गलत दावों पर नियंत्रण है बहुत जरूरी: बजाज आलियांज इंश्योरेंस

पुणे। की अग्रणी बीमा कंपनी बजाज आलियांज जनरल इंश्योरेंस लगातार गलत दावों पर लगाम लगाने के लिए लड़ाई लड़ रही है, पूरे देशभर में फर्जी मोटर दुर्घटना से संबंधित मामलों मे क्षतिपूर्ति के लिए अक्सर दावे किए जाते हैं। एक ऐसे ही मामले बजाज आलियांज जनरल इंश्योरेंस कंपनी लि. बनाम भियाराम में राजस्थान उच्च अदालत ने हाल ही में स्थाई तौर पर एक एसआईटी गठित करने का निर्देश दिया। यह संपूर्ण देश में पहली बार हुआ है कि जब अदालत ने किसी फर्जी दावे के निपटारे हेतु उसका स्थाई हल निकालने पर जोर दिया है।बजाज आलियांज जनरल इंश्योरेंस के मुख्य तकनीकी अधिकारी शशि कुमार अदिदामू ने कहा कि, जिस तरह से फर्जी दावे आ रहे थे, वह काफी चिंताजनक विषय है और जरूरत इस बात की है कि इस पर कड़ाई से अंकुश लगाया जाए। हमारी कंपनी के प्रयासों ने इस दिशा में बेहतरीन काम किया है और अथॉरिटीज (अधिकारियों) को ऐसे फर्जी दावे पर लगाम लगाने में मदद भी की है। आगे उन्होंने यह भी कहा कि अब जरूरत इस बात की है कि ऐसे गलत तरीकों को रोकने के लिए एक यंत्र विकसित किया जाए जो आगे चलकर फर्जी दावों का आवेदन करने वालों को हतोत्साहित करेगा। अब जब कि न्यायपालिका ने भी इस पर संज्ञान लिया है, तो हमें उम्मीद है कि ऐसे गलत दावे करने वाले इससे बाज आएंगे। क्योंकि अदालत अब उन पर कड़ी कार्रवाई करने से नहीं चूकेगा।उच्च अदालत का यह फैसला उस समय आया है, जब देशभर में वाहनों से होने वाले दुर्घटनाओं के मुआवजे के फर्जी दावों की बाढ़ सी आई है। इसकी शुरुआत मार्च 2016 में हुई, जब बजाज आलियांज जनरल इंश्योरेंस कंपनी ने भियाराम द्वारा मोटर एक्सीडेंट क्लेम ट्रिब्यूनल में फाइल किए गए बीमा दावे को राजस्थान उच्च अदालत में चुनौती दी और अपील की कि इस दावे की उचित छानबीन के लिए एक विशेष जांच टीम (एसआईटी) का गठन किया जाए। इस तरह के फर्जी दावों को रोकने के लिए बजाज आलियांज जनरल इंश्योरेंस ने और भी कुछ कदम उठाए हैं। परंतु यह एक ऐसा उदाहरण है, जिसे कंपनी ने काफी गंभीरता से लिया है, और इससे निपटने के लिए जीरो टालरेंस की नीति अपनाई है।

 

 

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