सर्दी के मौसम में दही खाना चाहिए या नहीं, यहां जानिए

 

सर्दी के मौसम ने दस्तक दे दी है। खाने-पीने के शौकीन इस मौसम को लेकर बहुत उत्साही रहते हैं, लेकिन कई लोगों के मन में एक सवाल उठता है कि ठंड में दही खाना चाहिए या नहीं ? आमतौर पर माना जाता है कि सर्दियों के दौरान दही खाने से बचना चाहिए क्योंकि इससे गले में खराश हो सकती है। हम जानते हैं कि दही एक सुपर पौष्टिक खाद्य पदार्थ है। यह अच्छे बैक्टीरिया को शरीर में पहुंचाता है, साथ ही यह विटामिन, पोटेशियम, कैल्शियम, मैग्नीशियम और प्रोटीन का भंडार है। बहरहाल, सर्दियों में दही के सेवन को लेकर आयुर्वेद और एलोपैथी की राय अलग-अलग है।
जानिए क्या कहता है आयुर्वेद-आयुर्वेद कहता है कि दही को सर्दियों में खाने से बचना चाहिए, क्योंकि यह ग्रंथियों में स्राव बढ़ाता है, जिससे गले में बलगम बढ़ जाता है। इससे पूरे शरीर के स्वास्थ्य पर असर पड़ता है। इसका सेवन उन लोगों के लिए परेशानी का सबब बन सकता है, जिन्हें पहले से श्वसन संबंधी संक्रमण, अस्थमा, सर्दी और खांसी है। इसलिए सलाह दी जाती है कि सर्दियों में दही के सेवन से बचें, खासतौर पर रात के समय।
अब पढि़ए साइंस क्या कहता है-विभिन्न अध्ययनों से साबित हो चुका है कि दही एक बेहतरीन इम्युनिटी बूस्टर है। यह विटामिन बी 12, कैल्शियम और फॉस्फोरस से भी भरपूर होता है। यह गट बैक्टीरिया को बढ़ाता है, जो शरीर को जड़ से सेहतमंद बनाने में मदद करता है। सर्दियों में दिन के समय दही का सेवन आदर्श है। दही को शाम 5:00 बजे के बाद नहीं खाना चाहिए क्योंकि यह बलगम बनाता है, खासतौर पर अस्थमा और एलर्जी के शिकार लोगों में। अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन के अनुसार, जो महिलाएं हफ्ते में पांच या इससे ज्यादा बार दही का सेवन करती हैं, उनमें हाई ब्लडप्रेशर की आशंका कम होती है। बॉस्टन यूनिवर्सिटी स्कूल ऑफ मेडिसिन के अनुसंधानकर्ताओं का भी कहना है कि डेयरी प्रॉडक्ट हाई ब्लड प्रेशर को कंट्रोल करते हैं, लेकिन इनमें सबसे ज्यादा फायदेमंद दही होता है। वहीं, सर्दियों में कई लोगों को सीजनल अफेक्टिव डिसऑर्डर (एसएडी) को जाता है, जिसे विंटर ब्लूज भी कहा जाता है। इसके इलाज में भी दही कारगर है।
ताजा दही खाएं, नहीं होगा नुकसान-डॉक्टरों का कहना है कि सर्दियों में दही खाया जा सकता है। यहां तक कि सर्दी और खांसी के इलाज में यह बड़े काम का साबित हो सकता है। हालांकि यह सलाह जरूर दी जाती है कि ताज़ा दही खाएं। उसे फ्रिज में रखकर ठंडा न करें।
रात में दही खाना चाहिए या नहीं?
एक्सपर्ट्स का कहना है कि रात में दही का सेवन किया जा सकता है। लेकिन अस्थमा या खांसी से पीडि़त को इससे बचना चाहिए। रात के खाने में पुदीना रायता और जीरा रायता को शामिल करेंगे तो पाचन में मदद मिलेगा। वहीं किसी भी अपच को दूर करने के लिए दही में मेथी भी मिलाई जा सकती है।
जानिए दही के अन्य फायदे-2014 में शोधकर्ताओं ने पाया कि दही का सेवन टाइप 2 डायबिटीज से बचाने में मदद कर सकता है। अन्य प्रकार के डेयरी उत्पाद में ये गुण नहीं होते हैं। वैज्ञानिकों ने सुझाव दिया है कि प्रोबायोटिक बैक्टीरिया युक्त दही बच्चों और गर्भवती महिलाओं के लिए फायदेमंद है। यह उन लोगों के लिए एक पौष्टिक विकल्प है जो भोजन को चबा नहीं पाते हैं।
ऐसा दही खाने से बचें-दही में प्राकृतिक रूप से शुगर होती है, लेकिन दही से बने कई प्रॉडक्ट्स में ऊपरी तौर पर शुगर या कृत्रिम स्वीटनर्स मिला दिए जाते हैं। एक्सपर्ट सलाह देते हैं कि उपभोक्ता 15 ग्राम से ज्यादा चीनी वाले दही के उत्पाद खाने से बचें।

 

 

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