2019- नए साल में पीएफ पर ज्यादा ब्याज देने की तैयारी

 

 

नई दिल्ली। कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) नए साल में अपने अंशधारकों को अपने कोष से शेयर बाजार में किए जाने वाले निवेश को बढ़ाने या घटाने का विकल्प दे सकता है। ईपीएफओ की यह तैयारी अंशधारकों को पीएफ पर ज्यादा ब्याज देने के लिए है।वित्तीय विशेषज्ञों का कहना है कि ईपीएफओ अपने अंशधारकों को ज्याद ब्याज मुहैया करना चाहता है। वह इसके लिए पीएफ अंशधारकों को जोखिम लेने की क्षमता के आधार पर इक्विटी में निवेश घटाने या बढ़ाने का विकल्प देने की तैयारी में है। इस विकल्प मिलने के बाद जो अंशधारक अपने कोष पर अधिक रिटर्न लेना चाहेंगे वो शेयर बाजारों में निवेश बढ़ाएंगे। इससे उनके ज्यादा ब्याज मिल सकेगा। वर्तमान में ईपीएफओ खाताधारकों के जमा का 15 प्रतिशत तक एक्सचेंज ट्रेडेड फंड (ईटीएफ) में निवेश करता है। इस मद में अब तक करीब 55,000 करोड़ रुपये का निवेश हुआ है। ईटीएफ में किया गया निवेश अंशधारकों के खाते में नहीं दिखाई देता है और न ही उनके पास अपनी भविष्य की इस बचत से शेयर में निवेश की सीमा बढ़ाने का विकल्प है। ईपीएफ अब एक ऐसा सॉफ्टवेयर विकसित कर रहा है जो कि सेवानिवृत्ति बचत में नकदी और ईटीएफ के हिस्से को अलग दिखाएगा।श्रम मंत्री संतोष गंगवार ने बताया, कर्मचारियों के साथ-साथ नियोक्ताओं के लिए भी सेवाओं को आसान बनाया गया है। प्रधानमंत्री रोजगार प्रोत्साहन योजना के तहत भारत सरकार एक अप्रैल 2018 से तीन साल के लिए नए कर्मचारियों के वास्ते नियोक्ता के पूरे अंशदान (ईपीएफ और ईपीएस) का भुगतान कर रही है।

 

 

 

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