ज्यादा फल खाने से वेट लॉस में हो सकती है मुश्किल, हेल्दी खाना भी कर सकता है नुकसान

रिसर्चर्स का कहना है कि हेल्दी फूड्स को ज्यादा मात्रा में खाना आसान होता है लेकिन इसके साथ भी वही नियम लागू होता है जो जंक फूड के साथ होता है।हम सभी बचपन से सुनते आए हैं कि फल खाना सेहत के लिए बेहद अच्छा है। जो लोग अपनी डायट को लेकर सतर्क रहते हैं वे अपने खाने में कई फल शामिल करते हैं। वेट लॉस के लिए भी लोग अपने डायट में कार्ब कम करके फ्रूट्स की मात्रा बढ़ा देते हैं। अब एक स्टडी में यह बात सामने आई है कि ज्यादा फल खाना भी नुकसान करता है। खासकर, जो लोग वजन घटाना चाहते हैं, उनको इससे परेशानी हो सकती है। एक रिसर्चर ने कहा कि फल भले ही पोषक होते हैं लेकिन इनसे भी वजन बढ़ सकता है। आपका मकसद कैलरी की मात्रा पर नियंत्रण करना होना चाहिए, न कि इसपर कि आप क्या खा रहे हैं। उन्होंने कहा कि हेल्दी फूड्स को ज्यादा मात्रा में खाना आसान होता है लेकिन इसके साथ भी वही नियम लागू होता है जो जंक फूड के साथ होता है।
वजन घटाना इस बात पर निर्भर करता है कि आप जितनी कैलरी बर्न करते हैं, आपकी डायट में उससे कम कैलरी होनी चाहिए। रिसर्चर Shatnz  ने बताया कि उनके पास कई लोग शिकायत लेकर आते हैं कि डायटिंग के बाद भी उनका वजन कम नहीं होता है। वे चौंक जाते हैं जब वह उनसे कहती हैं कि यह ज्यादा फल खाने की वजह से हो रहा है।
फैट-फ्री या लो फैट लेबल वाले फूड्स भी चिंता का विषय हैं। अकसर लोग हेल्दी कहे जाने वाले खाने तो जितना मन उतना खाने की छूट ले लेते हैं। ध्यान देना चाहिए कि अति हर चीज की बुरी होती है। वेट लॉस के मामले में तो इस फॉर्म्युले का और भी महत्व है।
Pneumonia से बचाएंगे सेब-संतरे जैसे फल, बैक्टीरिया पर किया गया रिसर्च- लीड रिसर्चर नेलसन गेकरा का कहना है कि शरीर बैक्टीरिया से लडऩे के लिए हाइड्रोजन पैरोक्साइड बनाता है। हैरानी वाली बात यह है कि कुछ बैक्टीरिया इम्यून सिस्टम पर हमला करने के लिए भी इसी कंपाउंड को बनाते हैं। फलों में मौजूद पोषक तत्वों के बारे में तो आपने खूब सुना होगा इनमें मौजूद मिनरल और विटमिन कई तरह की बीमारियों से बचाते हैं। आपने अकसर लोगों को कहते हुए सुना होगा कि फल खाते रहेंगे तो डॉक्टर के पास नहीं जाना पड़ेगा। सिर्फ पोषण की पूर्ति ही नहीं बल्कि यह आपको निमोनिया जैसी बीमारी से भी बचाते हैं। यह बात एक नई रिसर्च में सामने आई है। विटमिन सी युक्त फल निमोनिया के बैक्टीरिया से लडऩे के लिए शरीर की इम्यूनिटी को बढ़ाते हैं। बता दें कि संतरा, सेब, नींबू, अमरूद जैसे फल विटमिन सी से भरपूर होते हैं। रिसर्च में पता चला है कि बैक्टीरिया हाइड्रोजन पैरोक्साइड की मदद से इम्यून सिस्टम कमजोर करते हैं और निमोनिया का कारण बनते हैं। हाइड्रोजन पैराऑक्साइड को ब्लीचिंग एजेंट भी कहते हैं। इसे दांतों की सफाई, स्टेन रिमूवर और डिसइनफेक्टेंट की तरह भी इस्तेमाल किया जाता है। लीड रिसर्चर नेलसन गेकरा का कहना है कि शरीर बैक्टीरिया से लडऩे के लिए हाइड्रोजन पैरोक्साइड बनाता है। हैरानी वाली बात यह है कि कुछ बैक्टीरिया इम्यून सिस्टम पर हमला करने के लिए भी इसी कंपाउंड को बनाते हैं। ऐसे में इनसे लडऩे के लिए कुछ ऐसा चाहिए जो इसे न्यूट्रलाइज कर दे। फलों में मौजूद विटमिन सी इसके लिए सबसे कारगर हथियार हो सकता है। विटमिन सी से ऐंटी-बैक्टीरियल इम्यूनिटी बढ़ेगी। इस रिसर्च में प्रमुख रूप से निमोनिया के बैक्टीरिया पर अध्ययन किया गया। निमोनिया के बैक्टीरिया हाइड्रोजन पैरोक्साइड बनाकर इम्यून सिस्टम को कमजोर कर देते हैं।

 

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