पैसेंजर वीइकल मार्केट में तीसरे नंबर पर टाटा मोटर्स की नजर

मुंबई। घरेलू कंपनी टाटा मोटर्स ने फाइनैंशल इयर 2018 में इंडियन पैसेंजर वीइकल मार्केट में होंडा कार्स को पीछे छोड़ते हुए चौथा स्थान हासिल कर लिया है। टाटा मोटर्स को अपनी छोटी कार टिएगो से बड़ा फायदा मिला है जिसकी बिक्री में अच्छी बढ़ोतरी देखने को मिली है।नई एसयूवी नेक्सन की मजबूत डिमांड और टिएगो हैचबैक की अच्छी बिक्री से टाटा मोटर्स को बिक्री बढ़ाने में मदद मिली है। टाटा मोटर्स ने 2017-18 वित्त वर्ष के दौरान 1.87 लाख कारों की बिक्री की। इस दौरान कंपनी की बिक्री में 22त्न की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। वहीं होंडा कार्स इंडिया ने आठ फीसदी की सुस्त ग्रोथ के साथ 1.7 लाख कारों की बिक्री की। टाटा मोटर्स को पैसेंजर वीइकल मार्केट में अगले साल भी डबल डिजिट ग्रोथ का अनुमान है। हालांकि उसके लिए अपनी प्रतिस्पर्धी घरेलू कंपनी महिंद्रा ऐंड महिंद्रा को तीसरी पोजिशन से हटाना बड़ा चुनौतीपूर्ण हो सकता है। पैसेंजर वीइकल मार्केट में महिंद्रा ऐंड महिंद्रा फाइनैंशल इयर 2018 में तीसरे नंबर पर रही थी। इस दौरान कंपनी ने 2.5 लाख कारों की बिक्री की थी, जो टाटा मोटर्स की बिक्री के मुकाबले बहुत ज्यादा है। स्कॉर्पियो बनाने वाली महिंद्रा ऐंड महिंद्रा ने फाइनैंशल इयर 2019 में तीन नई यूवी को लॉन्च करने की योजना बना रखी है। टाउनहॉल मीटिंग में शामिल होने वाले एक व्यक्ति के मुताबिक, ‘टाटा ग्रुप के चेयरमैन एन चंद्रशेखरन ने पहले ही टाटा मोटर्स को आने वाले साल में डबल डिजिट मार्केट शेयर और दोगुना मार्जिन हासिल करने का लक्ष्य दिया है। टाटा मोटर्स के मैनेजिंग डायरेक्टर गुंटर बुश्चेक एंप्लॉयीज से पहले ही कह चुके हैं कि कंपनी 2019 में एक बार फिर से टर्नअराउंड 2.0 स्ट्रैटजी के तहत एक बड़ा टारगेट हासिल करने की कोशिश करेगी। बुश्चेक ने कहा, ‘हम 2018 की तरह फाइनैंशल इयर 2019 में भी सेल्स, मार्केट शेयर और फाइनैंशल परफॉर्मेंस में बड़े लक्ष्यों को हासिल करने की कोशिश करेंगे। हमें उम्मीद है कि हम ऐसा करने में कामयाब रहेंगे।’ कंपनी ने टर्नअराउंड 2.0 पर काम शुरू किया है, जिसके तहत वह न केवल पैसेंजर वीइकल डिवीजन में हाई ग्रोथ हासिल करना चाहती है बल्कि वह इसके तहत अपनी एफिशिएंसी को बेहतर बनाने और कॉस्ट कम करने की कोशिश कर रही है। फाइनैंशल इयर 2018 में पैसेंजर वीइकल सेगमेंट में कंपनी ने 1,000 करोड़ रुपये की लागत कम करने में कामयाबी हासिल की थी। मामले की जानकारी रखने वाले लोगों के मुताबिक कंपनी फाइनैंशल इयर 2019 में भी और 500 करोड़ रुपये की कॉस्ट कम करने का लक्ष्य लेकर चल रही है। गुंटर ने कहा, ‘पीवी सेगमेंट में कॉस्ट रिडक्शन के लक्ष्य को हासिल करके हम भविष्य में अपने लिए फंड को सुरक्षित रख पाएंगे। इससे हमें इस सेगमेंट में नंबर 3 पोजिशन हासिल करने में भी मदद मिलेगी।

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