डेबिट कार्ड भारत को कैशलेस बनने के लिए प्रेरित करेगा वीजा

 

नई दिल्ली। भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा हाल ही में जारी किए गए आंकड़ों के अनुसार, हमारे देश में डिजिटल लेनदेन, जैसे कि विभिन्न प्रकार के पेमेंट कार्ड, वॉलेट, मोबाइल बैंकिंग आदि, में पिछले 2 वर्षों में 50 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। भारत में डेबिट कार्ड का उपयोग करने की प्राथमिकता बढ़ गई है। भारत और दक्षिण एशिया के लिए वीजा ग्रुप कंट्री मैनेजर, टीआर रामचंद्रन ने बताया कि, भारतीयों में परम्पराओं तथा आकांक्षाओं का एक अनूठा संयोजन हैं। भारतीय उपभोक्ता अपनी वित्तीय क्षमताओं के अनुरूप खर्च करना पसंद करता है लेकिन कुछ नया प्रयास करने तथा परिवर्तन करने में भी प्रायोगिक है। देशमें 950 मिलियन से ज्यादा डेबिट कार्ड का होना और हर एक डेबिट कार्ड के साथ उसकी सुरक्षा, सहजता और सुविधा पर विश्वास जाताना इस बात का प्रतीक है की भुगतान के लिए नगद से डेबिट कार्ड की ओर झुकाव हो रहा है। इसलिए सभी का ध्यान कार्डधारकों को सहज और परेशानी मुक्त भुगतान अनुभव प्रदान करने पर केंद्रित होना चाहिए। 2016 में केवल 2 लाख से लेकर अब तक पीओएस की संख्या 35 लाख हो गई है जिससे, भुगतान के बुनियादी ढांचे में निरंतर सुधार हुआ है, आज ग्राहकों को उनके कार्ड का उपयोग करने के लिए अधिक टच प्वाइंट उपलब्ध हैं। इसने न केवल उनके खरीदारी के अनुभव को सरल बनाया है बल्कि नकदी संभालने की परेशानियों से भी बचाया है। भारतीय रिजर्व बैंक ने 1 जनवरी, 2019 से बैंकों को ईएमवी चिप आधारित डेबिट कार्ड जारी करना अनिवार्य कर दिया है। चिप कार्ड को जब पर्सनल आइडेंटिफिकेशन नंबर (पिन) के साथ उपयोग किया जाता है, तो ये हमे किसी भी तरह की धोखादड़ी या फिर नकली काड्र्स से बचाता है। ईएमवी चिप कार्ड डेटा को एन्क्रिप्ट करता है और विश्वस्तर पर इसके उपयोग को सक्षम बनता है। आज वीजा के संपर्करहित डेबिट कार्ड की उपलब्धता के साथ, उपभोक्ताओं को 2,000 रुपये तक के लेनदेन के लिए व्यापारियों को कार्ड नहीं सौंपना पड़ता जिससे यह डेटा चोरी की सम्भावना को और कम करता है। कार्डधारकों के लिए सुरक्षा को और बढ़ाते हुए, आरबीआई ने हाल ही में टोकनाइजेशन पर दिशा निर्देश जारी किए हैं। डिजिटल टोकन के साथ उपभोक्ता के कार्ड नंबर को बदल दिया जाता है जिससे इसे हैक करना मुश्किल हो जाता है और यदि हैक हो भी जाता है, तब भी कार्ड का विवरण धोखेबाज के लिए बेकार हो जाता है। सरकार की सक्रिय भागीदारी से, नई पहल से और भारत को कैशलेस अर्थव्यवस्था के लिए स्थानांतरित करने के लिए दिशा निर्देश जारी कर रही है। डेबिट कार्ड उस समय मंजिल हासिल करने में निश्चित व महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

 

 

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