हड्डियों की मजबूती के लिए जरूर खाएं मशरूम

मशरूम में कई ऐसे जरूरी पोषक तत्व मौजूद होते हैं, जिनकी शरीर को बहुत आवश्यकता होती है। साथ ही ये फाइबर का भी एक अच्छा माध्यम है। कई बीमारियों में मशरूम का इस्तेमाल दवाई के तौर पर किया जाता है। इनमें विटामिन बी, डी, पोटैशियम, कॉपर, आयरन और सेलेनियम की पर्याप्त होती है। इसके अलावा मशरूम में कोलिन नाम का एक खास पोषक तत्व पाया जाता है, जो मांसपेशियों की सक्रियता और याददाश्त बरकरार रखने में बेहद फायदेमंद रहता है।

1. मशरूम में एंटी-ऑक्सीडेंट भूरपूर होते हैं।

2. मशरूम में मौजूद तत्व रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाते हैं। इससे सर्दी-जुकाम जैसी बीमारियां जल्दी-जल्दी नहीं होतीं। मशरूम में मौजूद सेलेनियम इम्यून सिस्टम के रिस्पॉन्स को बेहतर करता है।

3. मशरूम विटामिन डी का भी एक बहुत अच्छा माध्यम है। यह विटामिन हड्डियों की मजबूती के लिए बहुत जरूरी होता है। नियमित तौर पर मशरूम खाने पर हमारी आवश्यकता का 20 प्रतिशत विटामिन डी हमें मिल जाता है।

4. मशरूम में बहुत कम मात्रा में कार्बोहाइड्रेट्स होते हैं, जिससे वह वजन और ब्लड शुगर लेवल नहीं बढ़ाता।

5. मशरूम में बहुत कम मात्रा में कोलेस्ट्रॉल होता है और इसके सेवन से काफी वक्त तक भूख नहीं लगती।

6. इसमें वसा, मिनरल और फाइबर की मात्रा पाई जाती है। इसके सेवन से पेट संबंधी रोग और मौसमी बीमारियों से भी छुटकारा पाया जा सकता है।

इसके अलावा मशरूम को बालों और त्वचा के लिए भी काफी फायदेमंद माना जाता है। वहीं कुछ स्टडीज में मशरूम के सेवन से कैंसर होने की आशंका कम होने की बात तक कही गई है।इस आलेख में दी गई जानकारियों पर हम यह दावा नहीं करते कि ये पूर्णतया सत्य व सटीक हैं तथा इन्हें अपनाने से अपेक्षित परिणाम मिलेगा। इन्हें अपनाने से पहले संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।

हड्डियां रहेंगी सेहतमंद, करें ये उपाय

अपनी हड्डियों को सेहतमंद रखना बहुत जरूरी है, क्योंकि ये शरीर को एक ढांचा देती हैं, जरूरी अंगों की रक्षा करती हैं और चलने या दौडऩे में व्यक्ति की मदद करती हैं। इसलिए इनका विशेष ख्याल रखना जरूरी हो जाता है।

कैल्शियम व विटामिन डी का स्तर

कैल्शियम व विटामिन डी की कमी होने की वजह से भारतीयों में इस रोग की आशंका काफी बढ़ रही है। यह केवल भ्रम है कि सिर्फ उम्र ऑस्टियोपोरोसिस जैसी बीमारियों का कारण बनती है। अगर हम डेयरी उत्पाद सहित कैल्शियम से भरपूर आहार और विटामिन डी के सप्लिमेंट्स नहीं लेते तो ऑस्टियोपोरोसिस होने की आशंका बहुत अधिक बढ़ जाती है।

अतिरिक्त वजन पर रखें नजर 

हड्डियां बचपन में विकसित होती हैं और शरीर के वजन के अनुसार इनका विकास होता है। बहुत ज्यादा वजन हड्डियों, जोड़ों और मांसपेशियों की वृद्धि व सेहत को गंभीर रूप से प्रभावित कर सकता है। बहुत ज्यादा वजन ग्रोथ प्लेट्स पर अतिरिक्त दबाव बनाता है, जिसकी वजह से आरंभ में आथ्र्राइटिस हो सकता है और बाद में कई अन्य जटिलताएं भी हो सकती हैं। अध्ययन बताते हैं कि हमारे अतिरिक्त वजन का हर एक किलोग्राम घुटनों पर 1.8 किलोग्राम का अतिरिक्त दबाव बनाता है।

हड्डियों के लिए जरूरी है व्यायाम

नियमित रूप से कसरत करने से प्रतिरक्षा तंत्र को बेहतर करने, हड्डियों की मजबूती को बनाए रखने, जोड़ों को बेहतर काम करने, अतिरिक्त वजन को नियंत्रित करने और जिंदगी की संपूर्ण गुणवत्ता को बेहतर करने में मदद मिलती है। धूम्रपान और सिगरेट के सेवन से भी बचना बहुत जरूरी होता है।

 

 

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