लाखों की नगदी-गहने हड़पने वाले को राहत नहीं

 

श्रीगंगानगर, 15 फरवरी (का.सं.)। विदेश भेजने और शादी का झांसा देकर लाखों रूपये की धोखाधड़ी के अभियुक्त मिर्जेवाला निवासी विकास चौधरी उर्फ विक्की की ओर से पेश जमानत याचिका अदालत ने खारिज कर दी। अपर लोक अभियोजक श्रीकृष्ण कुक्कड़ ने शुक्रवार को बताया कि मिर्जेवाला निवासी सतपाल ने पुलिस थाना कोतवाली में दर्ज मुकदमे में आरोप लगाया कि उसके भांजे मुकेश को विदेश भेजने के लिए उसकी शादी आरोपी की भुआ की लडकी के साथ करने का झांसा देकर संगरिया निवासी अरूण कुमार पुत्र राजेश कुमार, उम्मेदी पत्नी अरूण कुमार व उसके मामे के लड़के विकास उर्फ विक्की पुत्र भूर सिंह ने साजिश के तहत एटीएम कार्ड हासिल करके करीब 57 लाख रूपये नगदी और 8 लाख रूपये के गहने प्राप्त करके आरोपीगण ने उसके साथ धोखा और अमानत में ख्यानत की। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर मुख्य न्यायिक मजिस्टे्रट की अदालत में पेश किया। सीजेएम कोर्ट ने जमानत अर्जी खारिज कर दी। आरोपी विकास चौधरी उर्फ विक्की ने अपने वकील के जरिए जिला एवं सेशन न्यायाधीश के समक्ष जमानत हेतू अर्जी पेश की जो कि अंतरित होकर सुनवाई हेतू अपर जिला एवं सेशन न्यायाधीश संख्या 1 के समक्ष पेश हुई। आरोपी के पिता भूर सिंह ने खुद हाजिर होकर बहस करते हुए तर्क पेश किया कि उसके पुत्र को मुकदमे में झूठा फंसाया गया है, जिसका राजकीय सेवा में चयन हो चुका है, जेल में रहने से उसका भविष्य खराब हो जायेगा। अपर जिला एवं सैशन न्यायाधीश पलविन्द्र सिंह ने दोनों पक्षों की बहस सुनकर एवं केस डायरी से अभियुक्त के लेन-देन के षडयंत्र में शामिल होने के तथ्य प्रकट होने, 60 लाख रूपये की भारी भरकम राशि सहित 8 लाख रूपये गहने हड़पने का आरोप होने के कारण प्रकरण के गुणावगुण पर टिप्पणी किए बिना जमानत प्रार्थना-पत्र स्वीकार किए जाने योग्य न होने के कारण खारिज कर दिया।

 

 

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