चीन की ई-बाइक भारतीय बाजार पर हो सकती है हावी

नई दिल्ली। आईआईटी मद्रास के प्रोफेसर और इलेक्ट्रिक वाहनों पर केंद्र सरकार के सलाहकार डॉ. अशोक झुनझुनवाला का कहना है कि भारतीय बाजार में चीनी इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहन हावी हो सकते हैं। लिहाजा केंद्र इलेक्ट्रिक वाहनों पर अपनी नीति जल्द घोषित करे, ताकि देश में इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों का उत्पादन बढ़ सके। चीन में करीब 2.7 करोड़ ई-दोपहिया वाहन बन चुके हैं, जो भारतीय बाजार में लाए जा सकते हैं। जबकि देश में इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों पर उस गति से कार्य नहीं हो पा रहा है। देश में सिर्फ दो लाख इलेक्ट्रिक दोपहिये अब तक बने हैं। गैर सरकाररी संगठन क्लाईमेट ट्रेंड द्वारा इलेक्ट्रिक वाहनों को लेकर आयोजित कार्यक्रम में झुनझुनवाला ने माना कि चीनी वाहनों का व्यापक प्रसार हो सकता है। इससे हमारे वाहन उद्योग पर तो असर पड़ेगा ही रोजगार भी प्रभावित होंगे, क्योंकि आज इलेक्ट्रिक वाहनों को लोग पसंद कर रहे हैं। कार्यक्रम में मौजूद अन्य विशेषज्ञों ने भी इस पर चिंता जताई। उनका कहना है कि सरकार की नीति स्पष्ट नहीं होने के कारण इसके लिए आवश्यक ढांचे का विस्तार नहीं हुआ और निवेश नहीं बढ़ा है। झुनझुनवाला ने कहा कि देश में दोपहिया वाहन सर्वाधिक प्रचलित हैं, दूसरे, उनकी चार्जिंग प्रक्रिया आसान है, इसलिए इन्हें प्राथमिकता के साथ प्रोत्साहित किया जाना चाहिए। इसके बाद तिपहियों से लेकर जन परिवहन में इस्तेमाल होने वाले सभी वाहनों को प्रोत्साहित किया जाना चाहिए। उन्होंने इसके लिए बैटरी स्वैपिंग नेटवर्क स्थापित किए जाने की भी पैरवी की। झुनझुनवाला ने कहा कि आईआईटी मद्रास अगले एक महीने के भीतर मोहाली में तिपहिया इलेक्ट्रिक वाहन लॉन्च करेगा और बैटरी स्वैपिंग का पायलट प्रोजेक्ट शुरू करेगा। इसके बाद देश के अन्य 150 शहरों में यह प्रोजेक्ट शुरू किया जाएगा। बैटरी स्वैपिंग में पेट्रोल पंपों या अन्य निर्धारित केंद्रों से चार्ज की हुई बैटरी ली जाती है और डिस्चार्ज की हुई बैटरी को चार्जिंग के लिए दिया जाता है।

 

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