सभी कार्यालय समय पर खुले, कार्मिकों की समय पर उपस्थिति व ठहराव सुनिश्चित करे

जयपुर, 8 फरवरी (का.सं.)। जिला कलक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट जगरूप सिंह यादव ने जिला स्तर एवं उपखण्ड स्तर के कार्यालयाध्यक्षों को अपने क्षेत्राधिकार में संचालित कार्यालयों को समय पर खुलवाने और वहां पदस्थापित सभी कार्मिकों की समय पर उपस्थिति और कार्यालय समय में ठहराव सुनिश्चित करने के निर्देश जारी किये है। यादव ने बताया कि यह ध्यान में आया है कि जिला स्तर एवं उपखण्ड स्तर पर स्थित कई राजकीय कार्यालय समय पर नही खुलते है तथा कार्यालय में पदस्थापित अधिकारी एवं कर्मचारी समय पर उपस्थित नही होते है। कई अधिकारी व कर्मचारी प्रात: कार्यालय में उपस्थित होकर अपने हस्ताक्षर पंजिका में अंकित करने के बाद कार्य को नजरअंदाज कर कार्यालय समय में ही उपस्थित नही रहते, जिससे राजकीय कार्य पर प्रतिकूल प्रभाव पडता है। इसके कारण कार्य समय पर नही हो पाते और लोगों को जिला कार्यालय में आना पडता है। यह प्रवृति कतई उचित नही है। जिला कलक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट ने कार्यालयाध्यक्षों को अवकाश पंजिका का संधारण कराते हुये कार्मिकों द्वारा उपयोग किये जाने वाले अवकाश का नियमित इन्द्राज करने और प्रत्येक कार्यालय में एक मूवमेन्ट रजिस्टर संधारित करने के भी निर्देश दिये है, जिसमें कार्मिकों के आगमन एवं प्रस्थान का नियमित अंकन हो। उन्होंने कार्यालयों के बाहर सहज दृश्य स्थल पर जन सुनवाई का समय अंकित करते हुये बोर्ड भी लगाने के निर्देश दिये है, जिस पर कार्यालय अध्यक्ष का नाम, पदनाम, दूरभाष एवं मोबाइल नम्बर भी अंकित किया जाये। कार्यालयाध्यक्ष के अवकाश या मुख्यालय से बाहर होने पर अन्य अधिनस्थ अधिकारी द्वारा जन सुनवाई की वैकल्पिक व्यवस्था करने, कार्यालय में प्राप्त होने वाली समस्त शिकायतों को रजिस्टर में दर्ज कर नियमित निस्तारण के व्यवस्था करने तथा संबंधित प्रार्थी या शिकायतकर्ता को वस्तुस्थिति से अवगत कराने के भी निर्देश दिये गये है। इसके अलावा उच्चाधिकारियों के माध्यम से प्राप्त होने वाले अभ्यावेदनों पर त्वरित कार्यवाही करते हुये निर्धारित समयावधि प्रतिउत्तर भेजने व इसके बारे में परिवादी को सूचना देने, कार्यालय में प्राप्त होने वाले अभ्यावेदनों का समय-समय पर पर्यवेक्षण करने के भी निर्देश दिये गये है। जिला कलक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट ने बताया कि किसी कार्यालय की उच्च स्तर पर अत्यधिक शिकायते प्राप्त होती है तो प्रथमदृष्टया यह माना जाएगा कि संबंधित कार्यालय स्तर पर सही तरीके से शिकायतों का निस्तारण कर लोगों को नियमानुसार राहत प्रदान नही की जा रही है। किसी विभाग या उपखण्ड से जिला स्तर पर अत्यधिक शिकायते प्राप्त होने को गंभीरता से लिया जाएगा। साथ ही संबंधित विभाग/कार्यालयध्यक्ष के वार्षिक प्रतिवेदन/सेवाभिलेख के सुसंगत कॉलम में प्रतिकूल प्रविष्टी अंकित की जायेगी।

 

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