डाबर च्ययवनप्राश से बढ़ाए अपनी इम्युनिटी

जयपुर। सर्दी का मौसम किसे अच्छा नहीं लगता लेकिन जब इस सर्दी में खांसी, जुकाम एवं श्वांस संबंधी बीमारियाँ हो जायें तो सर्दी का मजा फीका पड़ जाता है। आमतौर पर ये बीमारियाँ तापमान में होने वाले बड़े बदलाव एवं बदलते मौसम में किसी भी व्यक्ति के शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता के कम हो जाने के कारण होती हैं। ऐसे में हजारों वर्षों से प्रसिद्ध, लाखों-करोड़ों लोगों द्वारा सफलतापूर्वक आजमाया हुआ आयुर्वेदिक उत्पाद च्यवनप्रास काफी राहत देता है। च्यवनप्राश का सेवन न केवल हमारी रोग-प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाकर हमें इस सीजन में प्राय: होने वाली खांसी, जुकाम जैसी बीमारियों से बचाता है बल्कि हमारे शरीर के अनेक अंगों की क्रियाओं को अच्छा करता हुआ शरीर को बलशाली भी बनाता है। प्रेसवार्ता को सम्बोधित करते हुए दिल्ली सर गंगाराम हॉस्पीटल के वरिष्ठ आयुर्वेदिक चिकित्सक डॉ. परमेश्वर अरोड़ा ने बतलाया कि मौसम परिवर्तन के समय किसी भी व्यक्ति की रोग-प्रतिरोधक क्षमता कम हो जाती है। ऐसे में खांसी, जुकाम जैसी सामान्य बीमारियाँ एवं अनेकों प्रकार के संक्रमण होने की संभावना बढ़ जाती है। बच्चे बूढ़े एवं अनेकों बीमारियों से ग्रसित रोगी इस बदलते मौसम में सबसे अधिक प्रभावित होते हैं। डॉ. अरोड़ा ने बतलाया कि डाबर च्यवनप्राश का मुख्य घटक आंवला होता है जिसे विश्व में उपलब्ध श्रेष्ठ एन्टी ऑक्सीडेन्ट में अग्रणी माना जाता है। यह आंवला विटामिन-सी का भी एक बहुत अच्छा श्रोत होता है। डाबर च्यवनप्राश में पडऩे वाली अन्य औषधियाँ जैसे गुडूची, हरीतकी, पिपली, शतावरी, कंटाकरी, वासा इत्यादि भी हमारे श्वसन संस्थान को ठीक रखने में एवं रोग-प्रतिरोधक शक्ति बढ़ाने में बहुत मदद करती है। इसका सेवन पूरे साल किया जाना चाहिए जिससे रोग-प्रतिरोधक क्षमता बनी रहे और हम बीमारियों से बचे रहे। डाबर इंडिया लिमिटेड के मैनेजर दिनेश कुमार ने कहा आयुर्वेद के समृद्ध विरासत और प्रकृति के गहरे ज्ञान के साथ, डाबर ने हमेशा प्रामाणिक आयुर्वेद की पुस्तकों, पांडुलिपियों के अध्ययन के माध्यम से सभी के लिए सुरक्षित, और स्वास्थ्य देखभाल पर ध्यान केन्द्रित किया है।

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