आप जानती हैं नवरात्र व्रत के ये नियम?

नवरात्र से लेकर दिवाली तक का समय हर परिवार के लिए बेहद रोमांचक और खुशनुमा होता है। मौसम में बदलाव के साथ-साथ त्योहारों की खुशी हर जगह सहज नजर आती है। ये खुशी मां दुर्गा की पूजा-अर्चना और आराधना से कई गुना बढ़ जाती है। अगर आप इस समय देवी की पूजा और आराधना करने के साथ-साथ व्रत रख रही हैं, तो व्रत के कुछ नियमों से वाकिफ होना आपके लिए जरूरी है। ये नियम न सिर्फ व्रत के दौरान आपको सेहतमंद और ऊर्जावान रखेंगे, बल्कि पूरी आस्था के साथ मां की आराधना करने के लिए आपको प्रेरित भी करेंगे।क्यों अच्छा है व्रत रखना: चैत्र नवरात्र और शारदीय नवरात्र मौसम बदलने के वक्त मनाया जाता है। चैत्र नवरात्र गर्मी की शुरुआत में मनाया जाता है, वहीं शारदीय नवरात्र सर्दी की शुरुआत में। बदलते हुए मौसम का सीधा असर हमारी शारीरिक और मानसिक सेहत पर पड़ता है। इस दौरान बीमार पडऩे की आशंका सबसे ज्यादा होती है। बदलते मौसम में व्रत रखना फायदेमंद होता है, क्योंकि व्रत के दौरान हम हल्का भोजन करते हैं, जिससे पाचन तंत्र को आराम मिलता है। व्रत के दौरान खाया जाने वाला आहार हल्का होने की वजह से आसानी से पच जाता है। व्रत रखने से धर्म और आस्था की ओर रुझान बढ़ता है। जब धर्म की ओर रुझान बढ़ता है तो मां की आराधना भक्त बेहतर तरीके से और सच्चे मन से कर पाते हैं।
बदल जाता है आहार: नवरात्र के व्रत के आहार में भी बदलाव आ जाता है। व्रत के दौरान शरीर को ऊर्जा मिलती रहे और आप अच्छी तरह से मां भगवती की आराधना कर सकें, इसके लिए जरूरी है कि फलाहार में आप ऐसी चीजों को शामिल करें जो पोषण प्रदान करने वाली हों। फलाहार में किन चीजों को शामिल किया जा सकता है, आइए जानें:
इस समय आप अपने आहार में अनाज और आटे के रूप में कुट्टू का आटा, सिंघाड़े का आटा, चौलाई का आटा, सामक के चावल और सामक का आटा आदि शामिल कर सकती हैं। आप कुट्टू के आटे में आलू मिलाकर उससे पूरी या परांठा बना सकती हैं। इसी तरह से सामक के चावल की खीर बना सकती हैं। आप अपनी पसंद और स्वाद के अनुसार इन सारी चीजों का इस्तेमाल व्रत के दौरान कर सकती हैं।
व्रत के दौरान आलू, शकरकंद, अरबी, कचालू, सूरन या जिमीकंद, कच्चा केला, कच्चा पपीता आदि का इस्तेमाल सब्जियों के तौर पर कर सकती हैं। कुछ लोग टमाटर, पालक, लौकी, खीरा, गाजर, तोरी आदि को भी अपने व्रत के आहार में शामिल करते हैं। आप भी इनसे फलाहार तैयार कर सकती हैं।खुद को पोषण प्रदान करने के लिए आप व्रत करते समय अपने आहार में सभी फलों मसलन केला, सेब, अनार, मौसमी आदि को शामिल कर सकती हैं। इसके अलावा आप व्रत करते समय सभी सूखे मेवे भी खा सकती हैं।अगर आपको व्रत के दौरान भूख लग रही हो या कमजोरी महसूस हो रही हो तो मु_ी भर सूखे मेवे खायें, इससे आपको भूख नहीं लगेगी और ना ही कमजोरी महसूस होगी।

व्रत के दौरान आप दूध और उससे बने सभी उत्पादों मसलन दही, क्रीम, सफेद मक्खन, घी, खोया और कंडेंस्ड दूध का इस्तेमाल कर सकती हैं। अगर आपको बाजार का पनीर और दही खाने से परहेज है तो घर पर बना पनीर और दही इस्तेमाल करें। पनीर बनाने के लिए गर्म दूध में नीबू का निचोड़ दें। साफ सूती कपड़े में इसे छान लें और कपड़े को बांधकर थोड़ी देर के लिए छोड़ दें। बाजार जैसा पनीर घर पर ही बन जाएगा।
मसालों का भी कर सकती हैं उपयोग: ऐसा नहीं है कि व्रत के दौरान मसालों का सेवन करना वर्जित है। इस दौरान आप जीरा, जीरा पाउडर, काली मिर्च, काली मिर्च पाउडर, छोटी इलायची, लौंग, दालचीनी, अजवाइन, जायफल और सेंधा नमक का इस्तेमाल कर सकती हैं। कुछ लोग व्रत के दौरान धनिया, करी पत्ता, पुदीना, काला नमक, लाल मिर्च पाउडर, अमचूर पाउडर, चाट मसाला आदि का भी इस्तेमाल करते हैं। आप चाहें तो आप भी व्रत के दौरान बनने वाले व्यंजनों को स्वादिष्ट बनाने के लिए इनका इस्तेमाल कर सकती हैं।
इन्हें भी खा सकते हैं व्रत के दौरान: साबूदाना, मखाना, नारियल और नारियल का दूध, चीनी, अदरक, हरी मिर्च, नीबू, शहद, इमली, खरबूज और तरबूज का बीज, मूंगफली और मूंंगफली का तेल।
व्रत के दौरान आप चाय, ताजे फल और उनसे बने जूस को भी अपने आहार में शामिल कर सकती हैं।तलने के लिए मूंगफली का तेल या देसी घी का इस्तेमाल करें। देसी घी के इस्तेमाल की सलाह फलाहार बनाने में करने के लिए इसलिए दी जाती है क्योंकि घी को शुद्ध माना जाता है और इसका उपयोग पूजा-पाठ में भी किया जाता है। अगर व्रत के दौरान आपका आइसक्रीम खाने का मन है, तो घर पर बनी आइसक्रीम खा सकती हैं, लेकिन बाजार की आइसक्रीम का सेवन व्रत के दौरान ना करें। इसमें बहुत सारे प्रिजर्वेटिव्स मिले होते हैं, जिनका सेवन व्रत के दौरान करना मना है।
ये नहीं हैं फलाहार का हिस्सा : व्रत के दौरान प्याज और लहसुन का सेवन ना करें।
सामान्य दिनों में खाये जाने वाले दाल, चावल, आटा, मैदा, बेसन और सूजी का इस्तेमाल ना करें।
मसालों में हल्दी, हींग, राई, मेथी दाना, गरम मसाला और धनिया पाउडर का व्रत के दौरान सेवन ना करें।
व्रत के दिनों में सामान्य नमक की बजाय सेंधा नमक का इस्तेमाल करें। मांस, मदिरा, धूम्रपान, डिब्बाबंद जूस, शीतल पेय पदार्थ आदि का सेवन व्रत के दौरान वर्जित है।इनके अलावा सोया रिफांइड तेल, सरसों का तेल, सूरजमुखी का तेल, ओट्स, मकई के दाने, मकई का आटा आदि का इस्तेमाल व्रत के दौरान ना करें।

 

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