हेल्थ सप्लिमेंट्स लेते हैं तो हो जाएं सावधान, खराब हो सकती है किडनी

डॉक्टरों का कहना है कि हेल्थ सप्लिमेंट्स में कुछ ऐसे ज़हरीली तत्व होते हैं जो किडनी को खराब कर सकते हैं। इसलिए इनका सेवन सोच-समझकर करना चाहिए। इनकी जगह हेल्दी डाइट लें। नौकरीपेशा लोगों में एक आदत अकसर देखी गई है। जल्दबाज़ी के चक्कर में वे नाश्ता नहीं करते, दिन में बाहर ही खा लेते हैं और रात को डिनर भी बाहर से ही ऑर्डर कर लेते हैं। यानी एक हेल्दी डाइट लेने या फिर एक्सर्साइज़ के लिए पर्याप्त समय ही नहीं होता। हालांकि ऐसा नहीं है कि नौकरीपेशा लोग अपने स्वास्थ्य को लेकर संजीदा नहीं है। वे बहुत ही हेल्थ कॉन्शस हैं और इसीलिए वे रोज़ाना हेल्थ सप्लिमेंट्स भी लेते हैं। डॉक्टरों का मानना है कि इम्यूनिटी को बूस्ट करने का दावा करने वाले हर्बल सप्लिमेंट्स के अलावा कई तरह के मल्टिविटामिन्स और अन्य हेल्थ सप्लिमेंट्स लोगों के बीच काफी पॉप्युलर हैं। अपोलो हॉस्पिटल के इंटरनल मेडिसिन के सीनियर कंसल्टेंट डॉक्टर सूरनजीत चटर्जी के अनुसार, इन हेल्थ सप्लिमेंट्स का क्या फायदा होता है, इसका कोई प्रमाण नहीं है। वहीं इंस्टिट्यूट ऑफ लिवर ऐंड बाइलिएरी साइंसेज़ के नेफ्रोलॉजी विभाग के सीनियर कंसल्टेंट डॉ. आर. पी. माथुर ने कहा कि कुछ हेल्थ प्रॉडक्ट्स में ज़हरीले तत्व होते हैं जिनका लंबे समय तक सेवन करने से किडनी खराब हो सकती है। हार्वर्ड मेडिकल स्कूल द्वारा जारी की गई एक अडवाइजऱी कहती है कि शरीर में स्थित कोशिकाओं की संख्या को बढ़ावा देना सही नहीं है। उदाहरण के तौर पर अथलीट्स को ही ले लीजिए। जो अथलीट्स ब्लड डोपिंग करते हैं यानी अपने बॉडी सिस्टम में इतना ब्लड पंप कर लेते हैं जिससे ब्लड सेल्स (रक्त कोशिकाएं) और उनकी परफॉर्मेंस को बढ़ाया जा सके, उनमें स्ट्रोक होने का रिस्क सबसे ज़्यादा होता है। हार्वर्ड की अडवाइजऱी कहती है कि इम्यून सिस्टम को हेल्दी रखने के लिए हेल्दी लाइफस्टाइल बेहद ज़रूरी है। ज़रूरी है कि नियमित तौर पर फल और सब्जियों का सेवन किया जाए, हेल्दी वेट मेनटेन किया जाए, स्मोकिंग न करें और नियमित रूप से एक्सर्साइज़ करें। इसके अलावा अपने हाथों की साफ-सफाई का ध्यान रखें ताकि किसी भी संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आने के बाद कोई इंफेक्शन न फैले। डॉक्टरों का कहना है कि बीते कुछ सालों में हेल्थ सप्लिमेंट्स का इस्तेमाल काफी बढ़ गया है। कई बार तो डॉक्टर ही प्रिस्क्राइब कर देते हैं तो कई बार लोग खुद से ही उन्हें खरीदकर इस्तेमाल करना शुरू कर दते हैं। चूंकि ये हेल्थ सप्लिमेंट्स आसानी से हर केमिस्ट शॉप और काउंटर पर उपलब्ध होते हैं, इसलिए लोगों को लगता है कि इनका इस्तेमाल एकदम सुरक्षित है। लेकिन ऐसा नहीं है। फोर्टिस सी-डॉट के चेयरमैन डॉ अनूप मिश्रा कहते हैं कि हेल्दी डाइट ने ले पाने की वजह से जिन ज़रूरी पोषक तत्वों की कमी शरीर में होती है, उसके लिए लोग हेल्थ सप्लिमेंट्स ले लेते हैं। कई बार डॉक्टर भी भारी मात्रा में उन्हें प्रिस्क्राइब कर देते हैं।

 

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