प्रदेश मेें सीएम वसुंधरा राजे अब पूरी तरह से पीएम मोदी पर हैंं निर्भर : सचिन पायलट

 

जयपुर, 28 दिसम्बर (नि.स.)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नए वर्ष में जनवरी महीने में बाड़मेर और झुंझुनूं के दौरे को लेकर सियासत का दौर शुरू हो गया है। राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष सचिन पायलट ने आरोप लगाया कि राजस्थान की सीएम वसुंधरा राजे और प्रदेश भाजपा पीएम नरेंद्र मोदी की शरण में जा रही है। इसके अलावा पीएम मोदी के दौरे का फायदा प्रदेश भाजपा यहां होने वाले तीन उपचुनाव में उठाना चाहती है। पायलट ने यह वक्तव्य देकर भाजपा पर पलटवार किया है। भाजपा के प्रदेश प्रभारी अविनाशराय खन्ना ने कल बुधवार को जयपुर में प्रेस वार्ता में बयान दिया था कि अलवर और अजमेर के उपुचनाव में कांग्रेस अपने बड़े-दिग्गज नेताओं को मैदान मेें उतारने से पीछे हट गई है। कांग्रेस का यह पीछे हटना ही भाजपा के सामने उसकी हार है। बता दें कि इन दोनों सीटों पर कांग्रेस की ओर से पहले पूर्व केन्द्रीय मंंत्री भंवर जितेन्द्रसिंह तथा प्रदेशाध्यक्ष सचिन पायलट के नाम चल रहे थे। अलवर में अब कांग्रेस ने डॉ. करणसिंह यादव को चुनाव लड़वाने की घोषणा की है। अजमेर में पायलट की जगह किसी ओर को चुनाव लड़वाने की सम्भावना है। खन्ना के इस बयन का करारा जवाब देते हुए आज सचिन पायलट ने कहा कि राजस्थान की भाजपा और यहां की सीएम वसुंधरा राजे अब पूरी तरह से पीएम नरेंद्र मोदी पर निर्भर है। पायलट ने कहा कि ना तो सीएम की साख बची है और ना ही यहां के भाजपा नेताओं की अब जनता के सामने कोई अहमियत रह गई है। अजमेर, अलवर लोकसभा उपचुनाव और मांडलगढ़ विधानसभा उपचुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी की ही जीत होगी। उन्होंने कहा कि कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के नेतृत्व में वर्ष 2018 कांग्रेस का साल होगा और युवा नेतृत्व में कांग्रेस पार्टी राजस्थान में विधानसभा चुनाव जीतेगी। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार राजनीति और धर्म को जोड़कर राजनीति कर रही है, जब चुनाव आते है, तभी भाजपा को राममंदिर याद आता है। उन्होंने राजस्थान में किसानों की कर्जमाफी की कमेटी को सिर्फ एक रा’य सकार का पाखंड बताया। पायलट ने कहा कि कर्जमाफी वाली कमेटी ने भी किसानों का कर्ज माफ करने से अब हाथ खड़े कर दिए है और कोई फैसला नहीं ले पा रही है। लेकिन रा’य सरकार को कांग्रेस और किसान की बात माननी पड़ेगी। इसके अलावा पायलट ने कहा कि डॉक्टर्स की हड़ताल देर से खत्म होने के लिए सीएम वसुंधरा राजे जिम्मेदार है। डॉक्टरों की हड़ताल के कारण कई मरीजों को अपनी जान से हाथ धोना पड़ा, लेकिन सीएम वसुंधरा राजे ने इस हड़ताल को खत्म करने को लेकर कोई कदम जल्दी नहीं उठाया।

 

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