बच्चें जेकेके में सीख रहें हैं कला जगत की अनेक विधाएं

जयपुर, 20 मई (एजेन्सी)। जवाहर कला केंद्र (जेकेके) में ‘जूनियर समर प्रोग्राम 2019’ के तहत आयोजित पोट्रेचर, कार्टूनिंग और मोनोप्रिंट वर्कशॉप्स में बच्चें कला के विभिन्न आयाम सीख रहें है। बच्चों के रूझान के अनुसार आयोजित इन वर्कशॉप्स से उनकी क्रिएटिविटी में भी इजाफा हो रहा है। ब्रश एवं पेंट-पोट्रेचर वर्कशॉप ब्रश एवं पेंट-पोट्रेचर वर्कशॉप की इंस्ट्रक्टर, सुश्री अपरा पुरोहित ने बताया कि बच्चों को पोट्रेट बनाने के लिए सर्वप्रथम विभिन्न चेहरों की आधारभूत जानकारी दी जा रही है। बच्चे जब किसी फेस को देखते हैं तो वे समझ नहीं पाते कि वे इसको क्या मेजरमेंट दे, क्योंकि इसे समझने के लिए कोई फार्मूला नहीं है। किसी चेहरे के स्ट्रऊक्चर और 3-डायमेंशन को किस प्रकार से समझते हैं यह जानकारी बच्चों को दी जाएगी। जेकेके वर्कशॉप में बच्चों को सर्वप्रथम फेस की बेसिक शेप्स – गोल एवं अण्डाकार चेहरों से आरम्भ किया गया है। उन्हें आगे फेस के विभिन्न फीचर्स, प्रोपोर्शन, डेप्थ, चेहरे के उभार एवं उन पर लाईट इफेक्ट की जानकारी दी जाएगी। बच्चों को ट्रेनिंग एवं प्रैक्टिस के माध्यम से तैयारी करवाई जा रही है, बाद में इन्हें कलर की जानकारी दी भी जाएगी। कार्टून एवं कैरिकेचर मेकिंग वर्कशॉप ‘लाइन्स – अंडरलाइन्ड कार्टून एवं कैरिकेचर मेकिंग वर्कशॉप ‘लाइन्स – अंडरलाइन्ड’ के प्रशिक्षक सुधीर गोस्वामी ने बताया कि वर्कशॉप में बच्चों को फ्री-हैंड कार्टून मेकिंग की बेसिक जानकारी दी गई है। उन्हें फेस रीडिंग करते हुए कार्टून में विभिन्न प्रकार की आखों, भौहों, नाक, मुंह, हेयर स्टाईल के बारे में बताया गया है। उन्होंने आगे कहा कि ये बच्चे यदि अपने विचारों को कार्टून के माध्यम से अभिव्यक्त करते हैं तो वे ज्यादा प्रभावी होते हैं। वर्कशॉप के माध्यम से बच्चें यह भी समझेंगे कि वे जो अपनी लोकप्रिय कार्टून मूवीज देखते हैं वह वास्तव में किस प्रकार से बनाई जाती है। वर्कशॉप में कार्टून की एनाटॉमी, साईज, इमोशन, मोशन सहित आवश्यक मटेरियल, इक्विपमेंट तथा कार्टून मेकिंग में कंप्यूटर के उपयोग के बारे में भी बताया जाएगा।

 

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