गौवंश से लदे ट्रक को पकड़े जाने के बाद विवाद

 सादुलशहर में दिनभर चलती रही गतिविधियां, तीन काबू

श्रीगंगानगर, 7 जुलाई (का.सं.)। श्रीगंगानगर जिले में पंजाब सीमा से लगते सादुलशहर थाना क्षेत्र में शनिवार बड़े तड़के पंजाब की ओर से आये एक ट्रक में गौवंश के लदे होने को लेकर एक बड़ा विवाद उठ खड़ा हुृआ। दिनभर इस विवाद को लेकर गतिविधिवयां तेज रहीं। यह गतिविधियां तब थमीं, जब ट्रक में लदे गौवंश को दो गौशालाओं के सुपुर्द किया गया और अवैध रूप से इस गौवंश को उत्तर प्रदेश के एक बूचडख़ाने में कटने के लिए ले जाने के आरोप में चालक सहित तीन जनों को गिरफ्तार किया गया। इस विवाद को सुलझाने में कस्बे में व्यापार मण्डल द्वारा संचालित बड़ी गौशाला में दिनभर बैठकें चलती रहीं। प्राप्त जानकारी के अनुसार तड़के लगभग तीन बजे पुलिस को सूचना मिली कि गद्दरखेड़ा चौराहा पर एक ट्रक को पंजाब से आये हुए कुछ लोगों ने रोक रखा है। ट्रक के चालक, परिचालक व मालिक के साथ मारपीट की जा रही है। इस ट्रक में करीब डेढ़ दर्जन बैल-गोधे लदे हुए हैं। पुलिस जब मौके पर पहुंची, तो करीब डेेढ़-दौ सौ व्यक्तियों ने इस ट्रक को घेर रखा था। ट्रक में 17 बैल-गोधे थे, जिनमें से एक की मौत हो चुकी थी। इनमें तथाकथित गौरक्षा सेवादल के पदाधिकारी-कार्यकर्ता भी थे, जो पंजाब से इस ट्रक के पीछे लगे थे। मौके पर मौजूद लोगों ने पुलिस को बताया कि इस ट्रक में पंजाब के निकटवर्ती गांव तूतांवाली के आसपास से बैल-गोधों को ठूंसकर लादा गया है। ट्रक उत्तर प्रदेश में किसी बूचडख़ाने में इनको छोडऩे के लिए जा रहा है। वहां काफी तनातनी हो जाने के कारण खुद थानाप्रभारी बलराज सिंह मान को अतिरिक्त पुलिसकर्मी लेकर पहुंचना पड़ा। तत्पश्चात् ट्रक में सवार तीनों व्यक्तियों को थाने में लाया गया। ट्रक को गौवंश सहित पुलिस कस्बे में ले आई। पीछे-पीछे गद्दरखेड़ा के अनेक ग्रामीण आ गये। पुलिस जैसे ही बैल-गोधों को देखभाल के लिए बड़ी गौशाला के सुपुर्द करने लगी, तो इन लोगों ने ऐतराज किया। लोगों का कहना था कि पुलिस जैसे ही इनको गौशाला में छोड़ेगी, गौशाला के प्रबंधक इनको कस्बे में खुला छोड़ देंगे। लिहाजा इन आवारा पशुओं के कारण हादसे होंगे। अभी कल ही निकटवर्ती संगरिया कस्बे में एसडीएम कार्यालय के पास एक गोधे द्वारा टक्कर मार देने से एक वृद्ध व्यक्ति की मौत हुई है। लोगों द्वारा यह ऐतराज करने पर सवाल खड़ा हुआ कि इन बैलों-गोधों को किसके सुपुर्द किया जाये। इसे लेकर गौशाला के कार्यालय में सुबह बैठकों के दौर शुरू हुए। इन बैठकों में दोनों व्यापार मण्डलों के अध्यक्ष संदीप सिंगला, ओमप्रकाश सरदारशहरिया, गौशाला प्रबंध समिति अध्यक्ष विजय गोयल, थानाप्रभारी बलराज सिंह मान आदि शामिल हुए। बार-बार फोन करने पर भी एसडीएम प्रियंका तलानिया इस बैठक में नहीं आईं। बैठक में काफी देर तक कोई नतीजा नहीं निकला कि समस्या का क्या हल निकाला जाये? दूसरी तरफ गद्दरखेड़ा और इसके आसपास के गांवों व ढाणियों के लोग अपने-अपने क्षेत्र से आवारा-बेसहारा पशुओं को हांककर अथवा ट्रेक्टर-ट्रॉलियों में लादकर कस्बे में ले आये। करीब 60 से अधिक पशुओं को उन्होंने कस्बे में खुला छोड़ दिया। यह इस बात का विरोध जताने के लिए किया गया कि गौशाला के प्रबंधक अपने यहां लाये जाने वाले आवारा-बेसहारा पशुओं को सम्भालने की बजाय दो-चार दिन बार खुला छोड़ देते हैं। उधर, कुछ लोग इस बात पर अड़ गये कि ट्रक को गौवंश सहित वापिस पंजाब ले जाया जाये। गौवंश को वहां तूतांवाली के आसपास ही छोड़ दिया जाये। इसी कश्मकश के चलते वार्ताओं के दौर भी चलते रहे। कतिपय गौ प्रेमियों ने ट्रक से पशुओं को उतरवाया और उनके लिए चारे-पानी की व्यवस्था की। अपराह्न जाकर इस बात पर सहमति हुई कि आठ पशु बड़ी गौशाला को और 8 पशु वार्ड नं. 4 में संचालित एक अन्य गौशाला के सुपुर्द किये जायें। पुलिस ने बाकायदा वीडियोग्राफी करवाकर इन पशुओं को इन दोनों गौशालाओं के इस पाबंदी के साथ सुपुर्द कर दिये कि कल को अदालत का आदेश आने पर इन्हें पेश करना पड़ सकता है। थानाधिकारी बलराज सिंह मान ने बताया कि यह विवाद सुलझने के साथ ही रात को मौके पर गये एएसआई सोहनलाल द्वारा दी गई रिपोर्ट के आधार पर ट्रक यूपी 21बीएन9505 में इन बैलों-गोधों को ठूंसकर ले जाते हुए पकड़े गये तीनों व्यक्तियों- अरशद पुत्र अब्दुल सत्तार शेख मुसलमान निवासी ललवाना थाना मनाठेर, जिला मुरादाबाद-यूपी, विचित्र सिंह पुत्र वीरसिंह मजबी निवासी पेड़ा कलांं थाना चंदेल व प्रभदीप सिंह पुत्र सतनाम सिंह मेहरा निवासी कृष्णा गली, नत्थूवाला मोहगा, नजदीक बाबा हरदयाल सिंह गुरुद्वारा जंडवाला, जिला अमृतसर पर पशु क्रूरता निवारण अधिनियम की विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। इन तीनों को गिरफ्तारकर रिमांड लेने के लिए कोर्ट मेें पेश किया गया है। उन्होंने बताया कि एक मृत गोधे का पोस्टमार्टम करवाने के बाद विधिवत रूप से अन्तिम संस्कार कर दिया गया। थानाधिकारी ने बताया कि यह पशु उत्तर प्रदेश के एक बूचडख़ाने में कटने के लिए ले जाये जा रहे थे।

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