आशीर्वाद आटे की झूठी विडियों पर प्रतिबंध का आदेश

 

बैगलोर, 25 दिसंबर (एजेन्सी)। न्यायालय ने आशीर्वाद आटा में प्लास्टिक के आरोपों को बनाने, प्रसारण और इनका संचार करने वाले विडियो पर प्रतिबंध लगाने का आदेश दिया है। न्यायलय ने सोशल मीडिया को आशीर्वाद आटे के अस्तित्व को भंग करने वाले झूठे विडियों को प्रकाशत एवं परिचालन करने से वर्जित कर दिया है। आशीर्वाद आटा का इंटरनेट प्लेटफार्मों पर दुर्भावनापूर्ण वीडियो सामने आ रहे थे जिन में यह आरोप लगाया जा रहा है कि आटे में प्लास्टिक मिला हुआ है। इन वीडियो में दावा किया गया है कि यदि आशीर्वाद आटे से बने पेडों को कई बार धोया जाए तो इससे गम जैसा पदार्थ बन जाता है, जिस में प्लास्टिक होने का संदेह था। इन विडियोज़ में जिसे प्लास्टिक का रूप दिया जा रहा है वास्तव में वह एक गेहूं प्रोटीन (जिसे ग्लूटेन के रूप में भी जाना जाता है) है ,जो आटे को एक साथ बांधता है और आटा गूंधने के बाद आटे को लचीला बनाता है। उक्त वीडियो को आशीर्वाद आटे के उपयोग और उपभोग के बारे में आम लोगों के बीच भ्रम और झूठे आरोप पैदा करने और आशीर्वाद ब्रांड की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुँचाने के इरादे से बनाया और प्रसारित किया गया है। प्रतिष्ठित ब्रांड के खिलाफ किए गए आधारहीन आरोपों पर ध्यान देते हुएए कंपनी ने पहले ही खबर समय के मालिक और उनके अज्ञात सहयोगियों, जिन्हें इन वीडियो के पीछे माना जाता है के खिलाफ कोलकाता में एक पुलिस शिकायत दायर की थी। इसके अलावा, कंपनी ने इस मामले से जुड़े लोगों के विरुद्ध, वीडियो के खिलाफ और प्रतिष्ठा के नुकसान के लिए बेंगलुरु के सिटी सिविल एंड सेशन जज के न्यायालय में याचिका दायर की है। मामले की सुनवाई पर कोर्ट ने ऐसे विडियो के प्रकाशन प्रसारण संचार या ऐसे वीडियो को उपलब्ध करवाने या ऐसे विडियो को किसी भी तरह से सार्वजनिक देखने के लिए उपलब्ध करवाने या जारी रखने से प्रबंधित कर दिया है। कोर्ट ने इंटरनेट/सोशल

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