मुद्रा लोन योजना लक्ष्य हासिल करने के लिए बैंकों को बाटंने हैं 1 लाख करोड़ रुपये के लोन

नई दिल्ली। मौजूदा वित्त वर्ष समाप्त होने में अब 1 महीने से कम समय बच गया है और मुद्रा लोन योजना के लक्ष्य को पूरा करने के लिए बैंकों को ओवरटाइम करना होगा। इस वित्त वर्ष में 3 लाख करोड़ रुपये लोन के रूप में बांटने का लक्ष्य था, लेकिन 22 फरवरी तक 2 लाख करोड़ रुपये ही बांटे गए हैं। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, माइक्रो यूनिट्स डिवेलपमेंट ऐंड रिफाइनैंस एजेंसी लिमिटेड के तहत 22 फरवरी तक, कुल आवंटित 2,10,759.51 करोड़ रुपये से 2,02,668.9 करोड़ रुपये के लोन दिए गए हैं। वित्त मंत्रालय के ताजा आंकड़ों के मुताबिक, इस वित्त वर्ष 3.89 करोड़ मुद्रा लोन पास हुए हैं। 2018-19 बजट में सरकार 31 मार्च को समाप्त हो रहे मौजूदा वित्त वर्ष में 3 लाख करोड़ रुपये का लोन बांटने की घोषणा की थी। 2017-18 में 2,46,437.40 करोड़ रुपये के निर्धारित लक्ष्य से अधिक कर्ज बांटा गया। वास्तव में, इस योजना के तहत पिछले सभी वित्त वर्ष में लक्ष्य से अधिक लोन दिया गया है। प्रधानमंत्री मुद्रा योजना की शुरुआत 8 अप्रैल, 2015 को हुई थी। इस स्कीम के तहत, बैंक छोटे उद्यमियों को 10 लाख रुपये तक का लोन दे सकते हैं। लोन को तीन कैटिगरीज़ में बांटा गया है। शिशु कैटिगरी में 50,000 रुपये, किशोर कैटिगरी में 50,001 रुपये से 5 लाख रुपये और तरुण कैटिगरी में 5,00,001 रुपये से 10 लाख रुपये तक का लोन दिया जाता है।केंद्रीय बजट 2019-20 को पेश करते हुए फाइनैंस मिनिस्टर ने कहा कि सरकार ने 15.56 करोड़ लोगों को 7.23 लाख करोड़ रुपये लोन के रूप में दिए हैं, जिसमें बड़ी हिस्सेदारी महिला लाभार्थियों की है।

 

 

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