड नोट जारी होने वाले कृषि कनेक्शनों के लिए 20 दिसम्बर तक आवश्यक सामग्री का वितरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।गौरव पथ से अतिक्रमण हटाएं राजे ने राजगढ क्षेत्र के गांवों में रास्तों पर अतिक्रमण के कारण ग्रामीण गौरव पथ के कार्यों में देरी पर नाराजगी जाहिर की। उन्होंने सार्वजनिक निर्माण विभाग के अधिकारियों को सरकारी रिकॉर्ड के अनुसार रास्तों का चिन्हिकरण जीपीएस के माध्यम से करके अधूरे कार्य तुरन्त पूरा करने की सख्त हिदायत दी। उन्होंने कहा कि कोई भी गौरव पथ बिना नाली के नहीं बनना चाहिए और सभी निर्माण कार्यों का थर्ड पार्टी निरीक्षण भी अनिवार्य रूप से होना चाहिए।
राजगढ एसडीओ दो दिन रैणी में बैठें मुख्यमंत्री से रैणी क्षेत्र के लोगों ने शिकायत की कि रैणी में एसडीओ कार्यालय स्थापित होने के बावजूद एसडीएम की नियुक्ति नहीं हुई है। इस पर राजे ने निर्देश दिए कि वैकल्पिक व्यवस्था होने तक एसडीओ राजगढ सप्ताह में दो दिन रैणी कार्यालय में उपस्थित होकर कामकाज देखेंगे। उपस्थित लोगों ने इस निर्णय का स्वागत किया।
पेयजल योजनाओं में देरी बर्दाश्त नहीं राजे ने जामडोली पंचायत में बिजली के कनेक्शन में देरी के कारण पेयजल योजना शुरू नहीं होने की ग्रामीणों की शिकायत को गम्भीरता से लिया। उन्होंने बिजली निगम के सहायक अभियन्ता को मौके पर भेजकर निर्देश दिए कि वे तत्काल देखें कि जलदाय विभाग द्वारा राशि जमा कराने के एक माह बाद भी पेयजल योजना में बिजली कनेक्शन क्यों नहीं हुआ है। उन्होंने कहा कि पेयजल योजनाओं में किसी भी प्रकार की देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। मुख्यमंत्री ने राजगढ में रानीखेत और इलाहाबाद एक्सप्रेस ट्रेनों के ठहराव की लोगों की मांग पर कहा कि इस संबंध में वे रेल मंत्री को पत्र लिखेंगी।

राजगढ क्षेत्र में 435 करोड के विकास कार्य जनसंवाद कार्यक्रम के बाद मुख्यमंत्री ने कहा कि राजगढ क्षेत्र में 435 करोड रुपए के विकास कार्यों से इस क्षेत्र के सम्पूर्ण विकास के लिए राज्य सरकार पूरी तरह प्रतिबद्ध है। राजे ने करीब 8 घण्टे तक सर्वसमाज के लोगों की समस्याएं सुनी और उनके निराकरण के संबंध में दिशा निर्देश दिए।

 

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