श्रीमद्भागवत कथा का समापन

हनुमानगढ़, 29 अक्टूबर (एजेन्सी)। टाऊन स्थित फुडग्रेन धर्मशाला में चल रही श्रीमद् भागवत कथा के समापन अवसर पर कथा वाचक स्वामी सदानन्द जी महाराज ने कृष्ण सुदामा मिलन की कथा सुनाई। उन्होने बताया कि जगत में प्रेम का रिश्ता सबसे बडा रिश्ता होता है। प्रेम की डोर इतनी मजबुत होती है जिससे भगवान भी खिचें चले आते है। जिस प्रकार सुदामा और कृष्ण के बीच प्रेम का रिश्ता था उसी प्रेम से वशिभुत होकर सुदामा के कुछ भी न बताने पर श्रीकृष्ण सबकुछ जान लेते है। और सुदामा के कष्टो का निवारण करते है। कथा स्थल पर भगवान श्रीकृष्ण और सुदामा मिलन की सचित्र झंाकिया प्रदर्शित की गई। कथा के समापन अवसर पर कथा वाचक द्वारा उपस्थित श्रदालुओं से दक्षिणा के रूप में शराब और तम्बाकु का त्याग करने का संकल्प लेने की मंाग की। स्वामी जी ने बताया कि शराब और तम्बाकु से व्यक्ति का वर्तमान और भविष्य दोनो गर्त में चले जाते है। शराब पीने वालो और तम्बाकु खाने वालो का सान्दिय करने से बचना चाहिए। उन्होने बालिका भु्रण हत्या के बारे में बताया कि ऐसा कर्म करने वाले को सौ गऊ हत्याओं का पाप लगता है। इसके बाद स्वामी जी को समिति द्वारा शॅाल ओढाकर सम्मानित किया गया। कथा के पश्चात भगवान श्रीकृष्ण की महाआरती की गई। इसके बाद श्रदालुओं में पुरी, छोले और हल्वे का प्रसाद वितरित किया गया। इस मौके पर अमर गोयल, मनीष बंसल, रमेश बंसल, सुनील खदरीया, वेदप्रकाश गौतम आदि ने सहयोग किया।

 

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