Dance Therapy कई बीमारियों से बचाए, चुस्त रखे

 

संगीत की धुन सुनकर हमारा शरीर खुद-ब-खुद थिरकने लगता है। दिनभर में कुछ मिनटों का थिरकना हमारे तन और मन दोनों का आलस दूर कर एक नई ऊर्जा प्रदान करता है। यह कई तरह की बीमारियों और स्वास्थ्य समस्याओं से हमारा बचाव करता है। डांस थेरेपी के ऐसे चमत्कारिक लाभ के बारे में बता रही हैं ज्योति सोही
दिनभर की थकान और तनाव इंसान का जीना दूभर कर देते हैं। इस थकान को दूर करने और खुद को चुस्त-दुरुस्त रखने के लिए हम कभी योग का सहारा लेते हैं, तो कभी उचित खानपान पर ध्यान देने की कोशिश करते हैं। मगर आपको यह जानकर बेहद हैरानी होगी कि चंद मिनटों का डांस हमारे तन और मन दोनों को नई ऊर्जा से भरने की क्षमता रखता है। नियमित रूप से किया जाने वाला डांस हमें शारीरिक-मानसिक रूप से स्वस्थ रखने के साथ-साथ कई बीमारियों से भी बचाता है।
शरीर का लचीलापन बढ़ाए – शरीर का कोई भी अंग अचानक मुडऩे से मोच की शिकायत होना आम बात है। यह शरीर में लचीलेपन की कमी के कारण होता है। मगर प्रति दिन चंद मिनटों का डांस इंसान के शरीर को लचीला बनाता है। डांस जहां जोड़ों में होने वाले दर्द से निजात दिलाने में सहायक है, वहीं इसके कारण खेलते समय चोटिल होने का खतरा भी काफी कम हो जाता है।
तनाव को करे कम-हर बात पर परेशान होना और मन घबराना इस तेज रफ्तार जिंदगी का हिस्सा बन चुका है। ऐसे में कुछ देर डांस करने से हम न सिर्फ खुद को तनाव से दूर रख सकते हैं, बल्कि पहले से ज्यादा खुशी भी महसूस कर सकते हैं। इससे हमारा आत्मविश्वास बढ़ता है और संवाद क्षमता भी बेहतर होती है।
वजन को करे कम –हर दिन कुछ देर डांस करने से हमारे शरीर की कैलरी खर्च होने लगती है। इसके अलावा डांस से रक्त संचार बेहतर होता है। वजन कम करने के लिए फ्रीस्टाइल डांस सबसे अच्छा विकल्प है। फास्ट म्यूजिक पर डांस करने से शरीर में जमा अतिरिक्त वसा तेजी से कम होती है। इससे न केवल मोटापा की समस्या से निजात मिलती है, बल्कि ढीला-ढाला शरीर भी चुस्त बन जाता है।
शरीर को ऊर्जावान बनाए-अगर आपको आलस ने घेरा हुआ है, तो उससे मुक्त होने का डांस से बेहतर कोई विकल्प नहीं हो सकता। दरअसल डांस से शरीर में ऊर्जा का स्तर काफी बढ़ जाता है। कई शोधों ने दिखाया है कि डांस करने वाले लोगों की कार्यक्षमता डांस न करने वालों की तुलना में काफी अधिक होती है।
दिल की मदद करे-दिल संबधी बीमारियों से पीडि़त लोगों के लिए डांस बहुत अच्छी गतिविधि है। जिन लोगों को दिल का दौरा पड़ चुका हो, यदि वे डांस करते हैं तो उनके दिल की सेहत में भी सुधार होता है।
रक्त-संचार दुरुस्त करे-डांस करने से शरीर का हर अंग झूमने लगता है, जिससे पूरे शरीर में रक्त का संचार उचित तरीके से होने लगता है। ऐसे में हम कई बीमारियों की आशंका से बच सकते हैं।
एकाग्रता बढ़ाए-डांस करने से एकाग्रता बढ़ती है, जिससे आप जीवन में पहले से ज्यादा अनुशासित हो जाते हैं। डांस का अभ्यास करने से आत्मविश्वास बढ़ता है, जिससे आप चीजों पर, काम पर और खुद पर ज्यादा ध्यान देने लगते हैं।
डांस करने से पहले क्या खाएं-डांस करते समय कमजोरी महसूस न हो, इसलिए डांस करने से पहले बहुत कम खाएं या सिर्फ एक केला खा लें। याद रहे पेट भरकर खाने से नुकसान हो सकता है। डांस के दौरान ज्यादा पानी पीना भी हानिकारक हो सकता हैं। डांस करने के बाद नारियल-पानी पीना बहुत अच्छा होता है।
कौन-से डांस स्टेप सबसे फायदेमंद
बेली डांस-इसमें पेट को अलग-अलग तरीकों से घुमाया जाता है। इसमें शरीर का हर अंग थिरकता है। बेली डांस करते हुए आगे की ओर झुका जाता है। इसे पांच से सात मिनट करना काफी होता है। हिप हॉप डांस-इस डांस में पॉपिंग, लॉकिंग और ब्रेकिंग जैसे स्टेप का इस्तेमाल किया जाता है। इसे केवल पांच मिनट करने से ही आप बेहद तरोताजा महसूस करने लगेंगे।
कंटेम्परेरी डांस-यह डांस आपके ध्यान को बांधने में मददगार है। इस डांस का प्रयोग ज्यादा सक्रिय रहने के लिए किया जाता है। इसमें ऊर्जा का पूरा इस्तेमाल होता है। महज पांच मिनट तक यह डांस करने से भी काफी लाभ होता है।
बी बोइंग डांस-यह मार्शल आर्ट और डांस का मिला जुला रूप है। इससे न सिर्फ शरीर लचीला बनता है, बल्कि मोटापे को कम करने में भी यह मददगार साबित होता है। रोजाना पांच से दस मिनट तक यह डांस किया जा सकता है, लेकिन नियमितता का ध्यान जरूर रखना चाहिए।
कई बीमारियों में फायदेमंद-डांस मूवमेंट थेरेपी एक ऐसा सरल और किफायती उपाय है, जो न सिर्फ आपको ऊर्जावान बनाता है, बल्कि बहुत-सी बीमारियों से भी बचाता है।
– थायरॉएड और मोटापा होने की आशंका काफी कम हो जाती है।
– रोजाना डांस करने से शरीर में कोलेस्ट्रॉल का स्तर घटता है।
– डांस से त्वचा के वायरस नष्ट होते हैं, जिससे त्वचा स्वस्थ होती है।
– नियमित डांस दिल की धड़कन और रक्तचाप को बेहतर करता है।
– मनपसंद गानों पर कुछ देर नाचने से अवसाद के खतरे को कम करने में भी काफी मदद मिलती है।
– डांस करने से कमर और घुटने के दर्द से भी आराम मिलता है।
– यह हमें मानसिक शांति प्रदान करता है।
– इससे डिमेंशिया और पागलपन की आशंका काफी हद तक कम हो जाती है।
(दिल्ली नगर निगम की सीएमओ (एनएफएसजी) डॉ. मुजायना खातून से की गई बातचीत पर आधारित)

 

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