कलेक्टर ने धातु निर्मित मांझे के उपयोग एवं बिक्री पर लगाया प्रतिबंध

परिन्दों के लिये पसीजा प्रशासन
परिन्दों को बचाने जिले में धारा 144 लागू

बांसवाड़ा, 10 जनवरी (एजेन्सी)। जिला मजिस्ट्रेट एवं कलक्टर आशीष गुप्ता ने जिले में पतंगों को उड़ाने में प्रयुक्त मांझे से परिन्दों को बचाने की दृष्टि से दण्ड प्रक्रिया की संहिता 1973 की धारा 144 के अन्तर्गत निहित शक्तियों का प्रयोग करते हुए जिले में विभिन्न धातुओं के मिश्रण के प्रयोग से निर्मित मांझे को प्रतिबंधित किया है। उन्होंने पतंग उड़ाने के लिए उपयोग में लाए जाने वाले पक्के धागे, नायलोनध्प्लास्टिक मांझा, चाईनीज मांझा जो सिंथेटिकध्टोक्सीक मटेरियल यथा आयरन पाउडर, ग्लास पाउडर का बना हो, पर पूर्णत: उपयोग एवं बिक्री पर प्रतिबंध लगा दिया है। जिला कलक्टर गुप्ता ने बताया कि मंकर सक्रांति के त्यौहार पर आम तौर पर मांझा विभिन्न धातुओं के मिश्रण से बनाया जाता है जो धारदार एवं विद्युत का सुचालक होता है, जिसके उपयोग के दौरान दोपहिया वाहन चालकों तथा पक्षियों को अत्यधिक जान-माल का नुकसान होना संभाव्य है साथ ही इनके द्वारा विद्युत आपूर्ति में भी बाधा उत्पन्न होती है।उन्होंने बताया कि माननीय न्यायाधीश महोदय, उच्च न्यायालय खण्ड पीठ जयपुर के आदेशानुसार इस प्रकार के धातु निर्मित मांझे की बिक्री एवं उपयोग हेतु स्वीकार नहीं किया गया है।
आमजन से की अपील जिला कलक्टर गुप्ता ने इस आदेश में सर्वसाधारण को समग्र लोकहित को देखते हुए उक्त आदेश की अक्षरश: पालना करने की अपील की है। इधर, पर्यावरण एवं परिन्दों के संरक्षण के लिए प्रतिबद्ध वागड़ नेचर क्लब ने भी मकर संक्रांति के तहत युवाओं और बच्चों से पक्षियों के घोसलों से निकलने और वापस लौटने के वक्त सुबह और शाम को पतंगें नहीं उड़ाने तथा पतंगों को उड़ाने में धातु मिश्रित।मांझे के प्रयुक्त न करने का आह्वान किया है।

 

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