कोरोना वायरस का खौफ , नई कार खरीदने से बच रहे ग्राहक

नई दिल्ली। ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री के लिए अगले कुछ और दिन मुश्किल बनी रह सकती है। दरअसल, कोरोना वायरस के प्रकोप के चलते लॉकडाउन हुआ और अप्रैल में शोरूम बंद रहे। इस वजह से देश में पिछले महीने एक भी कार नहीं बिकी। अब मई में शोरूम धीरे-धीरे खुलने शुरू हो गए हैं, तो कार कंपनियों को एक नई समस्या से दो-चार होना पड़ रहा है। लॉकडाउन के पहले जिन ग्राहकों ने कारों की कैश बुकिंग की थी, अब वे अपनी बुकिंग रद्द कर रहे हैं।ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री के सूत्रों के अनुसार, रिटेल सेल शुरू होने के पहले कुछ दिन ग्राहकों की प्रतिक्रिया सकारात्मक नहीं रहेगी। उन्होंने बताया कि लॉकडाउन से पहले जिन गाडिय़ों की कीमत का भुगतान हो गया था और सिर्फ डिलिवरी रह गई थी, उनको छोड़कर अधिकांश ग्राहक नई कार खरीदने से बच रहे हैं।पैसेंजर कारों के एक डीलर ने कहा, ‘ऑपरेशन्स फिर से शुरू होने पर कमजोर प्रतिक्रिया मिली है। बुक की गई कारों को कैंसल किए जाने की वजह से अगले कुछ दिन कारों की बहुत ज्यादा डिलीवरी नहीं होगी। ऐसे में हमारे लिए एक नए लॉकडाउन जैसी स्थिति होगी। लॉकडाउन के पहले अच्छी बुकिंग-मार्च में लॉकडाउन होने से पहले कई गाडिय़ों के बड़ी संख्या में कन्फर्म बुकिंग हुई थी। इनमें किआ सेल्टॉस, नई क्रेटा और एमजी हेक्टर जैसी कारें शामिल हैं, जिनकी अच्छी खासी बुकिंग हुई थी। सेल्टॉस की बुकिंग 50 हजार, क्रेटा की लगभग 20 हजार और हेक्टर की 20 हजार यूनिट बुकिंग हो चुकी थी।कोरोना की दहशत से नई कारों की बिक्री पर ‘ब्रेक-कोरोना वायरस के प्रकोप को देखते हुए अधिकतर लोग ज्यादा से ज्यादा बचत को बढ़ाने और नई खरीदारी से बचने पर जोर दे रहे हैं। भारत में 70 पर्सेंट से ज्यादा नई कारें लोन लेकर ईएमआई पर खरीदी जाती हैं। एक कंपनी के सीनियर एग्जिक्युटिव ने कहा, ‘अगर 70 पर्सेंट से ज्यादा नई कारें फाइनैंस पर बेची जाती हैं, जिनकी ईएमआई चूकने पर भारी पेनल्टी देनी होती है, जो ज्यादातर ग्राहक अभी इससे बच रहे हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *