डॉ. जीके प्रभु बने मणिपाल यूनिवर्सिटी जयपुर के प्रेसिडेंट

जयपुर, 9 फरवरी(एजेन्सी)। मणिपाल ऐकेडेमी ऑफ हायर एजुकेशन के प्रो वाइस चांसलर डॉ जीके प्रभु को मणिपाल यूनिवर्सिटी जयपुर का प्रेसिडेंट बनाया गया है। वे 14 फरवरी को पदभार ग्रहण करेंगे। डॉ प्रभु एमएएचई में कई पदों पर रह चुके हैं। सितंबर 2015 में उनका चुनाव मणिपाल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नालॉजी का नेतृत्व करने के लिए किया गया था और जब वे डायरेक्टर के पद पर थे तभी अप्रैल 2017 में उन्हें प्रो वीसी बना दिया गया। वे मणिपाल यूनिवर्सिटी की इंजीनियरिंग औऱ मैनेजमेंट संस्थाओं की रणनीतिक योजनाओं के विकास और उसे लागू करने के लिए जिम्मेदार थे। एमआईटी का डायरेक्टर बनने से पहले डॉ प्रभु ने साढ़े सात साल तक विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार के रूप में काम किया था। डॉ प्रभु ने अपने कैरियर की शुरुआत एमआईटी, मणिपाल से 1989 में इलेक्ट्रॉनिक्स और कम्युनिकेशन इंजीनियरिंग के लेक्चरर के रूप में की थी। इन्होंने अपने लिए एक प्रशंसित शिक्षक के रूप मे जगह बनाई है। अनुसंधान से इनका लगाव है और कई ख्यातिप्राप्त राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय पत्रिकाओं में उनके कई आलेख प्रकाशित हुए हैं। बायोमेडिकल इंजीनियरिंग में उनकी प्रकाशित कृति के लिए नेशनल ऐकेडमी ऑफ मेडिकल साइंसेज ने 2007 में उन्हें श्याम लाल सक्सेना मेमोरियल अवार्ड से सम्मानित किया था। डॉ प्रभु पेशेवर संस्था बायोमेडिकल इंजीनियरिंग सोसाइटी ऑफ इंडिया के सदस्य हैं और 2002-08 के दौरान इस एसोसिएशन के सेक्रेट्री रहे हैं। एमआईटी के निदेशक के रूप में उन्होंने कई छात्र केंद्रित पहल का नेतृत्व किया है। इसमें एमआईटी कैम्पस और संरचना के उन्नयन और आधुनिकीकरण की शुरुआत शामिल है।

 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *