जुकाम में मिलेगा आराम अपनाएं कुछ उपाय

खांसी, जुकाम, नाक बहना आदि परेशानियां शुरू हो जाती हैं। कई बार दवा खाने पर भी आराम नहीं मिलता। आप भी बार-बार जुकाम की समस्या से परेशान रहते हैं तो इन तरीकों को आजमा सकते हैं।

जुकाम के कारण

0 सर्दियों के मौसम में नाक बहने की समस्या होने के कई कारण हो सकते हैं, जिनमें मुख्य हैं एलर्जी। कुछ लोगों को ठंड से ही एलर्जी होती है। धूल-मिट्टी से एलर्जी होने के कारण भी नाक बहने लगती है।
0 प्रतिरोधक शक्ति कम होने के कारण भी व्यक्ति जुकाम की चपेट में आने लगता है।
0 कुछ लोगों को ठंडे पानी से या मूली से एलर्जी होती है। ऐसे में इन्हें खाते ही जुकाम हो जाता है। इसी तरह दोपहर के बाद मूली या कोई खट्टा फल, संतरा, मौसमी आदि खाने से भी जुकाम या नाक बहने की समस्या हो सकती है।

कच्ची हल्दी-शहद के फायदे

कच्ची हल्दी का रस निकालकर शहद के साथ सेवन करने से खांसी, जुकाम, नजला और नाक बहने जैसी परेशानी में आराम मिलता है। इसके लिए आधा छोटा चम्मच कच्ची हल्दी का रस (कच्ची हल्दी का रस गरम कर लें), एक छोटा चम्मच शहद में मिलाकर, दिन में एक या दो बार किसी भी समय सेवन करें। ऐसा करने से 24 घंटे में ही नाक बहने से आराम मिलता है और दो-तीन दिनों में जुकाम ठीक हो जाता है।

हल्दी और दूध

कच्ची हल्दी या मसाले वाली हल्दी को दूध में उबालकर पीने से भी जुकाम और नाक बहने की परेशानी से राहत मिलती है। इसके लिए करीब 10 ग्राम कच्ची हल्दी को कूटकर ढाई सौ ग्राम दूध में पांच से सात मिनट के लिए पकाएं और फिर इसे छानकर पी लें। कच्ची हल्दी न मिल पाए तो घर में मौजूद मसाले वाली हल्दी ही आधा छोटा चम्मच ले लें। पर मसाले वाली हल्दी को भी पकने के बाद छानें जरूर। इसका दिन में दो बार सेवन करने से दो-तीन दिन में ही जुकाम में आराम मिल जाता है। इसे रात में लेना चाहिए।

आंवला-शहद

करीब दो बड़े चम्मच आंवले का रस गरम करके, एक बड़े चम्मच शहद के साथ मिलाकर दिन में दो बार सेवन करें। ऐसा करने से दो-तीन दिन में ही जुकाम ठीक हो जाता है।

त्रिकट्टु-शहद

त्रिकट्टु में सौंठ (सूखा अदरक), पीपल और काली मिर्च बराबर मात्रा में मिली होती है। इस त्रिकट्टु को एक ग्राम या करीब आधा छोटा चम्मच लेकर एक छोटे चम्मच शहद के साथ खाली पेट सेवन करना चाहिए। इसे आप दो या तीन दिन तक ले सकते हैं।
तुलसी-काली मिर्च पांच-सात तुलसी की पत्तियों को दो या तीन काली मिर्च के साथ अच्छी तरह से कूट लें। फिर इसे 200 ग्राम पानी में धीमी आंच पर पकाएं। अब इस काढ़े को छानकर पी लें। ऐसा दिन में दो बार करें। इसे दो दिन तक लें।
(पब्लिक हेल्थ इंस्टीट्यूट सुलभ इंटरनेशनल के आयुर्वेदिक चिकित्सक वैद्य विपिन कुमार से की गई बातचीत पर आधारित)

 

 

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